'एक राष्ट्र, एक चुनाव' राष्ट्रीय एकता के लिए अनिवार्य: MP मंत्री विश्वास सारंग का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने 3 जून को नई दिल्ली में दिए बयान में 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' और परिसीमन का खुलकर समर्थन करते हुए कहा कि देश की राष्ट्रीय एकता और अखंडता के लिए यह व्यवस्था अनिवार्य है। हैदराबाद से भाजपा नेता मनमीत सिंह मदन ने भी इस पहल का समर्थन किया और क्षेत्रीय दलों पर राजनीतिक हितों के चलते विरोध करने का आरोप लगाया।
सारंग का कांग्रेस पर निशाना
राष्ट्र प्रेस से विशेष बातचीत में सारंग ने कहा, “जब भी देश की एकता और अखंडता का मुद्दा उठता है, कांग्रेस पार्टी असहज हो जाती है। उनका उद्देश्य देश में विभाजन पैदा करना है।” उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की कथित गलत नीतियों के कारण ही देश की स्थिति मौजूदा स्तर पर पहुँची है।
मंत्री ने आगे कहा, “मेरा मानना है कि कांग्रेस ने एक समय देश को बर्बादी की ओर धकेलने की कोशिश की थी, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।”
UCC पर मध्य प्रदेश की प्रतिबद्धता
सारंग ने 'एक राष्ट्र, एक कानून' की वकालत करते हुए समान नागरिक संहिता (UCC) को देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “धर्म या किसी विशिष्ट समूह के आधार पर कानून में भेदभाव स्वीकार्य नहीं है।”
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मध्य प्रदेश भी UCC लागू करने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है और राज्य सरकार इसके क्रियान्वयन को लेकर प्रतिबद्ध है।
मदन का तर्क: एक साथ चुनाव से संसाधनों की बचत
हैदराबाद में भाजपा नेता मनमीत सिंह मदन ने कहा, “परिसीमन होना चाहिए। यह समय की माँग है। कई राज्यों में अब तक क्षेत्रीय दल सत्ता में रहे हैं। ये क्षेत्रीय दल अपने राजनीतिक हितों के लिए परिसीमन या 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' के कार्यान्वयन का विरोध कर रहे हैं।”
मदन ने तर्क दिया कि एक साथ चुनाव कराने से कर्मचारियों की तैनाती केवल एक बार होगी और चुनाव मशीनरी को बार-बार स्थानांतरित करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे सरकारी संसाधनों की पर्याप्त बचत होगी।
पवन कल्याण की तेलंगाना एंट्री पर रुख
एक सवाल के जवाब में मदन ने पवन कल्याण के तेलंगाना में सक्रिय होने की संभावनाओं पर खुला रुख दिखाया। उन्होंने कहा, “भारत एक लोकतांत्रिक देश है, कोई भी कहीं से चुनाव लड़ सकता है। ऐसा नहीं है कि पवन कल्याण आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री हैं, इसलिए उन्हें केवल वहीं काम करना चाहिए।”
उन्होंने जोड़ा, “अगर वे तेलंगाना में चुनाव लड़ना चाहते हैं, तो वे पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। पार्टी उन्हें आने से रोकना नहीं चाहती, उनका स्वागत है।”
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' केंद्र सरकार के एजेंडे का एक प्रमुख हिस्सा रहा है, और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय समिति इस पर अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है। हालाँकि, विपक्षी दलों और कई क्षेत्रीय पार्टियों ने इसे संघीय ढाँचे के लिए चुनौती बताते हुए विरोध जताया है। आने वाले संसद सत्रों में इस मुद्दे पर बहस तेज होने की संभावना है।