क्या अब 'गर्व से स्वदेशी' बनने का सही समय है?: मनसुख मांडविया

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क्या अब 'गर्व से स्वदेशी' बनने का सही समय है?: मनसुख मांडविया

सारांश

क्या भारत खेल सामग्री निर्माण में आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है? केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने पहले खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन में इस दिशा में महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी दी। जानें इस सम्मेलन के प्रमुख बिंदुओं और भारत के खेल सामग्री क्षेत्र की संभावनाओं के बारे में।

Key Takeaways

  • केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने पहले खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन की अध्यक्षता की।
  • भारत ने खेल क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
  • भारत का खेल सामग्री क्षेत्र 2024 तक 42,877 करोड़ रुपये का होगा।
  • भारत एशिया में तीसरा सबसे बड़ा खेल सामग्री निर्माता है।
  • भारत ने 90 से अधिक देशों को खेल सामग्री का निर्यात किया है।

नई दिल्ली, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित पहले खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन की अध्यक्षता की। इस अवसर पर भारत ने खेल क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता व्यक्त की।

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में नीति आयोग, वाणिज्य मंत्रालय, डीपीआईआईटी, फिक्की, सीआईआई, एमएसएमई और खेल उद्योग से जुड़े प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत की खेल सामग्री निर्माण क्षमता के लिए एक नया रोडमैप तैयार करना था।

अपने 'एक्स' हैंडल पर इस कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया ने लिखा, "युवा मामले एवं खेल मंत्रालय की ओर से नई दिल्ली में आयोजित पहले खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल एक वैश्विक खेल शक्ति बनने की दिशा में अग्रसर है, बल्कि विश्वस्तरीय भारतीय खेल सामग्री का केंद्र बनने के लिए भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।"

उन्होंने आगे बताया, "मंत्रालय, राष्ट्रीय खेल महासंघों और उद्योग से जुड़े हितधारकों के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स का गठन करने की घोषणा की गई है, जो एक दूरदर्शी नीति तैयार करेगी और इस क्षेत्र की अपार संभावनाओं को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। खेल के मैदानों से लेकर पोडियम तक, अब गर्व से स्वदेशी की ओर बढ़ने और आत्मनिर्भर भारत बनाने का सही समय आ गया है।"

भारत का खेल सामग्री क्षेत्र 2024 में करीब 42,877 करोड़ रुपये का है। साल 2027 तक इसके 57,800 करोड़ रुपये और 2034 तक 87,300 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

यह क्षेत्र देश में पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है, जिनमें अधिकतर मेरठ, जालंधर, लुधियाना और दिल्ली-एनसीआर के एमएसएमई क्लस्टर्स में कार्यरत हैं।

भारत एशिया में तीसरा सबसे बड़ा खेल सामग्री निर्माता है। विश्व स्तर पर भारत 21वां सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत ने 2023–24 में खेल सामग्री 90 से अधिक देशों को निर्यात की। सबसे ज्यादा निर्यात अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और फ्रांस में किया जा रहा है, जबकि दक्षिण अफ्रीका, यूएई, कनाडा और स्वीडन में नए अवसर बढ़ रहे हैं।

Point of View

बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान को भी मजबूती देगा।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

भारत का खेल सामग्री क्षेत्र कितना बड़ा है?
भारत का खेल सामग्री क्षेत्र 2024 में करीब 42,877 करोड़ रुपये का है, जो 2034 तक 87,300 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
भारत के खेल सामग्री का निर्यात किन देशों में होता है?
भारत ने 2023–24 में खेल सामग्री 90 से अधिक देशों को निर्यात की, जिसमें अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी और फ्रांस शामिल हैं।
इस क्षेत्र में लोगों को रोजगार कैसे मिलता है?
यह क्षेत्र देश में पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है, जिनमें अधिकतर मेरठ, जालंधर, लुधियाना और दिल्ली-एनसीआर में कार्यरत हैं।