क्या केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' में शामिल 3 हजार युवाओं की सराहना की?
सारांश
Key Takeaways
- 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' कार्यक्रम युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।
- इसमें 50 लाख युवाओं ने भाग लिया।
- चुने गए तीन हजार युवा देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
- प्रधानमंत्री मोदी ने युवाओं पर विश्वास जताया है।
- यह कार्यक्रम युवा ऊर्जा को राष्ट्रीय विकास में जोड़ने का प्रयास है।
नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नई दिल्ली के 'भारत मंडपम' में 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शनिवार को केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया, केंद्रीय राज्य मंत्री रक्षा खडसे और एनएसए अजीत डोभाल ने दीप प्रज्वलित करके इस कार्यक्रम की शुरुआत की।
उद्घाटन भाषण में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' के लिए आयोजित क्विज प्रतियोगिता में 50 लाख से अधिक युवाओं ने भाग लिया।
उन्होंने कहा कि इस 50 लाख युवाओं में से मैरिट में आने वाले तीन लाख युवाओं ने 'विकसित भारत' पर निबंध लिखे, जिनका मूल्यांकन विद्वान प्रोफेसरों ने किया। इसके बाद 30 हजार युवाओं को चुना गया, जिन्हें स्टेट चैंपियनशिप में प्रेजेंटेशन के लिए आमंत्रित किया गया। विशेषज्ञों के सामने प्रेजेंटेशन के बाद तीन हजार युवा 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' का हिस्सा बने।
कार्यक्रम के दौरान मनसुख मांडविया ने 'विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग' में शामिल तीन हजार युवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा, "आप जैसे युवा देश के भविष्य हैं। 'विकसित भारत' के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने आप पर विश्वास किया है। जब देश 'आजादी का अमृत महोत्सव' मना रहा था, तब 15 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी ने लालकिले से 'विकसित भारत' का संकल्प लिया। पीएम मोदी ने 'पांच प्रण' के आधार पर देशवासियों को 'विकसित भारत' बनाने का रोडमैप दिया।
प्रधानमंत्री मोदी के पांच संकल्पों को दोहराते हुए मनसुख मांडविया ने कहा कि जैसे सरकार से हमारी अपेक्षाएं होती हैं, वैसे ही हर नागरिक का देश के प्रति कर्तव्य होता है। हमें 'विकसित भारत' का राही अपने देश के युवाओं को बनाना है। उन्होंने कहा कि भारत एक युवा देश है। हम ऐसे समय से गुजर रहे हैं, जहां भारत को कोई भी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता है।