4 अगस्त 2026
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बांकीपुर-दतिया उपचुनाव में BJP की हार पर प्रियंका चतुर्वेदी: 'युवाओं के गुस्से को नज़रअंदाज़ करना पड़ा भारी'

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बांकीपुर-दतिया उपचुनाव में BJP की हार पर प्रियंका चतुर्वेदी: 'युवाओं के गुस्से को नज़रअंदाज़ करना पड़ा भारी'

सारांश

बांकीपुर और दतिया उपचुनाव में BJP की हार को शिवसेना (UBT) नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी ने युवा-आक्रोश का नतीजा बताया। BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट पर हर बूथ पर मिली पराजय को उन्होंने छात्र-प्रदर्शनों को नज़रअंदाज़ करने की सज़ा करार दिया।

मुख्य बातें

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बांकीपुर और दतिया उपचुनावों में BJP की हार का कारण युवाओं में छात्र-आंदोलन से उपजा गुस्सा है।
BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट बांकीपुर के हर बूथ पर पार्टी की हार को उन्होंने 'युवाओं की उपेक्षा' का परिणाम बताया।
केंद्र की ई-20 फ्यूल पॉलिसी के खिलाफ अरविंद केजरीवाल के प्रस्तावित मार्च को चतुर्वेदी ने जनता की वाजिब आवाज़ बताया।
कर्नाटक कैबिनेट विस्तार में एक भी महिला न होने पर उन्होंने कांग्रेस से 33% महिला आरक्षण के वादे पर सवाल उठाया।
बृजभूषण शरण सिंह के अदालत से बरी होने पर उन्होंने जाँच प्रक्रिया में कमी का संदेह जताया।

शिवसेना (यूबीटी) नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी ने 4 अगस्त को बांकीपुर और दतिया उपचुनाव परिणामों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छात्र-आंदोलन से उपजे युवा-आक्रोश ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को उन सीटों पर भी पराजित कर दिया जहाँ उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही थी। उन्होंने BJP से आत्ममंथन की माँग की।

मुख्य घटनाक्रम: बांकीपुर की हार पर चतुर्वेदी का तर्क

चतुर्वेदी ने कहा, 'छात्रों के पूरे विरोध-प्रदर्शन ने युवाओं में गुस्से का माहौल बना दिया। इसी वजह से जिस सीट पर भाजपा की जीत पक्की मानी जा रही थी, वहाँ वे हार गए।' उन्होंने विशेष रूप से BJP अध्यक्ष नितिन नवीन की सीट बांकीपुर का ज़िक्र किया और कहा कि हर बूथ पर मिली हार यह दर्शाती है कि पार्टी ने युवाओं के प्रदर्शन को गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने यह भी कहा, 'BJP को आत्ममंथन करना पड़ेगा कि उनकी पार्टी के अंदर कौन विभीषण है, जिसकी वजह से हार का सामना करना पड़ा।'

ई-20 फ्यूल पॉलिसी और केजरीवाल के मार्च पर रुख

केंद्र सरकार की ई-20 फ्यूल पॉलिसी के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रधानमंत्री आवास तक प्रस्तावित मार्च पर चतुर्वेदी ने कहा, 'लोग लंबे समय से ई-20 की वजह से परेशान हैं और इसके खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं। सरकार ने फिर से इस मुद्दे को नज़रअंदाज़ किया है।' उन्होंने जंतर-मंतर पर पहले हो चुके विरोध-प्रदर्शनों का भी उल्लेख किया।

कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की अनुपस्थिति पर सवाल

कर्नाटक के कैबिनेट विस्तार में एक भी महिला को शामिल न किए जाने पर चतुर्वेदी ने कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'एक तरफ हम आधी आबादी, आधे अधिकार या पूरे अधिकारों की बात करते हैं। जब कैबिनेट का विस्तार हुआ, तो वहाँ सिर्फ पुरुष खड़े थे।' उन्होंने सवाल उठाया कि जब 33 फीसदी महिला आरक्षण और महिला नेतृत्व की बात होती है, तो यह मंत्रिपद में क्यों नहीं दिखता।

उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान पर प्रतिक्रिया

तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन के एक विवादित बयान पर चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने वह टिप्पणी नहीं सुनी है, लेकिन यदि उन्होंने महिलाओं या किसी के निजी संबंधों को लेकर विवाद खड़ा किया है तो यह 'बहुत आपत्तिजनक' है। उन्होंने कहा, 'स्टालिन को तृषा से माफी माँगनी चाहिए।'

बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर पहले की प्रतिक्रिया

इससे पूर्व सोमवार को पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के अदालत से बरी होने पर चतुर्वेदी ने कहा था कि उन्हें इसमें कोई हैरानी नहीं है। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से महिला प्रदर्शनकारियों ने इतने दिनों तक विरोध किया, फिर भी उन्हें न्याय नहीं मिला और उन्हें सांसद बने रहने दिया गया — यह हैरानी की बात नहीं कि जाँच में भी कमियाँ रही होंगी।' उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायपालिका तथ्यों और सबूतों के आधार पर काम करती है और कमी जाँच प्रक्रिया में रही होगी। यह बयान उस व्यापक बहस की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें महिला पहलवानों के न्याय-संघर्ष को लेकर राजनीतिक जवाबदेही पर सवाल उठते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जाँच एजेंसी की प्रक्रिया पर सवाल उठाता है — एक महत्वपूर्ण अंतर जिसे मुख्यधारा की कवरेज अक्सर चूक जाती है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांकीपुर उपचुनाव में BJP की हार का कारण क्या बताया गया?
शिवसेना (UBT) नेत्री प्रियंका चतुर्वेदी के अनुसार, छात्र-प्रदर्शनों से उपजे युवा-आक्रोश ने BJP को बांकीपुर के हर बूथ पर हराया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने युवाओं के विरोध को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका खामियाज़ा चुनाव में भुगतना पड़ा।
प्रियंका चतुर्वेदी ने ई-20 फ्यूल पॉलिसी पर क्या कहा?
उन्होंने कहा कि लोग लंबे समय से ई-20 फ्यूल पॉलिसी की वजह से परेशान हैं और सरकार ने इस मुद्दे को बार-बार नज़रअंदाज़ किया है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल के प्रस्तावित विरोध मार्च को जनता की वाजिब माँग का प्रतिनिधित्व बताया।
कर्नाटक कैबिनेट में महिलाओं की अनुपस्थिति पर चतुर्वेदी ने क्या कहा?
उन्होंने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा कि जब 33 फीसदी महिला आरक्षण और महिला नेतृत्व की बात होती है, तो कैबिनेट विस्तार में एक भी महिला न होना उस वादे का खंडन है। उन्होंने इसे 'आधी आबादी' के अधिकारों के साथ विरोधाभास बताया।
बृजभूषण शरण सिंह के बरी होने पर चतुर्वेदी की क्या प्रतिक्रिया थी?
चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें इस फैसले पर कोई हैरानी नहीं है। उन्होंने जाँच प्रक्रिया में कमियों का संदेह जताते हुए कहा कि महिला पहलवानों के लंबे संघर्ष के बावजूद न्याय नहीं मिला, और यह सिलसिला तब से ही स्पष्ट था जब बृजभूषण को सांसद बने रहने दिया गया और बाद में उनके बेटे को टिकट दिया गया।
उदयनिधि स्टालिन के विवादित बयान पर चतुर्वेदी ने क्या माँग की?
चतुर्वेदी ने कहा कि यदि उदयनिधि स्टालिन ने महिलाओं या किसी के निजी संबंधों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है, तो उन्हें अभिनेत्री तृषा से सार्वजनिक माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने ऐसे बयानों को 'बहुत आपत्तिजनक' करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
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