क्या युवराज की मौत के मामले में एसआईटी की उच्चस्तरीय बैठक हुई?

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क्या युवराज की मौत के मामले में एसआईटी की उच्चस्तरीय बैठक हुई?

सारांश

नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में एसआईटी ने उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल हुए और घटना को लेकर विस्तृत जवाब मांगे गए। एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट 24 जनवरी को शासन को सौंपी जाएगी। क्या इस मामले में कोई लापरवाही सामने आएगी?

Key Takeaways

  • युवराज की मौत से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक हुई।
  • एसआईटी ने 7 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा।
  • रिपोर्ट 24 जनवरी को शासन को दी जाएगी।
  • दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव है।
  • प्रशासन की भूमिका की जांच की जाएगी।

नोएडा, 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की दुखद मौत के मामले की जांच में तेजी आई है। इसी संदर्भ में, नोएडा अथॉरिटी कार्यालय में कल रात एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन हुआ, जिसमें स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) के अध्यक्ष एवं एडीजी भानु भास्कर, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा शामिल हुए।

इस बैठक में पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम, नोएडा अथॉरिटी के एसीईओ कृष्ण करुणेश और एसीईओ सतीश पाल से इस घटना के बारे में विस्तृत जवाब मांगे गए। एसआईटी ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे शुक्रवार को घटना से जुड़े सभी तथ्यों और सवालों पर लिखित उत्तर प्रस्तुत करें। इसके अलावा, एसआईटी शुक्रवार को एक बार फिर नोएडा आएगी और अधिकारियों के द्वारा दिए गए उत्तरों की समीक्षा करेगी।

जानकारी के अनुसार, एसआईटी ने कुल 7 बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है। संबंधित अधिकारियों द्वारा 60 से अधिक पृष्ठों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे एसआईटी को सौंपा जाएगा। इसके अलावा, जिला प्रशासन की ओर से डिजास्टर मैनेजमेंट से जुड़ी रिपोर्ट भी जांच टीम को प्रस्तुत की जाएगी। एसआईटी ने विशेष रूप से यह सवाल उठाया है कि घटना के समय कंट्रोल रूम, फील्ड स्टाफ और संबंधित विभागों के बीच समन्वय का स्तर क्या था।

इसके साथ ही यह भी पूछा गया है कि सूचना मिलने के बाद रिस्पॉन्स टाइम कितना रहा और युवक को बचाने के लिए क्या प्रयास किए गए। जांच टीम यह जानना चाहती है कि राहत और बचाव कार्यों में कहां और किस स्तर पर चूक हुई। इसके अलावा, स्पोर्ट्स सिटी प्लॉट आवंटन से संबंधित जानकारियां भी मांगी गई हैं। एसआईटी ने यह स्पष्ट करने को कहा है कि संबंधित सेक्टर में सड़क, सड़क सुरक्षा, पानी और सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं कब उपलब्ध कराई गईं और प्लॉट का पजेशन किस तिथि को दिया गया था।

जांच में यह पहलू भी शामिल है कि युवराज की मौत से पहले उसी स्थान पर एक ट्रक दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, उसके बाद प्रशासन और संबंधित विभागों ने क्या एहतियाती कदम उठाए। सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है। एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट 24 जनवरी को शासन को सौंपेगी। इस मामले को लेकर प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज है और पूरे घटनाक्रम पर प्रदेश सरकार की भी कड़ी नजर बनी हुई है।

Point of View

सार्वजनिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है। एसआईटी की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि सरकार इस मामले में गंभीर है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
NationPress
23/01/2026

Frequently Asked Questions

युवराज की मौत का कारण क्या है?
युवराज की मौत की जांच चल रही है और इसके कारणों का पता लगाने के लिए एसआईटी जांच कर रही है।
एसआईटी की बैठक में कौन-कौन शामिल था?
एसआईटी की बैठक में एडीजी भानु भास्कर, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर अजय वर्मा शामिल थे।
एसआईटी अपनी रिपोर्ट कब पेश करेगी?
एसआईटी अपनी अंतिम रिपोर्ट 24 जनवरी को शासन को सौंपेगी।
क्या इस मामले में कार्रवाई की जाएगी?
हां, रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सकती है।
युवराज की मौत के समय प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
इसकी जांच चल रही है, जिसमें घटना के समय प्रशासन के द्वारा उठाए गए कदमों का विश्लेषण किया जा रहा है।
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