महिला दिवस पर रांची और धनबाद में ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में

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महिला दिवस पर रांची और धनबाद में ट्रेनों का संचालन पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में

सारांश

महिला दिवस पर झारखंड के रांची और धनबाद में महिलाओं ने ट्रेनों का संचालन किया। यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है, बल्कि समाज में समान अवसरों की आवश्यकता को भी दर्शाती है।

Key Takeaways

  • महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम।
  • महिलाओं को समान अवसर देने का प्रयास।
  • ट्रेन संचालन में महिलाएं सक्रिय रूप से शामिल।
  • समाज में महिलाओं की भूमिका को बढ़ावा देना।
  • महिलाओं के योगदान को मान्यता देना।

रांची/धनबाद, ८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को झारखंड के रांची और धनबाद रेल मंडलों में महिला सशक्तिकरण की एक नई और प्रेरणादायक पहल देखने को मिली। रेलवे प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कार्यभारों को महिला कर्मियों को सौंपते हुए ट्रेनों के संचालन, सुरक्षा और टिकट जांच का जिम्मा पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में सौंपा।

रांची रेलवे स्टेशन से चलने वाली रांची-इरगांव ट्रेन का संचालन पूरी तरह से महिला कर्मचारियों की टीम ने संभाला। इस विशेष पहल के तहत लगभग १५ महिला रेलकर्मियों की एक टीम बनाई गई थी। इसमें लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टीटीई और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महिला जवान शामिल थीं। ट्रेन की रवानगी से लेकर उसके सुरक्षित संचालन और यात्रियों की व्यवस्था तक की सभी जिम्मेदारियां इस टीम ने बखूबी निभाईं।

रांची रेल मंडल की सीनियर डीसीएम सूची सिंह ने स्टेशन पर मौजूद महिला रेलकर्मियों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में भी इस पहल के प्रति उत्साह देखा गया और उन्होंने तालियां बजाकर महिला टीम का हौसला बढ़ाया। सूची सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को सम्मान देने का एक अवसर है।

उन्होंने कहा कि इसी भावना के साथ रांची स्टेशन से महिला कर्मियों की विशेष टीम के माध्यम से ट्रेन का संचालन किया गया। उन्होंने बताया कि रेल मंडल महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने और समान अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्टेशन मास्टर चंद कुमारी कच्छप ने कहा कि महिला दिवस केवल प्रतीकात्मक तरीके से नहीं मनाया जाना चाहिए, बल्कि समाज में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए यह सोच हर दिन दिखाई देनी चाहिए।

इसी प्रकार, धनबाद रेल मंडल में भी महिला दिवस के अवसर पर विशेष पहल की गई। धनबाद से सुबह ११:३० बजे खुलने वाली धनबाद-सिंदरी टाउन पैसेंजर ट्रेन का संचालन पूरी तरह से महिला क्रू द्वारा किया गया। इस ट्रेन में रेल चालक के रूप में जानकी बल्लभ बारी, सहायक रेल चालक वंदना कुमारी और ट्रेन मैनेजर के रूप में दीपा कुमारी ने जिम्मेदारी निभाई। वापसी में सिंदरी टाउन से धनबाद आने वाली पैसेंजर ट्रेन को भी महिलाओं ने ही संचालित किया।

इसके अलावा, धनबाद स्टेशन पर टिकट काउंटर, ट्रेन सिग्नलिंग, टिकट जांच और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी महिला कर्मचारियों को सौंपी गई। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य महिलाओं की क्षमता और नेतृत्व कौशल को रेखांकित करना और उन्हें हर क्षेत्र में समान अवसर देने का संदेश मजबूत करना है।

Point of View

बल्कि समानता और सशक्तिकरण के प्रति समाज की सोच को भी दर्शाती है।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

महिला दिवस का महत्व क्या है?
महिला दिवस महिलाओं के संघर्ष, उनकी उपलब्धियों और समाज में उनके योगदान को सम्मानित करने का अवसर है।
कौन-कौन सी महिला कर्मचारी इस पहल में शामिल थीं?
इस पहल में लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, टीटीई और आरपीएफ की महिला जवान शामिल थीं।
क्या यह पहल केवल एक दिन के लिए थी?
नहीं, यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और समान अवसरों की दिशा में एक निरंतर प्रयास का हिस्सा है।
क्या अन्य स्थानों पर भी ऐसी पहल की गई है?
यह पहल रांची और धनबाद में हुई, लेकिन अन्य स्थानों पर भी महिला सशक्तिकरण के प्रयास किए जा रहे हैं।
महिला कर्मियों को किस प्रकार का सम्मान मिला?
महिला कर्मियों को गुलाब का फूल देकर सम्मानित किया गया।
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