क्या वाराणसी में एआई लैब का उद्घाटन छात्रों के लिए नई तकनीकी संभावनाएं लाएगा?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या वाराणसी में एआई लैब का उद्घाटन छात्रों के लिए नई तकनीकी संभावनाएं लाएगा?

सारांश

वाराणसी में एक नई हाई-टेक रोबोटिक्स लैब स्थापित होने जा रही है। यह प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पहली बार हो रहा है, जिसमें छात्रों को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिलेगा। क्या यह लैब छात्रों के लिए नई संभावनाएं खोलेगी?

मुख्य बातें

वाराणसी में पहली सरकारी स्कूल की रोबोटिक्स लैब का उद्घाटन।
छात्रों को आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षण मिलेगा।
31 राजकीय स्कूलों के छात्रों को मिलेगा लाभ।
धर्मेंद्र सिंह का योगदान महत्वपूर्ण।
गुजरात से विशेषज्ञ टीम का सहयोग।

वाराणसी, 10 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में पहली बार किसी सरकारी स्कूल में हाई-टेक रोबोटिक्स लैब की स्थापना होने जा रही है। वाराणसी के प्रसिद्ध क्वींस कॉलेज में निर्मित यह अत्याधुनिक लैब नए साल से छात्रों के लिए खोली जाएगी। इस परियोजना को कॉलेज के पूर्व छात्र और आईआईआईटी वडोदरा के निदेशक प्रो. धर्मेंद्र सिंह ने अपने प्रयासों से साकार किया है।

क्वींस कॉलेज के प्रिंसिपल सुमित कुमार श्रीवास्तव ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह दृष्टिकोण है कि पूर्व छात्र अपनी विशेषज्ञता को अपनी मातृ संस्थानों के विकास के लिए समर्पित करें। इसी सोच के अनुसार प्रो. धर्मेंद्र सिंह ने विद्यालय में रोबोटिक्स लैब का निर्माण किया है।

उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के किसी सरकारी विद्यालय में स्थापित होने वाली पहली रोबोटिक्स लैब है, जहां छात्र आधुनिक तकनीक से संबंधित शिक्षा का अनुभव कर सकेंगे।

नई लैब में छात्रों को रोबोट निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन निर्माण, इलेक्ट्रिक व्हीकल तकनीक और विज्ञान-प्रौद्योगिकी से जुड़े अन्य कौशलों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रिंसिपल श्रीवास्तव ने बताया कि प्रारंभिक चरण में वाराणसी के 31 राजकीय स्कूलों के छात्रों को इस लैब में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद मंडल के चार अन्य जिलों के छात्रों को भी लाभ पहुंचाने की योजना है। इसी उद्देश्य से आईआईआईटी वडोदरा और क्वींस कॉलेज के बीच एक एमओयू साइन किया जा रहा है, जिसके तहत गुजरात से विशेषज्ञ टीम आकर ड्रोन तकनीक का प्रशिक्षण देगी।

लैब के शुभारंभ को लेकर छात्रों में भी काफी उत्साह है। छात्र गणेश ने बताया कि एआई लैब की मदद से उन्होंने पहले एक रोबोट बनाया था, लेकिन अब नई सुविधाओं के माध्यम से उसे और उन्नत रूप में विकसित कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि इस लैब से छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ प्रयोग करने और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को तैयार करने का अवसर मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह प्रदेश के सरकारी विद्यालयों के विकास में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। यह एक सकारात्मक पहल है जो छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करेगी।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यह लैब कब खोली जाएगी?
यह लैब नए साल से छात्रों के लिए खोली जाएगी।
इस लैब में छात्रों को क्या-क्या सिखाया जाएगा?
छात्रों को रोबोट निर्माण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन निर्माण, इलेक्ट्रिक व्हीकल तकनीक आदि का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
कौन इस लैब के निर्माण में मुख्य भूमिका निभा रहा है?
इस लैब के निर्माण में प्रो. धर्मेंद्र सिंह का महत्वपूर्ण योगदान है।
राष्ट्र प्रेस