आकाश चोपड़ा का अभिषेक शर्मा का बचाव: '200 स्ट्राइक रेट वाले से हर मैच रन की उम्मीद गलतफहमी'
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने 18 अक्टूबर 2026 को युवा ओपनर अभिषेक शर्मा का बचाव करते हुए कहा कि लगभग 200 के स्ट्राइक रेट से खेलने वाले आक्रामक बल्लेबाज से हर मैच में बड़े स्कोर की उम्मीद रखना 'गलतफहमी' है। यह टिप्पणी भारत और वेस्टइंडीज के बीच हाल ही में 2-2 से बराबर रही पाँच मैचों की टी20 सीरीज में अभिषेक के उतार-चढ़ाव भरे प्रदर्शन के बाद आई है।
सीरीज में क्या हुआ
भारत बनाम वेस्टइंडीज पाँच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 पर समाप्त हुई। बाएं हाथ के ओपनर अभिषेक शर्मा इस सीरीज में अपने सामान्य मानकों पर खरे नहीं उतर सके। उनकी आक्रामक शैली के प्रशंसकों और आलोचकों ने उनके प्रदर्शन को लेकर सवाल उठाए, जिसके जवाब में आकाश चोपड़ा ने सार्वजनिक रूप से उनका पक्ष लिया।
आकाश चोपड़ा का तर्क
चोपड़ा ने जियोस्टार को दिए अपने बयान में कहा, 'पिछले मैच में जब उन्हें अधिक स्ट्राइक नहीं मिली, तो वह थोड़ी खराब फॉर्म में लग रहे थे। उन्हें बिल्कुल भी लय नहीं मिली, और इस गेम में जो कुछ भी हुआ, उसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं।' उन्होंने माना कि अभिषेक इस सीरीज में अपने स्टैंडर्ड से थोड़ा नीचे रहे, लेकिन साथ ही कहा कि 'ऐसा भी होने वाला है।'
चोपड़ा ने आगे कहा, 'जो कोई भी 200 के स्ट्राइक रेट से खेलता है, उसे ऐसे कुछ मैच खेलने को मिलते हैं। वह लगातार रन बनाता रहेगा — यह हमारी गलतफहमी है।' उनके अनुसार, आक्रामक बल्लेबाजी शैली में स्वाभाविक रूप से उतार-चढ़ाव होता है और कुछ मैचों के प्रदर्शन के आधार पर किसी खिलाड़ी का आकलन करना न्यायसंगत नहीं है।
अफगानिस्तान सीरीज का हवाला
चोपड़ा ने याद दिलाया कि अफगानिस्तान के खिलाफ हाल की सीरीज में अभिषेक शर्मा ने एक मैच में शतक और दूसरे में 70 रन की पारी खेली थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन उत्कृष्ट पारियों को हर अगली सीरीज के लिए पैमाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उनका कहना था कि क्रिकेट में किसी बल्लेबाज की स्थिति एक सीरीज से दूसरी सीरीज के बीच बहुत तेज़ी से बदल सकती है।
आक्रामक बल्लेबाज़ी की प्रकृति
चोपड़ा ने टी20 क्रिकेट की वास्तविकता को रेखांकित करते हुए कहा, 'यह उस तरह के क्रिकेट की एक और सच्चाई है जिसे आप खेलते हैं।' उनके अनुसार, आक्रामक बल्लेबाज़ कभी सेंचुरी बनाएगा, कभी जल्दी आउट होगा, कभी एक अच्छी पारी खेलेगा तो कभी एक अच्छी गेंद पर विकेट गंवाएगा — यह उनकी शैली की स्वाभाविक देन है। गौरतलब है कि टी20 क्रिकेट में उच्च स्ट्राइक रेट और निरंतरता अक्सर परस्पर विरोधाभासी लक्ष्य होते हैं।
आगे क्या
अभिषेक शर्मा की फॉर्म और टीम में उनकी भूमिका पर बहस जारी रहने की संभावना है। आकाश चोपड़ा जैसे जानकारों के बचाव के बावजूद, चयनकर्ताओं की नज़र आने वाली सीरीज में उनके प्रदर्शन पर बनी रहेगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि टी20 में भारत की आक्रामक सलामी जोड़ी को लेकर टीम प्रबंधन किस दिशा में सोचता है।