16 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

विपक्ष का आरोप: कनॉट प्लेस बंदी और पुलिसिया कार्रवाई से जन आंदोलन दबाया जा रहा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
विपक्ष का आरोप: कनॉट प्लेस बंदी और पुलिसिया कार्रवाई से जन आंदोलन दबाया जा रहा

सारांश

दिल्ली में तिरंगा यात्रा से पहले कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद किए जाने पर विपक्ष ने इमरजेंसी की याद दिलाई। मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने के आरोप और SIR विवाद के बीच कांग्रेस, आरजेडी और सीपीआई-एम ने लोकतंत्र और न्यायपालिका पर दाँव लगाया है।

मुख्य बातें

कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को सीजेपी की तिरंगा यात्रा से पहले दो दिन के लिए बंद किया गया।
आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने इसे 1974 की आपातकालीन स्थिति से तुलना करते हुए पुलिसिया दमन बताया।
कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक नाम हटाए गए हैं।
चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) का निर्देश दिया है।
शिवदासन ने 'सत्ता परिवर्तन' को देश के विकास के लिए अनिवार्य बताया।
कांग्रेस महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव ने न्यायपालिका की स्वायत्तता और सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका का जिक्र किया।

नई दिल्ली में 16 अक्टूबर 2026 को कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) की तिरंगा यात्रा से पहले कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को दो दिन के लिए बंद किए जाने पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई-एम] के नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक प्रदर्शन के अधिकार पर सीधा हमला बताया है।

मुख्य घटनाक्रम

आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को बंद किए जाने पर कहा, 'पूरे दिल्ली को ही भारत सरकार बंद करने के मूड में हैं। क्योंकि अब इनके बचाव के रास्ते सारे बंद हो चुके हैं।' उन्होंने इस कार्रवाई की तुलना 1974 की आपातकालीन स्थिति से करते हुए आरोप लगाया कि 'पुलिसिया कार्रवाई के बूते जन आंदोलन को कुचल देने का जो काम था, वह अब पूर्णतः दिखाई दे रहा है।'

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने तिरंगा यात्रा से पहले बयान दिया था कि दिल्ली पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर सकती है। इस पर कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने कहा, 'वोट और लोकतंत्र बचाने की लड़ाई में हिरासत में लिए जाने का कोई मामला नहीं है। राहुल गांधी समेत कांग्रेस के बहुत कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाता है।'

मतदाता सूची पुनरीक्षण पर विवाद

चुनाव आयोग (ECI) द्वारा 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के 'विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण' (SIR) के निर्देश पर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने माँग की कि 'इस प्रक्रिया को रद्द करके इसे फिर से कराया जाए' और हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक की जाए। राज ने यह भी कहा कि कथित तौर पर अवैध तरीके से फॉर्म बदलकर वोट हटाए गए और मतदाताओं को जोड़ने-हटाने की प्रक्रिया को केंद्रीकृत कर दिया गया।

न्यायपालिका और सुप्रीम कोर्ट पर बयान

कांग्रेस महासचिव और मीडिया संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि देश के लोग उम्मीद भरी नज़रों से न्यायपालिका की ओर देख रहे हैं। उन्होंने कहा, 'जब देश की स्वायत्त संस्थाएं सरकार के नियंत्रण में आ जाती हैं, तो विपक्ष के नेता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की मांग की।' उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय की इस टिप्पणी का भी हवाला दिया कि 'कोई हमें डरा-धमका नहीं सकता।'

सत्ता परिवर्तन की माँग और विपक्षी एकजुटता

वकील प्रशांत भूषण की 'सत्ता परिवर्तन' वाली टिप्पणी पर सीपीआई (एम) सांसद वी. शिवदासन ने कहा, 'हर कोई बार-बार यही बात कह रहा है कि देश के विकास के लिए सत्ता परिवर्तन जरूरी है।' शिवदासन ने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'अमित शाह और उनकी पूरी टीम समाज और देश की संपत्ति को लूटने की कोशिश कर रही है।' उन्होंने असम, बंगाल और बिहार से आई उन खबरों का भी उल्लेख किया जिनमें कथित तौर पर सरकार-विरोधी आवाज़ उठाने वाले नागरिकों को देश छोड़ने के लिए कहा गया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब विपक्षी दल मतदाता सूची पुनरीक्षण और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर लगातार आंदोलनरत हैं। आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं और ECI की प्रतिक्रिया पर देश की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है — मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस अंतर को नज़रअंदाज़ कर देती है। सुप्रीम कोर्ट की 'डरा-धमका नहीं सकते' वाली टिप्पणी बताती है कि न्यायपालिका भी इस दबाव को महसूस कर रही है। असली सवाल यह है कि क्या विपक्ष की याचिकाएँ और सड़क पर आंदोलन मिलकर ECI को पारदर्शिता के लिए बाध्य कर पाएंगे, या यह सब महज़ चुनावी शोर बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
16 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कनॉट प्लेस सेंट्रल पार्क को क्यों बंद किया गया?
कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क को सीजेपी की तिरंगा यात्रा से पहले दो दिन के लिए बंद किया गया। विपक्षी नेताओं ने इसे जन आंदोलन दबाने की पुलिसिया कोशिश बताया है, जबकि अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने का आरोप क्या है?
कांग्रेस नेता उदित राज ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची से 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने माँग की है कि हटाए गए नामों की जानकारी ECI की वेबसाइट पर डाली जाए और SIR प्रक्रिया को रद्द कर फिर से कराया जाए।
विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) क्या है और यह विवादास्पद क्यों है?
SIR यानी 'विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण' चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। विपक्ष का आरोप है कि इस बार यह प्रक्रिया तब शुरू की गई जब कथित तौर पर अवैध तरीके से फॉर्म बदलकर वोट हटाए जाने का खुलासा हुआ था, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं।
प्रशांत भूषण की 'सत्ता परिवर्तन' टिप्पणी पर विपक्ष का क्या कहना है?
सीपीआई-एम सांसद वी. शिवदासन ने कहा कि देश के विकास के लिए सत्ता परिवर्तन जरूरी है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाते हुए सरकार-विरोधी आवाज़ों को दबाने की प्रवृत्ति की आलोचना की।
सुप्रीम कोर्ट में विपक्ष ने क्या याचिका दायर की है?
कांग्रेस महासचिव लाल किशोर नाथ शाहदेव के अनुसार, स्वायत्त संस्थाओं पर सरकारी नियंत्रण के आरोपों के बीच विपक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर न्याय की माँग की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस संदर्भ में कहा है कि 'कोई हमें डरा-धमका नहीं सकता।'
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 48 मिनट पहले
  2. 8 घंटे पहले
  3. 16 घंटे पहले
  4. 22 घंटे पहले
  5. 22 घंटे पहले
  6. कल
  7. कल
  8. कल