12 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारत मंडपम से हर घर तिरंगा बाइक रैली को रवाना किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारत मंडपम से हर घर तिरंगा बाइक रैली को रवाना किया

सारांश

वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भारत मंडपम से हर घर तिरंगा बाइक रैली को झंडी दिखाई और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया — यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय एकता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का प्रयास है।

मुख्य बातें

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 12 अगस्त 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में 'हर घर तिरंगा' बाइक रैली को हरी झंडी दिखाई।
कार्यक्रम वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।
राज्यसभा में वंदे मातरम पर विशेष चर्चा 12 घंटे से अधिक चली — राधाकृष्णन ने इसे सत्र की सबसे सार्थक चर्चा बताया।
उपराष्ट्रपति ने सेलुलर जेल के उन सेनानियों को श्रद्धांजलि दी जो 'वंदे मातरम' गाते हुए फाँसी पर चढ़े।
श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर तिरंगा फहराकर अभियान की शुरुआत की गई — यहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को द्वीप समूह को मुक्त घोषित किया था।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 'हर घर तिरंगा' अभियान के विशेष कार्यक्रम में हरी झंडी दिखाकर देशव्यापी बाइक रैली को रवाना किया। राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की भूमिका को भावपूर्ण शब्दों में रेखांकित किया।

वंदे मातरम — स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरक शक्ति

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा, 'वंदे मातरम' के शब्दों ने भारतीयों के हृदय में देशभक्ति की ज्योति जलाई और औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संघर्ष में एक निर्णायक शक्ति के रूप में काम किया। उन्होंने कहा, 'हमारा स्वतंत्रता संग्राम भारतीय मन, आत्मा और चेतना की जागृति था — इसने अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं, धर्मों और सामाजिक पृष्ठभूमियों के लोगों को आज़ादी के एक साझे सपने के ज़रिए एकजुट किया।'

उन्होंने आगे कहा कि अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों के लिए यह गीत महज़ कुछ शब्द नहीं, बल्कि हिम्मत, त्याग और उम्मीद का स्रोत था। उनके अनुसार, 'कई वीर सेनानी 'वंदे मातरम' का नारा बुलंद करते हुए फाँसी के फंदे तक गए।'

संसद में 12 घंटे की ऐतिहासिक चर्चा

राधाकृष्णन ने बताया कि राज्यसभा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर एक विशेष चर्चा आयोजित की गई, जो 12 घंटे से अधिक चली। उन्होंने इसे इस सत्र की सबसे दिलचस्प और सार्थक चर्चाओं में से एक बताया। उल्लेखनीय है कि यह चर्चा राज्यसभा के पीठासीन अधिकारी के रूप में उनके पहले सत्र के दौरान हुई।

सेलुलर जेल और सेनानियों का बलिदान

उपराष्ट्रपति ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की अपनी यात्रा के दौरान ऐतिहासिक सेलुलर जेल के दौरे का भावुक स्मरण किया, जहाँ वीर सावरकर सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को एकांत कारावास में रखा गया था। उन्होंने कहा कि उस जेल के बहादुर कैदी 'वंदे मातरम' गाते हुए फाँसी के फंदे की ओर बढ़े — उनका साहस और बलिदान देश की हर पीढ़ी को प्रेरणा देता रहेगा।

विजयपुरम से हर घर तिरंगा की शुरुआत

राधाकृष्णन ने श्री विजयपुरम के ध्वज बिंदु पर तिरंगा फहराकर 'हर घर तिरंगा' अभियान का शुभारंभ किया था। यह वही ऐतिहासिक स्थल है जहाँ नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को ब्रिटिश शासन से मुक्त घोषित किया था।

बाइक रैली — एकता और देशभक्ति का संदेश

भारत मंडपम से रवाना हुई बाइक रैली में प्रतिभागियों ने तिरंगा लहराते हुए राष्ट्र की प्रगति और एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया। यह आयोजन स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना जगाने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। आने वाले दिनों में देशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

परंतु यह प्रश्न भी उठता है कि क्या यह प्रतीकात्मक ऊर्जा नीतिगत ठोसपन में बदल पाती है। नेताजी बोस के 1943 के ध्वजारोहण स्थल को अभियान का केंद्र बनाना ऐतिहासिक स्मृति को वर्तमान राष्ट्रवाद से जोड़ने की सोची-समझी कोशिश है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर घर तिरंगा बाइक रैली 2026 कहाँ से रवाना हुई?
यह बाइक रैली 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम से रवाना हुई। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया।
वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर संसद में क्या हुआ?
राज्यसभा में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर एक विशेष चर्चा 12 घंटे से अधिक समय तक चली। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने इसे इस सत्र की सबसे दिलचस्प और सार्थक चर्चाओं में से एक बताया।
श्री विजयपुरम का ध्वज बिंदु क्यों महत्वपूर्ण है?
श्री विजयपुरम का ध्वज बिंदु वह ऐतिहासिक स्थल है जहाँ नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 30 दिसंबर 1943 को राष्ट्रीय ध्वज फहराकर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को ब्रिटिश शासन से मुक्त घोषित किया था। उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने यहीं से 'हर घर तिरंगा' अभियान का शुभारंभ किया था।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने सेलुलर जेल का ज़िक्र क्यों किया?
राधाकृष्णन ने अपनी अंडमान यात्रा के दौरान सेलुलर जेल का दौरा किया था, जहाँ वीर सावरकर सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को एकांत कारावास में रखा गया था। उन्होंने बताया कि उस जेल के कई कैदी 'वंदे मातरम' गाते हुए फाँसी के फंदे तक गए, और उनका बलिदान देश की हर पीढ़ी को प्रेरणा देता है।
'हर घर तिरंगा' अभियान क्या है?
'हर घर तिरंगा' भारत सरकार का एक राष्ट्रीय अभियान है जिसका उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रत्येक घर में तिरंगा फहराकर नागरिकों में राष्ट्रीय गर्व और एकता की भावना जागृत करना है। इस वर्ष यह अभियान वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के साथ जोड़कर मनाया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 18 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले