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क्या जीएसटी सुधारों से गाड़ियों की मांग में वृद्धि होगी और ऑटो सेक्टर को फायदा होगा?

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क्या जीएसटी सुधारों से गाड़ियों की मांग में वृद्धि होगी और ऑटो सेक्टर को फायदा होगा?

सारांश

जीएसटी सुधारों के तहत वाहनों पर कर में कटौती होने से भारत में गाड़ियों की मांग बढ़ने की संभावना है। यह न केवल ऑटो सेक्टर बल्कि इससे जुड़े उद्योगों के लिए भी लाभकारी होगा। क्या यह कदम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा? जानिए इस लेख में।

मुख्य बातें

जीएसटी में कटौती से गाड़ियों की मांग बढ़ेगी।
ऑटो सेक्टर में रोजगार सृजन होगा।
ट्रैक्टर और बाइक की कीमतें कम होंगी।
छोटे शहरों में बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।
लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।

नई दिल्ली, 12 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। जीएसटी सुधार के परिणामस्वरूप देश में गाड़ियों की मांग में वृद्धि होनी तय है। इसके साथ ही, ऑटो सेक्टर से जुड़े उद्योग जैसे टायर, बैटरी, ग्लास, स्टील, प्लास्टिक और इलेक्ट्रॉनिक्स को भी लाभ मिलेगा। यह जानकारी सरकार द्वारा साझा की गई है।

सरकार ने बताया कि वाहनों की बढ़ती बिक्री अर्थव्यवस्था के लिए एक मल्टीप्लायर प्रभाव उत्पन्न करेगी। इससे एमएसएमई की सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। सरकार ने 350 सीसी से कम की बाइक, छोटी से लग्जरी कार और 1800 सीसी से कम के ट्रैक्टर और ऑटो पार्ट्स पर कर में कटौती की है।

सरकार के अनुसार, ऑटो उद्योग मैन्युफैक्चरिंग, बिक्री, फाइनेंसिंग और रखरखाव के क्षेत्र में 3.5 करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करता है। बढ़ती मांग से डीलरशिप, परिवहन सेवाओं, लॉजिस्टिक्स और कंपोनेंट एमएसएमई में नई भर्तियाँ होंगी। ड्राइवर, मैकेनिक और छोटे सर्विस गैराज जैसे अनौपचारिक क्षेत्र में रोजगार में भी वृद्धि होगी।

जीएसटी में कमी से बाइक की कीमतें कम होंगी, जिससे ये युवाओं, पेशेवरों और निम्न-मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए अधिक सुलभ हो जाएंगी। इससे दोपहिया वाहनों के ऋणों की लागत और ईएमआई में कमी के जरिए गिग वर्कर्स की बचत में मदद मिलेगी।

किफायती श्रेणी की कारें सस्ती हों जाएंगी, जो पहली बार कार खरीदने वालों को प्रोत्साहित करेगी और घरेलू गतिशीलता को बढ़ावा देगी। जीएसटी में कमी से छोटे शहरों और कस्बों में बिक्री को बढ़ावा मिलेगा, जहां छोटी कारों का बोलबाला है।

ज्यादा बिक्री से कार डीलरशिप, सर्विस नेटवर्क, ड्राइवरों और ऑटो-फाइनेंस कंपनियों को लाभ होगा।

अतिरिक्त उपकर हटाने से न केवल दरें कम हुई हैं, बल्कि कराधान भी सरल और पूर्वानुमानित हो गया है।

सरकार ने कहा, "40 प्रतिशत पर भी, उपकर न होने से बड़ी कारों पर प्रभावी कर कम हो जाएगा, जिससे वह महत्वाकांक्षी खरीदारों के लिए अपेक्षाकृत अधिक किफायती हो जाएंगी। कर की दर को 40 प्रतिशत तक लाने और उपकर हटाने से यह भी सुनिश्चित होगा कि ये उद्योग पूरी तरह से आईटीसी के पात्र होंगे, जबकि पहले आईटीसी का उपयोग केवल 28 प्रतिशत तक ही किया जा सकता था।"

भारत दुनिया के सबसे बड़े ट्रैक्टर बाजारों में से एक है और जीएसटी में कटौती से घरेलू और निर्यात दोनों क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी। ट्रैक्टर निर्माण के लिए आवश्यक पुर्जों जैसे टायर, गियर आदि पर भी केवल 5 प्रतिशत कर लगेगा।

इंजन, टायर, हाइड्रोलिक पंप और स्पेयर पार्ट्स बनाने वाली सहायक एमएसएमई को अधिक उत्पादन का लाभ मिलेगा। जीएसटी में कटौती से भारत की वैश्विक ट्रैक्टर निर्माण केंद्र के रूप में स्थिति भी मजबूत होगी।

ट्रैक्टरों की बढ़ती सामर्थ्य से कृषि क्षेत्र में मशीनीकरण बढ़ेगा। इससे धान, गेहूं आदि जैसी प्रमुख फसलों की उत्पादकता में सुधार होगा।

ट्रक भारत की आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ हैं (माल ढुलाई का 65-70 प्रतिशत हिस्सा ढोते हैं)। जीएसटी में कमी से ट्रकों की शुरुआती पूंजीगत लागत कम हो जाती है, जिससे प्रति टन-किमी माल ढुलाई दर कम हो जाएगी।

इससे कृषि उत्पादों, सीमेंट, इस्पात, एफएमसीजी और ई-कॉमर्स डिलीवरी की आवाजाही और सस्ती हो जाएगी और मुद्रास्फीति का दबाव कम होगा। यह कमी एमएसएमई ट्रक मालिकों को भी लाभ पहुंचाएगी, जो भारत के सड़क परिवहन क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा हैं। सस्ते ट्रक सीधे तौर पर लॉजिस्टिक्स लागत को कम करने में मदद करेंगे, जिससे निर्यात प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा। ये कदम प्रधानमंत्री गति शक्ति और राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति के लक्ष्यों के अनुरूप हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इससे जुड़े उद्योगों को भी लाभ मिलेगा। यह कदम देश की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी में कटौती का क्या असर होगा?
जीएसटी में कटौती से गाड़ियों की कीमतें कम होंगी, जिससे मांग बढ़ेगी और ऑटो सेक्टर को लाभ होगा।
ऑटो सेक्टर में कितने रोजगार सृजित होंगे?
ऑटो उद्योग मैन्युफैक्चरिंग, बिक्री और रखरखाव में 3.5 करोड़ से ज्यादा रोजगार प्रदान करता है।
राष्ट्र प्रेस
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