क्या यमुना साइकिल कॉरिडोर पर्यावरण, स्वास्थ्य और पर्यटन को एक साथ जोड़ सकता है? : सीएम रेखा गुप्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या यमुना साइकिल कॉरिडोर पर्यावरण, स्वास्थ्य और पर्यटन को एक साथ जोड़ सकता है? : सीएम रेखा गुप्ता

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यमुना साइकिल कॉरिडोर परियोजना की समीक्षा की। यह योजना न केवल ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को सशक्त बनाने में भी सहायक होगी।

मुख्य बातें

दिल्ली का पर्यावरण बेहतर होगा।
ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा।
कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी।
शहरी ट्रैफिक का दबाव घटेगा।
स्वास्थ्य में सुधार होगा।

नई दिल्ली, 26 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वजीराबाद यमुना पुल से एनएच-24 और आगे कालिंदी कुंज बायोडायवर्सिटी पार्क तक प्रस्तावित 53 किलोमीटर लंबे साइकिल ट्रैक परियोजना पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। यह ट्रैक यमुना के दोनों तरफ बनेगा और संभावित मार्गों से यमुना को पार भी करेगा।

मुख्यमंत्री ने इस परियोजना पर विशेष रुचि दिखाई और कहा कि यह साइकिल ट्रैक दिल्ली के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा मिलेगा, कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और शहरी ट्रैफिक का दबाव घटेगा। सीएम ने बताया कि यह साइकिल ट्रैक केवल एक परिवहन योजना नहीं, बल्कि दिल्ली के पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं को सशक्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।

दिल्ली सचिवालय में आयोजित इस बैठक में डीडीए, सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण विभाग, पीडब्ल्यूडी, रेलवे, ऊर्जा विभाग, दिल्ली जल बोर्ड और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में परियोजना के चरणबद्ध निर्माण, विभागीय समन्वय, स्वीकृतियों की स्थिति और कार्य-योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

सीएम ने कहा कि यह साइकिल ट्रैक परियोजना दिल्ली के भविष्य की शहरी संरचना और पर्यावरण संतुलन का आधार बनेगी। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे इस परियोजना को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

बैठक में जानकारी दी गई कि अधिकांश विभागों ने इस परियोजना को अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदान कर दिया है और विभिन्न स्तरों पर समन्वय सफलतापूर्वक स्थापित किया गया है। रेलवे से संबंधित स्वीकृति की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह साइकिल ट्रैक परियोजना दिल्ली को एक स्वच्छ, हरित और स्वस्थ महानगर बनाने में सहायक होगी। यह परियोजना तीन चरणों में विकसित की जाएगी, जिसमें पहले चरण में पुराने यमुना रेल पुल से एनएच-24, दूसरे चरण में एनएच-24 से कालिंदी कुंज यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क और तीसरे चरण में वजीराबाद यमुना बैराज से पुराने यमुना रेल पुल तक ट्रैक बनाया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यमुना साइकिल कॉरिडोर परियोजना एक महत्वपूर्ण पहल है जो न केवल पर्यावरण को संरक्षित करती है बल्कि शहर की जीवनशैली को भी बेहतर बनाती है। यह परियोजना दिल्लीवासियों के लिए एक सकारात्मक बदलाव का संकेत देती है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमुना साइकिल कॉरिडोर परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना, कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना और शहरी ट्रैफिक के दबाव को कम करना है।
इस परियोजना की लागत क्या है?
इसकी लागत की जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले