2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का निधन हो गया?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का निधन हो गया?

सारांश

इंद्रजीत सिंह बिंद्रा, भारतीय क्रिकेट के एक प्रमुख स्तंभ, का निधन हुआ है। उनका योगदान न केवल बीसीसीआई में बल्कि क्रिकेट प्रशासन में भी अद्वितीय रहा। उनके निधन से क्रिकेट जगत में शोक की लहर है। जानें उनके जीवन की महत्वपूर्ण बातें और क्रिकेट में उनके योगदान के बारे में।

मुख्य बातें

इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का निधन भारतीय क्रिकेट जगत के लिए एक बड़ा नुकसान है।
उन्होंने बीसीसीआई और पीसीए में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं।
उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।
जय शाह ने उनके निधन पर संवेदनाएं व्यक्त की।
बिंद्रा ने क्रिकेट में पारदर्शिता के लिए भी आवाज उठाई।

नई दिल्ली, २५ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का रविवार को ८४ वर्ष की आयु में निधन हो गया। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के चेयरमैन जय शाह ने सोशल मीडिया पर इस खबर की पुष्टि की।

इंद्रजीत सिंह बिंद्रा लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित थे और उन्होंने दिल्ली में अपने घर पर अंतिम सांस ली।

जय शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर लिखा, "आई एस बिंद्रा, पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष और भारतीय क्रिकेट प्रशासन के एक महान व्यक्तित्व के निधन पर मेरी गहरी संवेदनाएं। भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें। ओम शांति।"

बिंद्रा १९९३ से १९९६ तक बीसीसीआई के अध्यक्ष रह चुके थे और भारतीय क्रिकेट प्रशासन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (पीसीए) का नेतृत्व भी किया, जहां उनका योगदान तीन दशकों से अधिक समय तक रहा।

प्रशासनिक भूमिका में रहते हुए, बिंद्रा ने क्रिकेट प्रबंधन और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसके लिए उन्हें २०१५ में सम्मानित किया गया। मोहाली के पीसीए स्टेडियम का नाम उनके सम्मान में आईएस बिंद्रा स्टेडियम रखा गया।

एक वरिष्ठ नौकरशाह के रूप में, उन्होंने १९९० के दशक में जगमोहन डालमिया के साथ मिलकर भारत की विश्व क्रिकेट में स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने टेलीविजन अधिकारों में मौजूद व्यावसायिक अवसरों को पहचाना, जिससे निजी प्रसारकों की एंट्री हुई और क्रिकेट की वित्तीय संरचना में बदलाव आया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, बिंद्रा ने आईसीसी को भारत में बड़े इवेंट्स आयोजित करने के अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके बाद वे आईसीसी अध्यक्ष के मुख्य सलाहकारों में से एक बने।

प्रशासक के रूप में अपनी भूमिका के अलावा, बिंद्रा अपनी बेबाक राय के लिए भी जाने जाते थे, खासकर आईपीएल २०१३ के भ्रष्टाचार कांड के दौरान पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी पर गंभीर सवाल उठाते थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्होंने क्रिकेट को एक नया दिशा दी। उनका निधन एक युग का अंत है। हम उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगे।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रजीत सिंह बिंद्रा का योगदान क्या था?
इंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में और पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन में अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय क्रिकेट को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
जय शाह ने उनके बारे में क्या कहा?
जय शाह ने कहा, 'आई एस बिंद्रा के निधन पर गहरी संवेदनाएं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।'
उन्होंने किस वर्ष बीसीसीआई के अध्यक्ष का पद संभाला?
उन्होंने १९९३ से १९९६ तक बीसीसीआई के अध्यक्ष का पद संभाला।
उन्हें किस कारण से सम्मानित किया गया?
उन्हें उनके योगदान के लिए २०१५ में सम्मानित किया गया और मोहाली में पीसीए स्टेडियम का नाम उनके नाम पर रखा गया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले