मुख्यमंत्री विजयन ने रेवंत रेड्डी को दिया जवाब, केरल मॉडल की की रक्षा
सारांश
Key Takeaways
- विजयन ने केरल की साक्षरता दर 95.3 प्रतिशत बताई।
- केरल की गरीबी दर 0.55 प्रतिशत है।
- रेवंत के आरोपों का विजयन ने सबूतों के साथ जवाब दिया।
- केरल की स्वास्थ्य सेवाएँ राष्ट्रीय औसत से बेहतर हैं।
- राजनीतिक पाखंड पर विजयन ने कटाक्ष किया।
तिरुवनंतपुरम, 3 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के बीच शुक्रवार को एक तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिली। विजयन ने केरल यात्रा के दौरान रेवंत रेड्डी द्वारा की गई टिप्पणियों का विस्तार से उत्तर दिया।
रेवंत रेड्डी अपने भाषणों के माध्यम से केरल में लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं और चुनावी सभा में मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल के एक प्रसिद्ध संवाद का भी सहारा लिया। उन्होंने विजयन सरकार पर भ्रष्टाचार और खराब प्रशासन के आरोप लगाए थे।
इस पर विजयन ने फेसबुक पर एक सख्त बयान जारी करते हुए कहा कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री लोगों को गुमराह कर रहे हैं और केरल की छवि को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
विजयन ने रेवंत रेड्डी के आरोपों का जवाब देते हुए केरल के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए। उन्होंने बताया कि नीति आयोग के सतत विकास सूचकांक (एसडीजी इंडेक्स) 2023–24 में केरल 79 अंकों के साथ पहले स्थान पर है, जबकि तेलंगाना छठे स्थान पर है।
उन्होंने यह भी कहा कि केरल की गरीबी दर देश में सबसे कम 0.55 प्रतिशत है, जबकि तेलंगाना में यह 5.88 प्रतिशत है।
मुख्यमंत्री ने केरल की साक्षरता और स्वास्थ्य सेवाओं की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि केरल की साक्षरता दर 95.3 प्रतिशत है, जबकि तेलंगाना में यह 76.9 प्रतिशत है। केरल में शिशु मृत्यु दर 1,000 जन्म पर केवल 5 है, जो अमेरिका से भी कम है। केरल की मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के कारण यहां के लोग राष्ट्रीय औसत से 5 से 7 वर्ष अधिक जीते हैं।
रेवंत रेड्डी की आलोचना पर विजयन ने कटाक्ष करते हुए कहा कि केरल में चुनाव प्रचार पर धन खर्च करने के बजाय उन्हें अपने राज्य में गरीबी घटाने और साक्षरता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यह 'राजनीतिक पाखंड' है कि तेलंगाना का एक प्रतिनिधिमंडल पहले तिरुवनंतपुरम आकर केरल के डिजिटल भूमि रिकॉर्ड प्रणाली का अध्ययन कर चुका है, जबकि अब उनके मुख्यमंत्री राज्य की आलोचना कर रहे हैं।
विजयन ने केंद्र के साथ मिलीभगत के आरोपों को भी खारिज किया और कांग्रेस पर भाजपा की 'बी टीम' के रूप में काम करने का आरोप लगाया, जो केरल को आर्थिक रूप से कमजोर करने वाली नीतियों का विरोध नहीं कर रही है।
विजयन ने कहा कि जिस राज्य में कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में देरी हो रही है, वहां से केरल को सीखने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने रेवंत रेड्डी को केरल के कल्याणकारी मॉडल का अध्ययन करने का निमंत्रण भी दिया।