क्या वोटर लिस्ट में हेराफेरी हुई तो अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी: अखिलेश यादव?
सारांश
Key Takeaways
- समाजवादी पार्टी का आरोप है कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर रही है।
- अखिलेश यादव ने एसआईआर प्रक्रिया को एनआरसी से जोड़ा है।
- यदि कोई हेराफेरी हुई, तो एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
- 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने का लक्ष्य।
- भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा पर गंभीर आरोप।
लखनऊ, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने के लिए फर्जी वोट बनाने की साजिश कर रही है और यदि इसमें कोई हेराफेरी हुई, तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अखिलेश यादव ने मंगलवार को कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के जरिए भाजपा पुनः फर्जी वोट बनाने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपवित्र करने का प्रयास कर रही है। अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि यदि वोटर लिस्ट में किसी भी प्रकार की हेराफेरी सामने आई, तो फर्जी वोट बनाने वालों के साथ-साथ इसमें शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इसके लिए एफआईआर का प्रारूप समाजवादी पार्टी के सभी बीएलए और बूथ प्रभारियों को भेजा जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए कार्यकर्ताओं और नेताओं को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर घर-घर जाकर जनसंपर्क करना होगा और पार्टी की नीतियों व कार्यक्रमों को जनता तक पहुंचाना होगा।
उन्होंने प्रदेश की जनता से भाजपा की कथित साजिशों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने भाजपा पर भूमाफिया की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में सरकारी और गरीबों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लूट चरम पर है और हर विभाग में भ्रष्टाचार फैला हुआ है।
सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार ने भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं पार कर दी हैं और 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा का पता नहीं चलेगा। मतदाता सूची को लेकर उन्होंने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया वास्तव में एनआरसी है। उनका आरोप है कि जो काम गृह मंत्रालय का था, उसे भाजपा सरकार चुनाव आयोग से करा रही है। उन्होंने कहा कि एसआईआर के बाद भी मतदाता सूची में कई खामियां सामने आ रही हैं और मुख्यमंत्री ने स्वयं स्वीकार किया है कि करीब चार करोड़ वोट कट रहे हैं।
--- राष्ट्र प्रेस
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