एशियन पैरा गेम्स 2026: 114 पदकों के साथ स्वदेश लौटे भारतीय दल का भव्य स्वागत, अशोक मलिक की नज़र LA पैरालंपिक पर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा-एथलीटों ने जापान के आइची-नागोया में संपन्न एशियन पैरा गेम्स 2026 में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए कुल 114 पदक — 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य — जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। 25 अक्टूबर 2026 को विजयी दल की नई दिल्ली एयरपोर्ट पर वापसी हुई, जहाँ माला और गुलदस्तों के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया।
ऐतिहासिक पदक प्रदर्शन
खेलों के इस पाँचवें संस्करण में भारतीय दल ने अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। 114 पदकों की यह संख्या एशियन पैरा गेम्स में भारत का सबसे बड़ा पदक संग्रह है। पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहना इस बात का प्रमाण है कि भारतीय पैरा-खेल एक नई ऊँचाई की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
अशोक मलिक का अगला लक्ष्य: LA पैरालंपिक 2028
65 किलोग्राम स्पर्धा में रजत पदक विजेता पैरा-वेटलिफ्टर अशोक कुमार मलिक ने एयरपोर्ट पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, 'बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बहुत खुश हूँ। मैं शब्दों में अपनी खुशी बयाँ नहीं कर सकता। हमारा अगला लक्ष्य लॉस एंजिल्स पैरालंपिक है। मैं वहाँ देश के लिए पदक जीतना चाहता हूँ। हम शुरू से ही इसके लिए अच्छी तैयारी कर रहे हैं।' मलिक ने इस सफलता के लिए हरियाणा सरकार के सहयोग के प्रति आभार भी जताया।
अवनि लेखरा और अन्य पदक विजेताओं की प्रतिक्रियाएँ
निशानेबाज़ अवनि लेखरा ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'देश के लिए फिर से मेडल जीतकर बहुत अच्छा लग रहा है। इस बार सभी ने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया। मैं पूरे देश, हमारे फेडरेशन, साई और सभी की बहुत शुक्रगुज़ार हूँ। इतना प्यार और सपोर्ट देने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।'
पदक विजेता सृष्टि अरोड़ा ने कहा, 'यह बहुत गर्व का पल है — सिर्फ मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे परिवार, हमारे फेडरेशन और हमारे देश के लिए भी।' वहीं निशानेबाज़ मनीष नरवाल ने कहा, 'मैं यहाँ पहुँचा, तो देश ने मेरा स्वागत किया। मेरे परिवार के लोग यहाँ हैं। मेरे कोच भी यहाँ हैं। इस मुकाम तक पहुँचने में सभी का योगदान है — पूरे देश का योगदान है।'
भारतीय पैरा-खेलों की बढ़ती ताकत
यह ऐसे समय में आया है जब लॉस एंजिल्स पैरालंपिक 2028 की तैयारियाँ तेज़ हो रही हैं। गौरतलब है कि टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 पैरालंपिक में भारत ने क्रमशः 19 और 29 पदक जीतकर अपनी बढ़ती क्षमता का परिचय दिया था। एशियन पैरा गेम्स 2026 का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन संकेत देता है कि भारतीय पैरा-खेल एक संगठित और आत्मविश्वासी चरण में प्रवेश कर चुके हैं।
आगे की राह
अशोक कुमार मलिक सहित कई एथलीटों ने 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक को अपना अगला बड़ा लक्ष्य बताया है। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) और संबंधित फेडरेशनों से अपेक्षा है कि वे इस उत्साह को संरचित प्रशिक्षण और वित्तीय सहयोग में बदलें, ताकि पैरालंपिक मंच पर भारत का पदक-स्तंभ और मज़बूत हो सके।