जमशेदपुर में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान पथराव, तीन युवक गंभीर रूप से घायल
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के जमशेदपुर में 21 सितंबर 2026 की देर रात गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूस के दौरान रास्ता और डीजे को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। साकची थाना क्षेत्र के काशीडीह में दो पक्षों के बीच हुई इस झड़प में लाठी-डंडों और कथित तौर पर धारदार हथियारों के इस्तेमाल से तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में उपचार जारी है।
घटनाक्रम: कैसे भड़की हिंसा
काशीडीह लाइन नंबर-13 से निकले गणेश विसर्जन जुलूस में डीजे बज रहा था और लोग नाच रहे थे। पुलिस के अनुसार, शुभम नामक एक युवक ने जुलूस के आगे से गुज़रने के लिए रास्ता माँगा, जिस पर उसकी जुलूस में शामिल कुछ लोगों से कहासुनी हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर शुभम के साथ मारपीट की गई।
इसके बाद शुभम ने अपनी बस्ती के युवकों को मौके पर बुलाया। पुलिस के अनुसार, कुछ देर में लाइन नंबर-1 की ओर से करीब 10 से 15 युवक वहाँ पहुँचे और दोनों पक्षों के बीच पुनः मारपीट शुरू हो गई, जो पथराव और धारदार हथियारों तक पहुँच गई। घटना से जुलूस में भगदड़ मच गई और डीजे वाहन में भी तोड़फोड़ की गई।
घायलों की स्थिति
जय कुमार यादव के सिर और गाल में गंभीर चोटें आई हैं; प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) रेफर किया गया। सोनू यादव और कुंभ यादव का भी TMH में उपचार चल रहा है। तीनों की हालत गंभीर बताई गई थी, हालाँकि पुलिस ने फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में बताया है।
पुलिस कार्रवाई और जाँच
सूचना मिलते ही साकची और सीतारामडेरा थाने की पुलिस अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस के पहुँचने से पूर्व अधिकांश आरोपी वहाँ से फरार हो चुके थे। पुलिस ने काशीडीह हाईस्कूल के पास खड़े डीजे वाहन को जब्त कर लिया है।
मामले में सौरभ पंचकुंडीय, रोहित और रिंकू मोहंती को नामजद किया गया है। इसके अलावा करीब 10 से 15 अज्ञात युवकों की पहचान की जा रही है। पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। इलाके में क्यूआरटी (QRT) तैनात की गई है और लगातार गश्त जारी है।
पृष्ठभूमि: दूसरी झड़प दो दिनों में
यह ऐसे समय में आया है जब ठीक एक दिन पहले, 19 सितंबर 2026 को, जमशेदपुर के ही मानगो इलाके में गणेश विसर्जन को लेकर दो पक्षों के बीच झड़प हुई थी, जिसमें पाँच लोग घायल हो गए थे। गौरतलब है कि यह दो दिनों में दूसरी ऐसी घटना है, जो त्योहारी मौसम में सार्वजनिक जुलूसों के दौरान कानून-व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर करती है।
आगे क्या
पुलिस ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। आरोपियों की गिरफ्तारी शेष है और जाँच जारी है। प्रशासन की ओर से इलाके में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।