क्या एनएसई और बीएसई ने एक्सपायरी के दिन में बदलाव किया है?
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई, 17 जून (राष्ट्र प्रेस)। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने आज सूचना दी है कि उसे इक्विटी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी की तारीख को गुरुवार से मंगलवार में बदलने के लिए सेबी से अनुमति प्राप्त हो गई है।
यह निर्णय एक्सचेंजों में एक्सपायरी दिनों को व्यवस्थित करने और अस्थिरता को कम करने के लिए व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। नया शेड्यूल 1 सितंबर, 2025 से लागू होगा।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) को भी इसी तरह का परिवर्तन करने की मंजूरी दी है।
बीएसई ने सेबी को यह सुझाव दिया था कि एक्सपायरी दिन को मंगलवार से गुरुवार में परिवर्तित किया जाए, जिसे सेबी ने स्वीकार कर लिया है।
दोनों एक्सचेंजों ने मई में सेबी के दिशा-निर्देशों के बाद नए सर्कुलर जारी किए हैं।
एनएसई द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि सभी मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी गुरुवार को जारी रहेगी, सिवाय लंबे समय के इंडेक्स ऑप्शंस के, जिन्हें पूर्ववर्ती प्रथा के अनुसार पुनर्गठित किया जा सकता है।
नए कॉन्ट्रैक्ट्स, जो 31 अगस्त, 2025 को या उससे पहले समाप्त हो रहे हैं, वे भी गुरुवार को ही समाप्त होंगे। लेकिन 1 सितंबर, 2025 से एक्सपायरी मंगलवार को स्थानांतरित हो जाएगी और मासिक कॉन्ट्रैक्ट्स हर महीने के अंतिम मंगलवार को समाप्त होंगे।
वहीं, बीएसई का सर्कुलर भी इसी तरह का है। सभी मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट्स अपनी वर्तमान एक्सपायरी के तहत समाप्त होंगे। आवश्यकतानुसार लंबे समय के इंडेक्स ऑप्शंस को समायोजित किया जाएगा।
बीएसई के नए कॉन्ट्रैक्ट्स जो 31 अगस्त, 2025 को या उससे पहले समाप्त हो रहे हैं, वे भी मंगलवार को ही समाप्त होंगे। हालांकि, 1 सितंबर, 2025 से एक्सपायरी गुरुवार को स्थानांतरित हो जाएगी।
यह निर्णय सेबी की सेकेंडरी मार्केट एडवाइजरी कमेटी (एसएमएसी) में विस्तृत चर्चा के बाद किए गए हैं, ताकि एक्सपायरी दिनों में एकरूपता लाई जा सके और एक्सचेंजों के बीच सुचारू बदलाव सुनिश्चित किया जा सके।