एशियन गेम्स 2026: सर्वेश कुशारे को हाई जंप में सिल्वर, पारुल चौधरी ने 3000 मीटर स्टीपलचेज में ब्रॉन्ज के साथ तोड़ा नेशनल रिकॉर्ड
सारांश
मुख्य बातें
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 27 सितंबर 2026 को भारत ने एथलेटिक्स में दोहरी खुशी हासिल की — सर्वेश कुशारे ने पुरुषों की हाई जंप में सिल्वर मेडल जीता, जबकि अनुभवी पारुल चौधरी ने महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में ब्रॉन्ज मेडल हासिल करते हुए अपना ही नेशनल रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए यह रविवार का दिन ट्रैक और फील्ड दोनों मोर्चों पर यादगार साबित हुआ।
सर्वेश कुशारे का शानदार प्रदर्शन
सर्वेश कुशारे ने प्रतियोगिता की शुरुआत बेहद आत्मविश्वास के साथ की। उन्होंने 2.10 मीटर, 2.14 मीटर, 2.18 मीटर और 2.22 मीटर — चारों ऊंचाइयाँ अपनी पहली ही कोशिश में पार कर लंबे समय तक शीर्ष स्थान पर कब्जा बनाए रखा। इसके बाद उन्होंने 2.25 मीटर की ऊंचाई भी पार की, जो उनका सीजन का बेस्ट प्रदर्शन रहा।
हालाँकि, चीनी ताइपे के चाओ ह्सुआन-फू ने यही 2.25 मीटर की ऊंचाई अपनी पहली कोशिश में पार कर ली, जबकि सर्वेश को इसके लिए दो कोशिशें करनी पड़ीं। इस तकनीकी अंतर की वजह से सर्वेश दूसरे पायदान पर खिसक गए। जब मुकाबला 2.28 मीटर तक पहुँचा, तो दोनों एथलीट इस ऊंचाई को तीन-तीन कोशिशों के बाद भी नहीं पार कर सके — और इस तरह चाओ ने गोल्ड तथा सर्वेश ने सिल्वर अपने नाम किया। रिपब्लिक ऑफ कोरिया के सांगह्योक वू ने 2.22 मीटर की जंप के साथ ब्रॉन्ज जीता।
पारुल चौधरी की ऐतिहासिक वापसी
महिलाओं की 3000 मीटर स्टीपलचेज में पारुल चौधरी की कहानी जीत से भी बड़ी है। 1500 मीटर रेस में चौथे स्थान पर रहने के कुछ ही समय बाद पारुल ने जबरदस्त वापसी करते हुए 9:08.67 सेकंड का समय निकाला — और इसके साथ ही वे 9:10 के निशान से नीचे आने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं।
रेस के दौरान पारुल शुरुआत से ही अग्रणी समूह के साथ बनी रहीं और मध्यांतर तक सिल्वर मेडल की दौड़ में थीं। लेकिन कजाकिस्तान की नोरा तनुई (9:06.82 सेकंड) ने उन्हें 2.46 सेकंड से पीछे छोड़ दिया और सिल्वर जीता। बहरीन की यावी विनफ्रेड ने 9:04.36 सेकंड के गेम्स-रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। भारत की ही एक अन्य धाविका अंकिता 9:19.24 सेकंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
पारुल का एशियन गेम्स में तीसरा मेडल
यह पारुल चौधरी का एशियन गेम्स में तीसरा पदक है। गौरतलब है कि इससे पहले उन्होंने 2022 के हांगझोऊ एशियन गेम्स में 5,000 मीटर में गोल्ड और 3,000 मीटर स्टीपलचेज में सिल्वर जीता था। यह उपलब्धि उन्हें भारत की सबसे सफल लंबी दूरी की धाविकाओं में शामिल करती है।
भारत के लिए क्या मायने रखता है यह दिन
यह ऐसे समय में आया है जब भारत एशियन गेम्स 2026 की एथलेटिक्स स्पर्धाओं में मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। सर्वेश का 2.25 मीटर का प्रदर्शन और पारुल का नेशनल रिकॉर्ड — दोनों ही संकेत देते हैं कि भारतीय ट्रैक और फील्ड एथलीट अब एशियाई शीर्ष पर टिके रहने में सक्षम हैं। आने वाले दिनों में भारत के अन्य एथलीटों की स्पर्धाएँ भी पदक तालिका को और समृद्ध कर सकती हैं।