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क्या कोविड-19 संक्रमण महिलाओं की रक्त वाहिकाओं पर बुरा असर डाल सकता है?

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क्या कोविड-19 संक्रमण महिलाओं की रक्त वाहिकाओं पर बुरा असर डाल सकता है?

सारांश

एक नए अध्ययन में पता चला है कि कोविड-19 संक्रमण से रक्त वाहिकाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ा है। यह स्थिति हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ा सकती है। जानें कैसे यह संक्रमण उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।

मुख्य बातें

कोविड-19 से रक्त वाहिकाओं में समय से पहले परिवर्तन हो सकते हैं।
महिलाएं पुरुषों की तुलना में अधिक प्रभावित होती हैं।
वैक्सीनेशन रक्त वाहिकाओं की कठोरता को कम कर सकता है।
इस स्थिति से हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।
इम्यून सिस्टम का कार्य महिलाओं और पुरुषों में भिन्न हो सकता है।

नई दिल्ली, 18 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एक नवीनतम शोध में बताया गया है कि कोविड-19 संक्रमण का रक्त वाहिकाओं पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ रहा है। अध्ययन में ऐसे परिवर्तन देखे गए हैं, जो आमतौर पर उम्र बढ़ने से जुड़े होते हैं। कोविड संक्रमण ने उन परिवर्तनों को समय से पहले ही उत्पन्न कर दिया है, जो सामान्यतः कम से कम पांच साल बाद दिखाई देने चाहिए थे। यह स्थिति धमनियों को कठोर बना सकती है, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक और दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है।

आम तौर पर उम्र के साथ रक्त वाहिकाएं सख्त हो जाती हैं। इससे धमनियां लचीलापन खो देती हैं, जिससे हृदय रोग, स्ट्रोक और दिल का दौरा जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ता है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 का प्रभाव हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को और बढ़ा सकता है।

फ्रांस की यूनिवर्सिटी पेरिस सिटे की प्रोफेसर रोजा मारिया ब्रूनो ने कहा, "कोविड-19 रक्त वाहिकाओं को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकता है। इसका परिणाम यह हो सकता है कि आपकी रक्त वाहिकाएं आपकी वास्तविक उम्र से अधिक बुढ़ी दिखाई दें, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है।"

यह अध्ययन यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित हुआ है, जिसमें 16 देशों (ऑस्ट्रिया, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, साइप्रस, फ्रांस, ग्रीस, इटली, मैक्सिको, नॉर्वे, तुर्की, यूके और अमेरिका) के 2,390 लोगों को शामिल किया गया है, जिन्हें सितंबर 2020 से फरवरी 2022 के बीच अध्ययन के लिए चयनित किया गया था।

शोध के परिणामों ने दिखाया कि कोविड-19 से संक्रमित सभी तीन समूहों के मरीजों, जिनमें हल्के कोविड वाले मरीज भी शामिल थे, की धमनियां उन लोगों की तुलना में अधिक कठोर थीं जो संक्रमित नहीं हुए थे।

यह प्रभाव पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक था, विशेषकर उन लोगों में जिन्होंने लॉन्ग कोविड के लक्षण जैसे सांस की तकलीफ और थकान का अनुभव किया।

विशेष रूप से, जिन लोगों ने कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन ली थी, उनकी धमनियां उन लोगों की तुलना में कम कठोर थीं जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली थी। लंबे समय में, कोविड संक्रमण से जुड़ी उम्र बढ़ने की स्थिति स्थिर होती हुई दिखाई दी या उसमें थोड़ा सुधार हुआ।

प्रोफेसर रोजा मारिया ब्रूनो ने बताया कि पुरुषों और महिलाओं में इस अंतर का एक कारण इम्यून सिस्टम का अलग-अलग तरीके से काम करना हो सकता है।

उन्होंने कहा, "महिलाओं की प्रतिरक्षा प्रणाली तेज और मजबूत होती है, जो उन्हें प्रारंभिक संक्रमण से बचा सकती है, लेकिन यह रक्त वाहिकाओं को अधिक नुकसान भी पहुंचा सकती है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

और हमें इस पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति का तत्काल समाधान आवश्यक है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोविड-19 का रक्त वाहिकाओं पर क्या असर होता है?
कोविड-19 संक्रमण रक्त वाहिकाओं में ऐसे परिवर्तन लाता है जो आमतौर पर उम्र बढ़ने से जुड़े होते हैं, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है।
क्या महिलाओं की रक्त वाहिकाओं पर कोविड का असर अधिक होता है?
हाँ, अध्ययन से पता चला है कि कोविड-19 का प्रभाव महिलाओं की रक्त वाहिकाओं पर पुरुषों की तुलना में अधिक होता है।
क्या वैक्सीन लेने से रक्त वाहिकाओं पर असर कम होता है?
जी हाँ, जिन लोगों ने कोविड-19 के खिलाफ वैक्सीन ली थी, उनकी धमनियां उन लोगों की तुलना में कम कठोर थीं जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली थी।
राष्ट्र प्रेस
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