21 अक्टूबर 2026
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एशियन पैरा गेम्स 2026: दिलीप गावित ने 100 मीटर टी47 में जीता गोल्ड, बेसिल को सिल्वर — भारत की ऐतिहासिक 1-2 जीत

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एशियन पैरा गेम्स 2026: दिलीप गावित ने 100 मीटर टी47 में जीता गोल्ड, बेसिल को सिल्वर — भारत की ऐतिहासिक 1-2 जीत

सारांश

नागोया में दिलीप गावित और बेसिल मोर्सिंगनाकाथी ने एशियन पैरा गेम्स 2026 की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड-सिल्वर की जोड़ी पक्की की। बेसिल ने 10.72 सेकंड से नया गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम किया — कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की उसी सफलता की पुनरावृत्ति।

मुख्य बातें

दिलीप गावित ने 21 अक्टूबर 2026 को नागोया में पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.69 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता।
मोहम्मद बेसिल मोर्सिंगनाकाथी ने 10.72 सेकंड के साथ रजत पदक और नया गेम्स रिकॉर्ड अपने नाम किया।
इस जोड़ी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की तरह ही भारत के लिए 1-2 की यादगार जीत दोहराई।
गावित ने एशियन पैरा गेम्स 2022 में 400 मीटर टी47 में गोल्ड जीता था, जो उन खेलों में भारत का 100वाँ पदक था।
गावित की प्रतिभा को कोच वैजनाथ काले ने पहचाना; वे महाराष्ट्र के नासिक के पास तोरण डोंगारी गाँव से हैं।

नागोया में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 की पैरा एथलेटिक्स स्पर्धा में भारत ने 21 अक्टूबर को शानदार दोहरी कामयाबी दर्ज की। दिलीप गावित ने पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.69 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि मोहम्मद बेसिल मोर्सिंगनाकाथी ने 10.72 सेकंड के साथ रजत पदक जीता और इस दौड़ में नया गेम्स रिकॉर्ड भी स्थापित किया।

मुख्य घटनाक्रम

दिलीप गावित (टी46 कैटेगरी) और बेसिल मोर्सिंगनाकाथी (टी47 कैटेगरी) ने मिलकर इस स्पर्धा में भारत की 1-2 की यादगार जीत सुनिश्चित की। बेसिल का 10.72 सेकंड का समय इस इवेंट में नया गेम्स रिकॉर्ड रहा, जो उनके शानदार फॉर्म की गवाही देता है।

गौरतलब है कि यह जोड़ी पहले भी इसी अंदाज़ में मैदान फतह कर चुकी है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी दिलीप गावित ने मेंस 100 मीटर टी47 इवेंट में गेम्स रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था, जबकि बेसिल ने रजत पदक हासिल कर भारत के लिए उसी तरह की 1-2 की जीत पक्की की थी।

दिलीप गावित का सफर और पृष्ठभूमि

महाराष्ट्र के नासिक के निकट तोरण डोंगारी गाँव में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे दिलीप गावित की कहानी असाधारण साहस की मिसाल है। 5-6 साल की उम्र में एक पेड़ से गिरने से उनके दाहिने हाथ में गंभीर चोट लगी। समय पर इलाज न मिल पाने के कारण घाव में गैंग्रीन हो गया, जिसके चलते कोहनी के नीचे से हाथ काटना पड़ा।

इस बड़े झटके को गावित ने अपनी राह में रोड़ा नहीं बनने दिया। गाँव की धूल भरी सड़कों पर अभ्यास करते हुए उनकी प्रतिभा को कोच वैजनाथ काले ने पहचाना और उन्हें पेशेवर पैरा-एथलेटिक्स की दिशा दिखाई।

पिछले प्रदर्शन और उपलब्धियाँ

एशियन पैरा गेम्स 2022 में गावित ने मेंस 400 मीटर टी47 इवेंट में स्वर्ण पदक जीता था, जो उन खेलों में भारत का ऐतिहासिक 100वाँ पदक था। इसके अलावा, उन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक्स में पुरुषों की 400 मीटर टी47 स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाकर भी देश का मान बढ़ाया।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय पैरा-एथलेटिक्स में अपनी उपस्थिति लगातार मज़बूत कर रहा है। गावित जैसे एथलीट न केवल पदक जीत रहे हैं, बल्कि गेम्स रिकॉर्ड जैसे मानक भी स्थापित कर रहे हैं।

आम जनता पर असर

पैरा-एथलेटिक्स में इस तरह की सफलताएँ देशभर के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं। किसान परिवार की पृष्ठभूमि से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेम्स रिकॉर्ड बनाना यह दर्शाता है कि सही कोचिंग और समर्थन मिले तो प्रतिभा किसी भी परिस्थिति में निखर सकती है।

क्या होगा आगे

नागोया में एशियन पैरा गेम्स के शेष दिनों में भारतीय पैरा-एथलेटिक्स दल से और पदकों की उम्मीद है। गावित और बेसिल की यह जोड़ी अगली स्पर्धाओं में भी भारत की पदक तालिका को समृद्ध करने की क्षमता रखती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप गावित ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में क्या हासिल किया?
दिलीप गावित ने 21 अक्टूबर 2026 को नागोया में पुरुषों की 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.69 सेकंड के साथ स्वर्ण पदक जीता। यह उनकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और बड़ी उपलब्धि है।
बेसिल मोर्सिंगनाकाथी का गेम्स रिकॉर्ड क्या है?
मोहम्मद बेसिल मोर्सिंगनाकाथी ने 100 मीटर टी47 स्पर्धा में 10.72 सेकंड का समय निकाला, जो इस इवेंट में नया गेम्स रिकॉर्ड है। उन्होंने इस दौड़ में रजत पदक जीता।
दिलीप गावित कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
दिलीप गावित महाराष्ट्र के नासिक के पास तोरण डोंगारी गाँव के एक किसान परिवार से हैं। 5-6 साल की उम्र में पेड़ से गिरने और गैंग्रीन के कारण उनका दाहिना हाथ कोहनी के नीचे से काटना पड़ा, लेकिन उन्होंने पैरा-एथलेटिक्स में शानदार करियर बनाया।
दिलीप गावित की पिछली बड़ी उपलब्धियाँ कौन सी हैं?
गावित ने एशियन पैरा गेम्स 2022 में 400 मीटर टी47 में स्वर्ण पदक जीता था, जो उन खेलों में भारत का 100वाँ पदक था। इसके अलावा, उन्होंने पेरिस 2024 पैरालंपिक्स में 400 मीटर टी47 के फाइनल में भी जगह बनाई थी।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से इस प्रदर्शन की तुलना कैसी है?
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भी दिलीप गावित ने 100 मीटर टी47 में गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड और बेसिल ने सिल्वर जीता था। एशियन पैरा गेम्स 2026 में भी यही 1-2 का फिनिश दोहराया गया, जो इस जोड़ी की निरंतरता को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
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