क्या पुतिन का भारत दौरा नई वैश्विक व्यवस्था को मजबूत करेगा?
सारांश
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नई दिल्ली, 4 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कुछ ही घंटों में भारत पहुंचने वाले हैं। पुतिन का यह दो दिवसीय दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के सीईओ और महासचिव डॉ. रणजीत मेहता ने इस दौरे को अत्यंत आवश्यक बताया।
उन्होंने कहा कि इस दौरे के दौरान रूसी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक होगी। इससे नई वैश्विक व्यवस्था की स्थिरता को और मजबूती मिल सकती है।
डॉ. मेहता ने बातचीत में कहा कि दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्तालाप भारत और रूस के लिए महत्वपूर्ण होगी। इससे भारत-रूस के आर्थिक संबंधों को नई गति मिल सकती है। इस बैठक से दोनों देशों की दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को मजबूती मिल सकती है, और आपसी व्यापार एवं निवेश में वृद्धि की संभावना है।
उन्होंने यह भी बताया कि भारत और रूस आर्थिक सहयोग में विविधता लाने के लिए नए रास्ते खोजने की कोशिश कर रहे हैं।
डॉ. मेहता ने कहा, “यह बैठक कई क्षेत्रों में विविधता लाने का अवसर प्रदान करती है। यह रक्षा, हाइड्रोकार्बन, ऊर्जा सुरक्षा और फार्मास्यूटिकल्स में नए अवसरों को तलाशने में मदद कर सकती है।”
डॉ. मेहता ने यह भी संकेत दिया कि रूस भारत से आयात बढ़ाने पर विचार कर सकता है। भारत, दुनिया के सबसे बड़े जेनेरिक दवा उत्पादकों में से एक है और वैश्विक दवाओं का एक प्रमुख केंद्र है। इस कारण, भारत को रूसी बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की क्षमता है।
उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत व्यापार नेटवर्क और ऊर्जा सहयोग दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को तेज़ी से बदलते वैश्विक राजनीतिक माहौल में आगे बढ़ने में मदद करेगा।