14 अक्टूबर 2026
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विश्वास सारंग का बड़ा हमला: राहुल गांधी देशविरोधी ताकतों के हाथ की कठपुतली — चुनाव आयोग विवाद पर पलटवार

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विश्वास सारंग का बड़ा हमला: राहुल गांधी देशविरोधी ताकतों के हाथ की कठपुतली — चुनाव आयोग विवाद पर पलटवार

सारांश

मध्य प्रदेश मंत्री विश्वास सारंग ने राहुल गांधी को 'देशविरोधी ताकतों की कठपुतली' करार दिया और इंडी गठबंधन के मुख्य निर्वाचन आयुक्त विरोध को नाकामी छिपाने की कोशिश बताया। चुनाव आयोग की संरचना और कांग्रेस की राज्य सरकारों का हवाला देकर उन्होंने विपक्ष के हर तर्क को एक-एक कर खारिज किया।

मुख्य बातें

मध्य प्रदेश मंत्री विश्वास सारंग ने 14 अक्टूबर 2026 को भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए राहुल गांधी को 'देशविरोधी ताकतों की कठपुतली' बताया।
सारंग ने कहा कि विपक्ष SIR (एसआईआर) को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीतिक नाकामियों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के विरोध को उन्होंने लोकतांत्रिक संस्थाओं पर निराधार हमला करार दिया।
सारंग ने तर्क दिया कि हिमाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत साबित करती है कि चुनाव आयोग पक्षपाती नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग का अपना कैडर नहीं होता — SIR प्रक्रिया लेखपाल, शिक्षक और SDM के ज़रिये लागू होती है।

मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने 14 अक्टूबर 2026 को भोपाल में पत्रकारों से बात करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। सारंग ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने के लिए देशविरोधी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं और विपक्ष जानबूझकर देश की अर्थव्यवस्था व लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है।

मुख्य आरोप और बयान

सारंग ने स्पष्ट किया कि वे यह बात किसी पार्टी कार्यकर्ता के रूप में नहीं, बल्कि एक भारतीय नागरिक की हैसियत से कह रहे हैं। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी और विपक्ष के नेता देश की अर्थव्यवस्था तथा व्यवस्था को नुकसान पहुँचाकर भारत को कमज़ोर करना चाहते हैं।' उनके अनुसार देश के देशभक्त नागरिक भारत को विकास के रास्ते से भटकने नहीं देंगे।

सारंग ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विकास और कल्याण के कार्य निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और अर्थव्यवस्था की गति बरकरार है।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त विवाद पर प्रतिक्रिया

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडी गठबंधन के विरोध प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए सारंग ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा और मज़बूत लोकतंत्र है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को विरोध और अपनी बात रखने की पूरी आज़ादी है, लेकिन वह अपनी राजनीतिक नाकामियों को छिपाने के लिए एसआईआर (SIR) को मुद्दा बना रहा है।

सारंग ने कहा कि राहुल गांधी को चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसकी संस्थागत संरचना की पर्याप्त जानकारी नहीं है। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता को संविधान और संवैधानिक संस्थाओं के कामकाज की समझ नहीं है।

चुनाव आयोग की संरचना पर स्पष्टीकरण

सारंग ने तकनीकी बिंदु उठाते हुए बताया कि चुनाव आयोग का अपना अलग कर्मचारी कैडर नहीं होता। आयोग के फ़ैसलों को लागू करने में राज्य सरकार के अधिकारी — जैसे लेखपाल, शिक्षक और उपखंड मजिस्ट्रेट (SDM) — भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया भी इन्हीं राज्य सरकारी कर्मचारियों के माध्यम से लागू होती है।

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार

सारंग ने सवाल उठाया कि यदि चुनाव आयोग चुनावों में हेरफेर करता, तो कांग्रेस विभिन्न राज्यों में जीत कैसे दर्ज करती। उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा के लोकसभा पहुँचने और हिमाचल प्रदेश, केरल तथा कर्नाटक में कांग्रेस की सरकारें बनने का हवाला देकर विपक्षी तर्क को खारिज किया।

गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय आया है जब इंडी गठबंधन के दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श में केंद्र में है।

आगे क्या

सारंग ने अंत में कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर आरोप लगाने से पहले विपक्ष को ठोस तथ्यों और आधार के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस को सुझाव दिया कि वह चुनाव आयोग की आलोचना करने के बजाय अपनी चुनावी विफलताओं और राजनीतिक रणनीति पर आत्ममंथन करे। यह बयानबाज़ी संसद के आगामी सत्र से पहले सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तनाव को और गहरा कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अपने आप में अधूरा है — क्योंकि विपक्ष की आपत्ति किसी एक चुनाव परिणाम पर नहीं, बल्कि मतदाता सूची प्रबंधन की प्रक्रिया और संस्थागत पारदर्शिता पर है। असली सवाल यह है कि सरकार SIR प्रक्रिया में स्वतंत्र अंकेक्षण की माँग को बार-बार क्यों टालती है — जो एक वैध जवाबदेही की माँग है, चाहे उठाने वाला कोई भी हो।
RashtraPress
14 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्वास सारंग ने राहुल गांधी के बारे में क्या कहा?
मध्य प्रदेश मंत्री विश्वास सारंग ने 14 अक्टूबर 2026 को कहा कि राहुल गांधी देश में अराजकता फैलाने के लिए देशविरोधी ताकतों के हाथों की कठपुतली बन गए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर भारत की अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमज़ोर करने का प्रयास कर रहा है।
एसआईआर (SIR) विवाद क्या है जिस पर इंडी गठबंधन ने विरोध किया?
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न, मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है, जिसे लेकर इंडी गठबंधन ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है, जबकि सारंग ने इसे विपक्ष की राजनीतिक नाकामी से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
सारंग ने चुनाव आयोग की संरचना को लेकर क्या स्पष्ट किया?
सारंग ने बताया कि चुनाव आयोग का अपना अलग कर्मचारी कैडर नहीं होता। आयोग के फ़ैसलों को लागू करने में राज्य सरकार के अधिकारी — जैसे लेखपाल, शिक्षक और SDM — भूमिका निभाते हैं, और SIR प्रक्रिया भी इन्हीं के माध्यम से लागू होती है।
सारंग ने विपक्ष के चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप को कैसे खारिज किया?
सारंग ने तर्क दिया कि यदि चुनाव आयोग पक्षपाती होता, तो कांग्रेस हिमाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में सरकार नहीं बना पाती और प्रियंका गांधी वाड्रा लोकसभा नहीं पहुँच पातीं। उन्होंने कहा कि इन राज्यों के नतीजे आयोग की निष्पक्षता के प्रमाण हैं।
इस बयान का राजनीतिक महत्व क्या है?
यह बयान ऐसे समय आया है जब इंडी गठबंधन मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ संसद परिसर के बाहर विरोध प्रदर्शन कर चुका है और चुनाव आयोग की स्वायत्तता राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनी हुई है। भाजपा इस मुद्दे को विपक्ष की 'संस्था-विरोधी मानसिकता' के रूप में पेश कर रही है, जो आगामी चुनावी मौसम से पहले दोनों पक्षों के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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