फ्रेंच ओपन 2026: अल्काराज की चोट से सिनर बने सबसे बड़े दावेदार, सोमदेव देववर्मन का विश्लेषण
सारांश
मुख्य बातें
पूर्व भारतीय टेनिस खिलाड़ी सोमदेव देववर्मन ने 24 मई 2026 को कहा कि कार्लोस अल्काराज के चोट के कारण फ्रेंच ओपन 2026 से बाहर होने के बाद पुरुष एकल वर्ग पूरी तरह खुल गया है और इटली के जानिक सिनर इस प्रतिष्ठित ग्रैंड स्लैम के सबसे प्रबल दावेदार के रूप में उभरे हैं। देववर्मन के अनुसार, सिनर का हालिया प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा है कि कोई भी प्रतिद्वंद्वी उन्हें चुनौती देने की स्थिति में नहीं दिखता।
सिनर का दबदबा: मास्टर्स से रोलैंड गैरोस तक
देववर्मन ने कहा, "पेरिस के बाद से सिनर ने मास्टर सीरीज़ का एक भी मैच नहीं गंवाया है। उन्होंने सनशाइन डबल जीता, रोम, मोंटे कार्लो और मैड्रिड भी जीता। यह सचमुच अविश्वसनीय है। बिना किसी शक के, वही इस टूर्नामेंट में हराने वाले खिलाड़ी हैं। वह इस समय इतने हावी हैं कि ऐसा कोई खिलाड़ी नज़र नहीं आता जिसे वाकई यह भरोसा हो कि वह उन्हें हरा सकता है।"
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि अल्काराज की उपस्थिति में भी — इंडियन वेल्स और मियामी ओपन में — सिनर उन पर हावी रहे थे। यह तथ्य सिनर की मौजूदा श्रेष्ठता को और पुख्ता करता है।
उभरते सितारों के लिए सुनहरा मौका
देववर्मन ने अल्काराज की गैरमौजूदगी को युवा खिलाड़ियों के लिए एक बड़े अवसर के रूप में देखा। उन्होंने कहा, "राफेल जोदार, लर्नर टिएन, जोआओ फोंसेका और याकूब मेंसिक जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए यह गैरमौजूदगी एक बड़े मौके की तरह है। सिनर दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी हैं और सबसे बड़े दावेदार भी, लेकिन साथ ही इससे कई अलग-अलग खिलाड़ियों के लिए नए रास्ते भी खुल गए हैं।"
रोलैंड गैरोस 2026 का आगाज़
रोलैंड गैरोस 2026 का मुख्य ड्रॉ रविवार को शुरू हुआ। सिनर ने सोमवार को फ्रांसीसी खिलाड़ी क्लेमेंट टैबुर के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत की। टूर्नामेंट में उनसे शीर्ष प्रदर्शन की उम्मीद पूरे टेनिस जगत को है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
सोमदेव देववर्मन का यह विश्लेषण महत्वपूर्ण है क्योंकि वे भारत के उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से हैं जिन्होंने ATP टूर पर शीर्ष स्तर पर खेला है। उनके अनुसार, सिनर का मौजूदा फॉर्म और मानसिक दृढ़ता उन्हें क्ले कोर्ट पर भी उतना ही घातक बनाती है जितना हार्ड कोर्ट पर। फ्रेंच ओपन 2026 में यदि सिनर खिताब जीतते हैं, तो यह उनके करियर का एक और ऐतिहासिक अध्याय होगा।