वीजीआरसी सूरत: सीएम भूपेंद्र पटेल ने जापानी राजदूत ओनो कोईची से की मुलाकात, सेमीकंडक्टर निवेश पर बनी सहमति
सारांश
Key Takeaways
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 1 मई 2026 को सूरत में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस (वीजीआरसी) के दौरान भारत में जापान के राजदूत ओनो कोईची के साथ महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक में विशेष रूप से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में जापानी निवेश की संभावनाओं और गुजरात के साथ आर्थिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
बैठक की मुख्य बातें
जापानी राजदूत ओनो कोईची ने वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बधाई दी। उन्होंने गुजरात के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने की जापान की प्रतिबद्धता को एक बार फिर दोहराया। राजदूत ने स्पष्ट किया कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में जापानी कंपनियाँ गुजरात के साथ साझेदारी करने को विशेष रूप से इच्छुक हैं।
सप्लाई पार्क और सहायक उद्योगों की ज़रूरत
राजदूत ओनो कोईची ने सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए आवश्यक सहायक उद्योगों के विकास हेतु सप्लाई पार्क स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस संदर्भ में गुजरात सरकार से सक्रिय सहयोग की अपेक्षा जताई। यह ऐसे समय में आया है जब भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है।
गुजरात का इन्फ्रास्ट्रक्चर और कौशल पारिस्थितिकी
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में उपलब्ध कुशल मानव संसाधन और मज़बूत कौशल पारिस्थितिकी तंत्र की जानकारी राजदूत को दी। उन्होंने बताया कि अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से अहमदाबाद हवाई अड्डे तक की यात्रा का समय अब केवल 1.5 घंटे रह गया है, जो निवेशकों के लिए कनेक्टिविटी को और सुगम बनाता है।
अन्य क्षेत्रों में अवसर
बैठक में बल्क ड्रग पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसे क्षेत्रों में नए निवेश अवसरों पर भी चर्चा हुई। राजदूत ने गुजरात सरकार के साथ काम करने के सकारात्मक अनुभव का उल्लेख किया और भविष्य में और अधिक सहयोग की इच्छा व्यक्त की।
उपस्थित वरिष्ठ अधिकारी
इस अवसर पर मुख्य सचिव एम. के. दास, उद्योग एवं खान विभाग की अपर मुख्य सचिव ममता वर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजीव कुमार, अपर प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, सचिव डॉ. अजय कुमार तथा जापान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। गुजरात और जापान के बीच यह संवाद आने वाले समय में ठोस निवेश समझौतों की नींव बन सकता है।