22 अक्टूबर 2026
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वाशिम के मालेगांव में दुर्गा विसर्जन जुलूस पर पथराव, RCP-SRPF तैनात; आरोपियों की तलाश जारी

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वाशिम के मालेगांव में दुर्गा विसर्जन जुलूस पर पथराव, RCP-SRPF तैनात; आरोपियों की तलाश जारी

सारांश

महाराष्ट्र के वाशिम जिले के मालेगांव में दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान गुलाल एक घर पर गिरने से भड़की बहस ने पथराव का रूप ले लिया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया, लेकिन आरोपी अब भी फरार हैं।

मुख्य बातें

मालेगांव, वाशिम में 22 अक्टूबर 2026 को दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान टीपू सुल्तान चौक परिसर में पथराव की घटना हुई।
विवाद की शुरुआत जुलूस में उड़ाए गए गुलाल के एक घर पर गिरने से हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों में बहस बढ़ी।
मौके पर दंगा नियंत्रण पुलिस (RCP) और SRPF फोर्स तैनात की गई; घरों को कोई नुकसान नहीं।
पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बीच सुबह चार बजे जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।
उप-विभागीय पुलिस अधिकारी रामकृष्ण पवार ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की; आरोपियों की तलाश जारी है।

महाराष्ट्र के वाशिम जिले के मालेगांव शहर में 22 अक्टूबर 2026 को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान उस समय तनाव फैल गया, जब जुलूस में हवा में उड़ाया गया गुलाल एक घर पर जा गिरा और इसे लेकर विवाद शुरू हो गया। टीपू सुल्तान चौक परिसर में बहस बढ़ने के बाद पास की एक गली से पथराव की घटना सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने दंगा नियंत्रण पुलिस (RCP) और महाराष्ट्र राज्य रिज़र्व पुलिस बल (SRPF) तैनात कर दिया।

घटनाक्रम: कैसे बढ़ा विवाद

जानकारी के अनुसार, विसर्जन जुलूस के दौरान हवा में उछाला गया गुलाल एक विशेष समुदाय के व्यक्ति के घर पर जा गिरा। इस पर दो-तीन लोगों ने आपत्ति जताई, जिससे दुर्गा मंडल के सदस्यों और उस समुदाय के लोगों के बीच तीखी बहस छिड़ गई। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ी और समीपस्थ गली से पत्थर फेंके गए।

गुस्साई भीड़ ने कुछ दोपहिया वाहनों सहित अन्य गाड़ियों में तोड़फोड़ की कोशिश की। हालाँकि पुलिस ने त्वरित हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत किया और किसी घर को नुकसान नहीं पहुँचने दिया।

पुलिस की प्रतिक्रिया और बंदोबस्त

उप-विभागीय पुलिस अधिकारी रामकृष्ण पवार ने पत्रकारों को बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर RCP और SRPF फोर्स को मौके पर तैनात किया गया। उन्होंने कहा, 'पुलिस ने बीच-बचाव किया और स्थिति को काबू में किया। घरों को नुकसान नहीं पहुँच पाया। लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।'

पुलिस के कड़े बंदोबस्त के बीच सुबह करीब चार बजे दुर्गा विसर्जन जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। घटना से नाराज बड़ी संख्या में लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की माँग लेकर पुलिस थाने पहुँचे। अधिकारियों ने उन्हें शांत करते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया।

मौजूदा स्थिति

फिलहाल मालेगांव शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में भारी बंदोबस्त के साथ स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती किसी भी अप्रिय घटना की पुनरावृत्ति को रोकने के उद्देश्य से की गई है।

गौरतलब है कि त्योहारी जुलूसों के दौरान सांप्रदायिक संवेदनशीलता से जुड़ी ऐसी घटनाएँ महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में पहले भी सामने आती रही हैं, जिसके बाद प्रशासन प्रत्येक बार अतिरिक्त सतर्कता बरतता है।

आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस ने बताया कि पथराव में शामिल आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी तलाश जारी है। उप-विभागीय पुलिस अधिकारी पवार ने स्पष्ट किया कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाज़त नहीं दी जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आने वाले दिनों में गिरफ्तारियाँ अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जुलूस मार्गों की पूर्व-योजना और संवेदनशील इलाकों में रूट-समन्वय क्यों नहीं होता। जब तक ऐसे जुलूसों में मार्ग-प्रबंधन और सामुदायिक संवाद की व्यवस्था नहीं होगी, पुलिस बल की तैनाती एक प्रतिक्रियात्मक उपाय ही बनी रहेगी — न कि निवारक।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाशिम के मालेगांव में दुर्गा विसर्जन जुलूस में विवाद कैसे शुरू हुआ?
जुलूस के दौरान हवा में उड़ाया गया गुलाल एक विशेष समुदाय के व्यक्ति के घर पर जा गिरा, जिस पर दो-तीन लोगों ने आपत्ति जताई। इससे दुर्गा मंडल के सदस्यों और उस समुदाय के लोगों के बीच बहस शुरू हुई, जो बाद में पथराव में बदल गई।
मालेगांव में पथराव के बाद पुलिस ने क्या कदम उठाए?
पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत किया और उच्च अधिकारियों के निर्देश पर RCP और SRPF फोर्स तैनात की। जुलूस सुबह चार बजे शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया और आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू की गई।
क्या मालेगांव में अभी स्थिति सामान्य है?
अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के इलाकों में भारी बंदोबस्त के साथ स्थिति पर लगातार नज़र रख रही है।
पथराव में शामिल आरोपियों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
उप-विभागीय पुलिस अधिकारी रामकृष्ण पवार ने बताया कि आरोपियों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए तलाश जारी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मालेगांव में आम जनता के लिए क्या अपील की गई है?
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है।
राष्ट्र प्रेस
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