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दिल्ली हीटवेव: 23 बस टर्मिनलों पर मुफ्त पानी, CM रेखा गुप्ता ने 'जलदूत' तैनाती के दिए निर्देश

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दिल्ली हीटवेव: 23 बस टर्मिनलों पर मुफ्त पानी, CM रेखा गुप्ता ने 'जलदूत' तैनाती के दिए निर्देश

सारांश

दिल्ली सरकार ने भीषण गर्मी के बीच 'जलदूत' पहल को और सुदृढ़ किया है — 23 बस टर्मिनलों पर मुफ्त पानी और 3,000 डीटीसी बसों में 200 एमएल पाउच की व्यवस्था। साथ ही 339 स्वास्थ्य केंद्र, 30 'कूल रूम' और 330 एम्बुलेंस तैयार हैं। यह पिछले साल की सफल पहल का विस्तारित संस्करण है।

मुख्य बातें

CM रेखा गुप्ता ने 1 मई 2025 को हीटवेव एक्शन प्लान के तहत 23 बस टर्मिनलों पर 'जलदूत' तैनात करने के निर्देश दिए।
डीटीसी की 3,000 चलती बसों में 200 एमएल पैकेट वाले पानी के गिलास और पाउच उपलब्ध कराए जाएँगे।
दिल्ली भर में 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्र ओआरएस और आइस पैक से सुसज्जित; 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष 'कूल रूम' स्थापित।
174 मेडिकल अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं को लू से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए प्रशिक्षित किया गया।
आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए 330 एम्बुलेंस तैयार; स्कूलों में 'वॉटर बेल' प्रणाली लागू करने के निर्देश।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 1 मई 2025 को हीटवेव एक्शन प्लान के तहत दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजधानी के 23 प्रमुख बस टर्मिनलों पर यात्रियों और कर्मचारियों को मुफ्त पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए 'जलदूत' तैनात किए जाएँ। यह कदम भीषण गर्मी के बीच दैनिक यात्रियों को तत्काल राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने डीटीसी अधिकारियों के साथ बैठक में लू के दौरान यात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधा की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय करने के निर्देश दिए। एक अधिकारी के अनुसार, डीटीसी की लगभग 3,000 चलती बसों में 200 एमएल के पैकेट वाले पानी के गिलास और पाउच उपलब्ध कराए जाएँगे। इसके साथ ही चुनिंदा टर्मिनलों पर वॉटर डिस्पेंसर भी लगाए जाएँगे।

'जलदूत' पहल: पिछले साल से चली आ रही सफल योजना

'जलदूत' पहल को पिछले साल परिवहन मंत्री के निर्देश पर पहली बार शुरू किया गया था, जिसे जनता से जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली थी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस सक्रिय हस्तक्षेप से गर्मियों के चरम मौसम में नागरिकों को काफी राहत मिली थी। इस सफलता को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष इस पहल को और अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि इसकी पहुँच और प्रभाव का विस्तार हो सके।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान

लू कार्य योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने सभी अस्पतालों को निर्देश दिया कि वे लू से संबंधित मामलों के लिए पर्याप्त बेड क्षमता सुनिश्चित करें और हर एम्बुलेंस आपात स्थितियों से निपटने के लिए ज़रूरी सुविधाओं से लैस हो। एक बयान के अनुसार, दिल्ली भर में 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को ओआरएस, आइस पैक और संबंधित सामग्रियों से सुसज्जित किया गया है। 30 से अधिक अस्पतालों में लू के इलाज के लिए विशेष 'कूल रूम' स्थापित किए गए हैं और 330 एम्बुलेंस आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार रखी गई हैं।

प्रशिक्षण और जागरूकता अभियान

174 मेडिकल अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं को लू से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसके अलावा, स्कूलों को 'वॉटर बेल' प्रणाली शुरू करने का निर्देश दिया गया है, ताकि छात्रों को नियमित अंतराल पर पानी पीने के लिए प्रेरित किया जा सके और डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। पूरे शहर में एक व्यापक जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

आम जनता के लिए अपील

डीटीसी ने सभी यात्रियों से अपील की है कि वे लू के दौरान सतर्क रहें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और दोपहर के समय सीधी धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब राजधानी में तापमान लगातार बढ़ रहा है और हीटवेव की स्थिति गंभीर होती जा रही है। सरकार का यह कदम नागरिक-केंद्रित शासन की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये उपाय केवल मौसमी प्रतिक्रिया हैं या दीर्घकालिक शहरी ताप प्रबंधन नीति की नींव। दिल्ली में हर साल हीटवेव की तीव्रता बढ़ रही है, फिर भी बस शेल्टर, पेड़ों की कटाई और हरित आवरण जैसे मूलभूत ढाँचागत मुद्दे अनसुलझे हैं। 339 स्वास्थ्य केंद्रों की तैयारी और 330 एम्बुलेंस की तैनाती प्रशंसनीय है, लेकिन यह प्रतिक्रियात्मक दृष्टिकोण है — निवारक नहीं। जब तक शहर की योजना में ताप-सहनशीलता को केंद्र में नहीं रखा जाता, हर गर्मी में इसी तरह की आपात घोषणाएँ होती रहेंगी।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली में 'जलदूत' पहल क्या है?
'जलदूत' दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की एक पहल है जिसके तहत बस टर्मिनलों पर कर्मचारी तैनात किए जाते हैं जो यात्रियों को मुफ्त पीने का पानी उपलब्ध कराते हैं। यह पहल पहली बार पिछले साल परिवहन मंत्री के निर्देश पर शुरू की गई थी और इस वर्ष इसे 23 प्रमुख बस टर्मिनलों तक विस्तारित किया गया है।
दिल्ली की किन बसों में मुफ्त पानी मिलेगा?
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह के अनुसार, पूरे शहर में चलने वाली लगभग 3,000 डीटीसी बसों में 200 एमएल के पैकेट वाले पानी के गिलास और पाउच उपलब्ध कराए जाएँगे। इससे यात्रियों को उनकी पूरी यात्रा के दौरान पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
दिल्ली सरकार ने हीटवेव के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में क्या इंतजाम किए हैं?
दिल्ली भर में 339 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों को ओआरएस, आइस पैक और ज़रूरी सामग्रियों से सुसज्जित किया गया है। 30 से अधिक अस्पतालों में विशेष 'कूल रूम' बनाए गए हैं, 174 मेडिकल अधिकारियों और आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया है और 330 एम्बुलेंस आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार रखी गई हैं।
दिल्ली के स्कूलों में 'वॉटर बेल' क्या है?
'वॉटर बेल' एक प्रणाली है जिसके तहत स्कूलों में नियमित अंतराल पर घंटी बजाकर छात्रों को पानी पीने के लिए प्रेरित किया जाता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी स्कूलों को यह प्रणाली लागू करने का निर्देश दिया है ताकि बच्चों को डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके।
लू के दौरान दिल्ली के नागरिकों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
डीटीसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे लू के दौरान सतर्क रहें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। दोपहर के समय सीधी धूप में अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
राष्ट्र प्रेस
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