फरवरी 2024 में भारत की रिटेल वाहन बिक्री में रिकॉर्ड 25.62%25 की वृद्धि

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फरवरी 2024 में भारत की रिटेल वाहन बिक्री में रिकॉर्ड 25.62%25 की वृद्धि

सारांश

फरवरी 2024 में भारत में रिटेल वाहन बिक्री ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है, जिसमें **25.62 प्रतिशत** की वृद्धि देखी गई है। यह आंकड़ा **24.09 लाख यूनिट** तक पहुंच गया है। जानिए इस बढ़ोतरी के पीछे के कारण और विभिन्न वाहन श्रेणियों की प्रदर्शन स्थिति।

Key Takeaways

  • फरवरी 2024 में रिटेल वाहन बिक्री में **25.62%25** की वृद्धि हुई।
  • दोपहिया वाहनों की बिक्री **25.02%25** बढ़ी।
  • कमर्शियल वाहनों की बिक्री में **28.89%25** की वृद्धि हुई।
  • ट्रैक्टर बिक्री में **36.35%25** की वृद्धि हुई।
  • सरकारी नीतियों का सकारात्मक प्रभाव बाजार में दिखाई दे रहा है।

नई दिल्ली, 5 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। फरवरी 2024 में भारत में रिटेल वाहन बिक्री में एक बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिली है। इस महीने देश में वाहन बिक्री सालाना आधार पर 25.62 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 24.09 लाख यूनिट तक पहुंच गई, जो कि पिछले साल के फरवरी के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। यह जानकारी फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) ने साझा की।

यह वृद्धि लगभग सभी वाहन श्रेणियों में नजर आई। सालाना आधार पर दोपहिया वाहनों की बिक्री में 25.02 प्रतिशत, तीन पहिया वाहनों की बिक्री में 24.39 प्रतिशत, पैसेंजर वाहिकाओं की बिक्री में 26.12 प्रतिशत, और कमर्शियल वाहनों की बिक्री में 28.89 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। यह दर्शाता है कि निजी उपयोग के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों से जुड़े वाहनों की मांग भी मजबूत बनी हुई है।

एफएडीए के अनुसार, मार्च में भी डीलरों का विश्वास बाजार के प्रति सकारात्मक बना हुआ है। लगभग 75.51 प्रतिशत डीलरों को उम्मीद है कि बिक्री में और बढ़ोतरी होगी, जबकि 19.90 प्रतिशत डीलरों का मानना है कि बाजार स्थिर रहेगा और केवल 4.59 प्रतिशत डीलरों को गिरावट का डर है।

फरवरी में ट्रैक्टर बिक्री में भी 36.35 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जिससे यह महीने का सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन गया।

हालांकि, कंस्ट्रक्शन उपकरण एक ऐसा सेगमेंट था जिसने नया रिकॉर्ड नहीं बनाया। इस क्षेत्र में सालाना आधार पर 1.22 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई।

एफएडीए का कहना है कि फरवरी में बाजार का मजबूत प्रदर्शन यह दर्शाता है कि सरकारी नीतियों से उत्पन्न विश्वास अब मांग में भी दिखने लगा है। विशेषकर जीएसटी 2.0 के बाद से बाजार में स्थिरता और विश्वास बढ़ा है, जिससे विभिन्न वाहन सेगमेंट में मांग मजबूत बनी हुई है।

दोपहिया वाहनों की रिटेल बिक्री 25.02 प्रतिशत बढ़कर 17,00,505 यूनिट तक पहुंच गई। डीलरों का कहना है कि अच्छी फसल, ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर नकदी का प्रवाह, आकर्षक मार्केटिंग योजनाएं और जीएसटी में बदलाव के बाद बेहतर कीमतों ने इस वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कमर्शियल वाहनों की बिक्री फरवरी में 1,00,820 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 28.89 प्रतिशत अधिक है। देशभर के डीलरों का कहना है कि बेहतर माल ढुलाई, स्थिर ई-कॉमर्स गतिविधियां, और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी मांग के कारण नए वाहनों की खरीद में वृद्धि हुई है।

पैसेंजर वाहनों की रिटेल बिक्री 3,94,768 यूनिट रही, जो सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इस दौरान शहरी बाजार में 21.12 प्रतिशत और ग्रामीण बाजार में 34.21 प्रतिशत की तेजी आई। यह दर्शाता है कि महानगरों के साथ-साथ ग्रामीण और छोटे शहरों में भी वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती मांग विशेषकर छोटी कारों की बिक्री को सहारा दे रही है, हालांकि कुल बिक्री में अब भी एसयूवी और यूटिलिटी वाहनों का बड़ा योगदान बना हुआ है।

Point of View

यह डेटा न केवल वाहन उद्योग की मजबूती को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि सरकारी नीतियों का सकारात्मक प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। यह एक महत्वपूर्ण संकेत है कि बाजार में स्थिरता बनी हुई है।
NationPress
07/03/2026

Frequently Asked Questions

फरवरी 2024 में रिटेल वाहन बिक्री में कितनी वृद्धि हुई?
फरवरी 2024 में भारत में रिटेल वाहन बिक्री में **25.62 प्रतिशत** की वृद्धि हुई।
कौन सा वाहन सेगमेंट सबसे तेजी से बढ़ा?
ट्रैक्टर बिक्री में **36.35 प्रतिशत** की वृद्धि हुई, जो इसे महीने का सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बनाता है।
क्या डीलरों का बाजार पर विश्वास सकारात्मक है?
जी हां, लगभग **75.51 प्रतिशत डीलरों** को उम्मीद है कि बिक्री में और वृद्धि होगी।
कंस्ट्रक्शन उपकरणों की बिक्री में क्या स्थिति है?
**कंस्ट्रक्शन उपकरण** सेगमेंट में सालाना आधार पर **1.22 प्रतिशत** की कमी आई।
कौन सी नीतियां बाजार में स्थिरता लाने में मदद कर रही हैं?
सरकारी नीतियों, विशेषकर **जीएसटी 2.0** के बाद, बाजार में स्थिरता और विश्वास बढ़ा है।
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