क्या 'वोटर अधिकार यात्रा' केवल घुसपैठियों और राष्ट्र विरोधी तत्वों को खुश करने के लिए है? : केशव प्रसाद मौर्य

सारांश
Key Takeaways
- 'वोटर अधिकार यात्रा' का आयोजन बिहार में हो रहा है।
- उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यात्रा पर सवाल उठाए हैं।
- यात्रा का समापन एक सितंबर को पटना में होगा।
- कांग्रेस, सपा और राजद इस यात्रा में शामिल हैं।
- बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी चल रही है।
लखनऊ, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के नेतृत्व में चुनावी राज्य बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' का आयोजन किया गया, जिसका समापन एक सितंबर को पटना में होने वाला है। इस पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखा हमला करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल घुसपैठियों और राष्ट्र विरोधी तत्वों को संतुष्ट करने के लिए है।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''राजनीतिक दृष्टि से सबसे जागरूक बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' इस राज्य के मूल निवासियों को चिढ़ाने के अलावा कुछ नहीं है। यह यात्रा केवल घुसपैठियों और राष्ट्र विरोधी तत्वों को खुश करने के लिए है। कांग्रेस, सपा और राजद ऐसे तत्वों के समर्थन से अपनी राजनीतिक रोटी सेंकते रहते हैं।''
डिप्टी सीएम ने आगे कहा, ''परिवारवादी राजनीति के इस 'नए दौर' में सपा के अखिलेश यादव, राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की तिकड़ी स्वयं को विध्वंसक तत्वों का सबसे बड़ा समर्थक मानती है। ऐसे तत्वों के कारण ही उनकी यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने का दुस्साहस किया गया। इसका प्रतिशोध बिहार की जागरूक जनता आगामी विधानसभा चुनाव में अवश्य लेगी।''
गौरतलब है कि बिहार में राहुल गांधी ने 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाली है, जिसका समापन एक सितंबर को पटना में होगा। उनके साथ राजद नेता और लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव भी इस यात्रा में शामिल हैं। शनिवार को रैली में भाग लेने के लिए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव भी पहुंचे थे। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला किया।
बिहार में विधानसभा चुनाव नज़दीक हैं, जिसमें कांग्रेस पार्टी इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। राहुल गांधी इस यात्रा के माध्यम से बिहार में पार्टी का जनाधार बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
तेजस्वी यादव भी इंडिया गठबंधन के जरिए अपने प्रचार और नेताओं को सक्रिय करने में जुटे हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव भी गठबंधन की ताकत बढ़ाने में लगे हुए हैं।