वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारत मंडपम से हर घर तिरंगा बाइक रैली को रवाना किया
सारांश
मुख्य बातें
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'हर घर तिरंगा' अभियान के विशेष कार्यक्रम में हरी झंडी दिखाकर देशव्यापी बाइक रैली को रवाना किया। राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की भूमिका को भावपूर्ण शब्दों में रेखांकित किया।
वंदे मातरम — स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक शक्ति
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा, 'वंदे मातरम' के शब्दों ने भारतीयों के हृदय में देशभक्ति की ज्योति जलाई और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष में एक निर्णायक शक्ति के रूप में काम किया। उन्होंने कहा, 'हमारा स्वतंत्रता संग्राम भारतीय मन, आत्मा और चेतना की जागृति था — इसने अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोगों को आज़ादी के एक साझे सपने के ज़रिए एकजुट किया।'
उन्होंने आगे कहा कि अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए यह गीत महज़ कुछ शब्द नहीं, बल्कि हिम्मत, त्याग और उम्मीद का स्रोत था। उनके अनुसार, 'कई वीर सेनानी 'वंदे मातरम' का नारा बुलंद करते हुए फाँसी के फंदे तक गए।'
संसद में 12 घंटे की ऐतिहासिक चर्चा
राधाकृष्णन ने बताया कि राज्यसभा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर एक विशेष चर्चा आयोजित की गई, जो 12 घंटे से अधिक चली। उन्होंने इसे इस सत्र की सबसे दिलचस्प और सार्थक चर्चाओं में से एक बताया। उल्लेखनीय है कि यह चर्चा राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी के रूप में उनके पहले सत्र के दौरान हुई।
सेलुलर जेल और सेनानियों का बलिदान
उपराष्ट्रपति ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी यात्रा के दौरान ऐतिहासिक सेलुलर जेल के दौरे का भावुक स्मरण किया, जहाँ वीर सावरकर सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को एकांत कारावास में रखा गया था। उन्होंने कहा कि उस जेल के बहादुर कैदी 'वंदे मातरम' गाते हुए फाँसी के फंदे की ओर बढ़े — उनका साहस और बलिदान देश की हर पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा।
विजयपुरम से हर घर तिरंगा की शुरुआत
राधाकृष्णन ने श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर तिरंगा फहराकर 'हर घर तिरंगा' अभियान का शुभारंभ किया था। यह वही ऐतिहासिक स्थल है जहाँ नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को ब्रिटिश शासन से मुक्त घोषित किया था।
बाइक रैली — एकता और देशभक्ति का संदेश
भारत मंडपम से रवाना हुई बाइक रैली में प्रतिभागियों ने तिरंगा लहराते हुए राष्ट्र की प्रगति और एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना जगाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। आने वाले दिनों में देशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है।