क्या वक्फ बोर्ड वाकई जमीन कब्जाने का एक साधन बन गया है?
सारांश
Key Takeaways
- वक्फ बोर्ड अब भूमि जिहाद का एक रूप बन चुका है।
- बालमुकुंद आचार्य का कहना है कि जमीन पर कब्जा किया जा रहा है।
- आचार्य ने वक्फ बोर्ड द्वारा किसी भी सुविधा देने का सवाल उठाया।
- भारत में समाज का विकास हो रहा है।
- तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप कांग्रेस पर लगाया गया।
डीडवाना, 24 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा विधायक बालमुकुंद आचार्य ने डीडवाना में अपने बयान में कहा कि वक्फ बोर्ड अब ‘भूमि जिहाद’ का एक रूप बन गया है, ठीक उसी तरह जैसे ‘लव जिहाद’ हो रहा है।
उन्होंने कहा कि लव जिहाद के तहत बहन-बेटियों को बरगलाया जा रहा है और उन्हें बेचने का काम किया जा रहा है, इसी प्रकार भूमि जिहाद भी हो रहा है। हरा झंडा लगाकर और हरे कपड़े रखकर जमीन पर वक्फ बोर्ड का दावा किया जा रहा है, जिससे जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है।
आचार्य ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वक्फ बोर्ड ने कभी मुस्लिम माताओं और बहनों को प्लॉट दिया है? क्या उन्होंने धर्मशाला या निशुल्क निवास बनाया है? उन्होंने बताया कि वक्फ बोर्ड के नाम पर 5 लोगों की कमेटी बनती थी जो जमीन पर कब्जा करती थी और बाद में उसे बेच देती थी।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में वक्फ बोर्ड ने अनगिनत जमीनों पर कब्जा किया है और इसके अलावा उन्होंने कुछ नहीं किया। अब यह सब खत्म हो गया है और कानून बन गया है कि अब कोई भी जमीन पर कब्जा नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा कि अब भारत एक मजबूत स्थिति में है और पीएम मोदी के कार्यकाल में राम को भी घर और रहीम को भी घर मिल रहा है। सभी का विकास हो रहा है। राशन की दुकानों पर और अस्पतालों में जाकर देखिए, हिंदू महिलाएं एक या दो बच्चों तक सीमित हैं, जबकि अन्य समुदाय के लोग चार बेगमों और छत्तीस बच्चों के साथ हैं।
इस पर भी उन्होंने कहा कि सभी लोग लाभ उठा रहे हैं और सरकार सुविधाएं दे रही है। कांग्रेस केवल तुष्टिकरण की राजनीति करती थी, लेकिन अब हम सबका साथ और सबका विकास कर रहे हैं।