क्या नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग पर विजय सिन्हा का क्या कहना है?
सारांश
Key Takeaways
- नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग पर विचार जारी है।
- डिप्टी सीएम ने सनातन संस्कृति का महत्व बताया।
- सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का जश्न मनाया जाएगा।
पटना, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग पर डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सभी के मन में अच्छे विचार आते हैं। हमारे गठबंधन के सहयोगी जदयू ने इस संबंध में पहले ही अपनी बात स्पष्ट कर दी है, इसलिए इस पर ज्यादा कुछ कहने की आवश्यकता नहीं है।
पटना में डिप्टी सीएम ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि भगवान सभी को सद्बुद्धि प्रदान करें। सभी को स्वस्थ रखें। सामाजिक सौहार्द बढ़े। मां भारती की धरती पर रहने वाले सभी लोग सुखी रहें और विकसित राष्ट्र बनाने में अपना पूरा सहयोग दें।
लैंड फॉर जॉब्स स्कैम मामले में उन्होंने कहा कि हम संविधान को मानने वाले लोग हैं। संवैधानिक संस्थाएं अपना काम करती हैं। लोगों को इन संस्थाओं का सहयोग करना चाहिए। जो जैसा करेगा, संविधान उसके साथ वैसा ही न्याय करेगा। गलत का परिणाम गलत ही निकलता है। गलत तरीके से किसी को फंसाने की कोशिश की जाए तो सत्य परेशान तो हो सकता है, लेकिन पराजित कभी नहीं होता है। संवैधानिक संस्थाएं किसी के प्रति द्वेषभाव से कार्रवाई नहीं करतीं।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने सनातन संस्कृति का जिक्र करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति हमारी आध्यात्मिक विरासत और एक गौरवशाली परंपरा है जो ब्रह्मांड की रचना के साथ ही शुरू हुई थी। यह महादेव, जो सर्वोच्च दिव्य शक्ति हैं, के अवतार भगवान सोमनाथ से शुरू हुई। सोमनाथ मंदिर पर हमला हुआ और हमलावरों ने इसे कई बार नष्ट किया, फिर भी हर बार यह नई ऊर्जा और विश्वास के साथ फिर से खड़ा हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ एक बार फिर एक महान आध्यात्मिक केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने हमारी सनातन संस्कृति को मिटाने का प्रयास किया, वो मिट गए।
डिप्टी सीएम ने एक्स पोस्ट में लिखा कि हजार वर्षों की आस्था, सहनशीलता और पुनरुत्थान का प्रतीक सोमनाथ केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सनातन चेतना और राष्ट्रीय स्वाभिमान का जीवंत स्वरूप है। पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के 75 वर्ष पूरे होने के पावन अवसर पर वर्ष 2026 को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। इस पावन संकल्प के अंतर्गत 10 जनवरी को देशभर के शिवालयों में ॐकार मंत्र जप, पूजा एवं आरती के माध्यम से सोमनाथ की अखंडता और राष्ट्र की चेतना को नमन किया गया।