क्या वल्टोहा सरपंच हत्याकांड में गिरफ्तार आरोपियों से जुड़े हैं बड़े राज?
सारांश
Key Takeaways
- गिरफ्तारी से मामले में नए खुलासे होने की संभावना है।
- गैंगस्टर नेटवर्क का विस्तार चिंता का विषय है।
- पुलिस कार्रवाई से कानून-व्यवस्था में सुधार की उम्मीद।
- राजनीतिक माहौल प्रभावित हुआ है।
- आरोपियों की पहचान सामने आई है।
तरनतारन, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वल्टोहा सरपंच जरमल सिंह की हत्या के मामले में पंजाब पुलिस को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी शूटर बताए जा रहे हैं। अदालत से आरोपियों का ट्रांजिट रिमांड भी मिल गया है, जिससे उन्हें पंजाब लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और आगे की पूछताछ की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तरनतारन निवासी सुखराज सिंह और कर्मवीर के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने यह हत्या किसी निजी रंजिश के कारण नहीं, बल्कि विदेश में बैठे अपने आका और कुख्यात अपराधी प्रभ दासुवाल के इशारे पर की थी। पुलिस का मानना है कि यह मामला गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और इसके पीछे एक गहरी साजिश रची गई थी। फिलहाल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस हत्याकांड में और कौन लोग शामिल हैं।
यह घटना 4 जनवरी को हुई थी, जब तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के आम आदमी पार्टी के सरपंच जरमल सिंह एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए अमृतसर के वेरका स्थित मैरी गोल्ड मैरिज पैलेस पहुंचे थे। समारोह के दौरान दो युवक उनके नजदीक आए और नजदीक से उनके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही सरपंच मौके पर गिर पड़े, जिससे मैरिज पैलेस में अफरा-तफरी मच गई और लोग यहां-वहां भागने लगे।
घायल अवस्था में सरपंच को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हत्या के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और लोगों में भारी रोष देखने को मिला। सरपंच की हत्या ने राजनीतिक माहौल को भी गरमा दिया और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे।
इस बीच, पंजाब पुलिस के डीजीपी गौरव यादव इस मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं, जिसमें जांच से जुड़े महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही साफ शब्दों में गैंगस्टरों को चेतावनी दे चुके हैं कि यदि कोई यह सोचता है कि वह गोली चलाकर बच जाएगा, तो यह उसकी सबसे बड़ी गलती होगी।