टिटवाला गणपति विसर्जन में BJP-ठाकरे गुट भिड़े, 70-80 लोगों पर FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
कल्याण तालुका पुलिस ने 21 सितंबर 2026 को ठाणे जिले के टिटवाला में गणपति विसर्जन जुलूस के दौरान हुई मारपीट और बवाल के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और ठाकरे गुट के समर्थकों सहित 70 से 80 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। जुलूस में आगे निकलने को लेकर शुरू हुई कहासुनी जल्द ही धक्का-मुक्की और मारपीट में तब्दील हो गई, जिससे धार्मिक आयोजन के दौरान तनाव का माहौल बन गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, विवाद BJP की पूर्व उपमहापौर एवं वर्तमान नगर सेविका उपेक्षा भोईर, उनके पति शक्तिवान भोईर और ठाकरे गुट के पूर्व नगरसेवक सुरेश भोईर तथा पदाधिकारी प्रदीप भोईर के बीच जुलूस में आगे निकलने की प्राथमिकता को लेकर शुरू हुआ। कथित तौर पर पहले दोनों पक्षों के बीच जुबानी तकरार हुई, जो देखते ही देखते शारीरिक झड़प में बदल गई और दोनों गुटों के समर्थक भी आपस में भिड़ गए।
घटना की सूचना मिलते ही कल्याण तालुका पुलिस मौके पर पहुँची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने उपेक्षा भोईर, शक्तिवान भोईर, सुरेश भोईर और प्रदीप भोईर समेत करीब 70 से 80 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा, दंगा, गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अतिरिक्त, बिना अनुमति लाउडस्पीकर के प्रयोग और जिलाधिकारी के प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने के आरोप भी जोड़े गए हैं।
पुलिस का कहना है कि जुलूस के दौरान बने वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर आगे की जाँच की जाएगी।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह टकराव महज आकस्मिक नहीं माना जा रहा। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, टिटवाला क्षेत्र में ठाकरे गुट के प्रदीप भोईर ने उपेक्षा भोईर के पैनल के खिलाफ चुनाव लड़ा था और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। बताया जा रहा है कि उसी पराजय के बाद से दोनों गुटों के बीच राजनीतिक तनाव बना हुआ है। गणपति विसर्जन जैसे धार्मिक अवसर पर इस तनाव का खुलकर सामने आना स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में गणपति विसर्जन जुलूसों के दौरान जुलूस की प्राथमिकता को लेकर राजनीतिक दलों के बीच झड़पों की पृष्ठभूमि पहले भी रही है, विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहाँ दलों के बीच स्थानीय प्रतिद्वंद्विता तीखी हो।
आम जनता पर असर
इस हंगामे के कारण कुछ समय के लिए विसर्जन जुलूस बाधित हुआ और श्रद्धालुओं में असुविधा एवं भय का माहौल बना। धार्मिक आयोजन के दौरान इस तरह की राजनीतिक झड़प पर नागरिकों और धार्मिक संगठनों ने भी नाराजगी जताई है।
क्या होगा आगे
पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। वीडियो फुटेज की समीक्षा के बाद आगे गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों गुट जाँच में सहयोग करते हैं या मामला अदालत तक जाता है।