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क्या पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर को महात्मा गांधी की विरासत दिखाई?

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क्या पीएम मोदी ने जर्मन चांसलर को महात्मा गांधी की विरासत दिखाई?

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने साबरमती आश्रम में महात्मा गांधी की विरासत का अनुभव किया। इस दौरान, दोनों नेताओं ने साझा मूल्यों का जश्न मनाया और गांधी जी के आदर्शों पर चर्चा की। यह घटना महात्मा गांधी की शिक्षाओं की प्रासंगिकता को उजागर करती है।

मुख्य बातें

पीएम मोदी और फ्रेडरिक मर्ज ने साबरमती आश्रम में गांधी जी की विरासत का अनुभव किया।
द्विपक्षीय वार्ता में व्यापार, तकनीक, और शिक्षा पर चर्चा हुई।
महात्मा गांधी के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं।

अहमदाबाद, 12 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज महात्मा गांधी के साबरमती स्थित आश्रम में गए। प्रधानमंत्री ने मर्ज को बापू की विरासत का सीधा अनुभव कराया। उन अनमोल क्षणों की तस्वीरें विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

विदेश मंत्रालय ने तीन तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा, "महात्मा की विरासत को एक साथ देखना, साझा मूल्यों का जश्न मनाना है। पीएम मोदी और फ्रेडरिक मर्ज साबरमती आश्रम पहुंचे, जहां से गांधी जी ने दांडी मार्च की शुरुआत की थी। दोनों ने बापू की प्रतिमा पर फूल अर्पित किए और उनके चिरस्थायी आदर्शों पर गहराई से विचार किया। मर्ज ने चरखा चलते हुए देखा और बापू के विजन की अनंत विरासत को खुद अनुभव किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर के बीच सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता भी हुई। यह बैठक दोनों देशों के बीच 25 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा करने और विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।

बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, तकनीक, शिक्षा, कौशल और मोबिलिटी में सहयोग पर चर्चा की। इसके साथ ही रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान, अनुसंधान, हरित विकास, और लोगों के बीच संबंधों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी ध्यान दिया गया।

मर्ज दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं। पीएम मोदी के साथ उन्होंने सोमवार सुबह पहले अहमदाबाद में साबरमती आश्रम पहुंचकर महात्मा गांधी को नमन किया था। आश्रम के बाद मोदी-मर्ज साबरमती रिवरफ्रंट गए, जहां उन्होंने इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल में भाग लिया और साथ में पतंग उड़ाई।

मर्ज ने आश्रम का दौरा करने के बाद गेस्ट बुक में लिखा- महात्मा गांधी की अहिंसा की अवधारणा, स्वतंत्रता की शक्ति में उनका विश्वास और हर व्यक्ति की गरिमा में उनकी आस्था आज भी लोगों को प्रेरित करती है। गांधी के आदर्शों की आज पहले से कहीं ज्यादा आवश्यकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महात्मा गांधी का साबरमती आश्रम कहाँ है?
साबरमती आश्रम अहमदाबाद, गुजरात में स्थित है।
प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर की यह यात्रा कब हुई?
यह यात्रा 12 जनवरी को हुई।
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच साझेदारी को मजबूत करना था।
राष्ट्र प्रेस
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