भुवनेश्वर को 'एशियन इंडोर चैंपियनशिप 2027', चंडीगढ़ को 'एशियन रिले 2028' की मेजबानी
सारांश
मुख्य बातें
भारत ने एथलेटिक्स के मोर्चे पर बड़ी कामयाबी हासिल की है — एशियन एथलेटिक्स परिषद ने बुधवार, 27 मई 2026 को हांगकांग में हुई अपनी बैठक में भुवनेश्वर को 'एशियन इंडोर चैंपियनशिप 2027' और चंडीगढ़ को 'एशियन रिले 2028' की मेजबानी सौंपने का निर्णय लिया। वर्ल्ड एथलेटिक्स के उपाध्यक्ष आदिल सुमरिवाला ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इसकी आधिकारिक पुष्टि की।
मेजबानी का ऐलान और आधिकारिक पुष्टि
सुमरिवाला ने अपनी पोस्ट में लिखा, "भारतीय एथलेटिक्स महासंघ को बधाई। चंडीगढ़ को एशियन रिले और भुवनेश्वर को एशियन इंडोर चैंपियनशिप 2027 की मेजबानी सौंपी गई है। एशियन एथलेटिक्स परिषद ने आज हांगकांग में ये निर्णय लिए। यह भारत के लिए बहुत ही गर्व का क्षण है।" यह निर्णय उस समय आया जब इसी वर्ष मार्च में वर्ल्ड एथलेटिक्स परिषद पहले ही भारत को 'वर्ल्ड एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2028' की मेजबानी दे चुकी है।
ओडिशा की बढ़ती वैश्विक खेल पहचान
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता जताते हुए एक्स पर लिखा, "ओडिशा के विश्व-स्तरीय बुनियादी ढांचे और बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का सफलतापूर्वक प्रबंधन करने की असाधारण क्षमता ने आज हमें वैश्विक खेल जगत में एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित किया है।" उन्होंने आगे कहा कि कलिंगा स्टेडियम में होने वाली वर्ल्ड एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2028 से पहले यह एशियाई आयोजन "हमारी खेल उपलब्धियों में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ता है।"
भुवनेश्वर का एथलेटिक्स में समृद्ध इतिहास
गौरतलब है कि भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में 'एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2017' का सफल आयोजन हो चुका है। पिछले वर्ष भी ओडिशा ने भुवनेश्वर में वर्ल्ड एथलेटिक्स महाद्वीपीय टूर कांस्य-स्तरीय प्रतियोगिता की मेजबानी की थी, जिसमें दुनिया भर से 200 से अधिक एथलीट शामिल हुए थे। यह निरंतरता दर्शाती है कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स निकायों का भरोसा अर्जित किया है।
आगे क्या
अब भारत के पास तीन बड़े अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स आयोजन एक के बाद एक होंगे — एशियन इंडोर चैंपियनशिप 2027 (भुवनेश्वर), एशियन रिले 2028 (चंडीगढ़), और वर्ल्ड एथलेटिक्स इंडोर चैंपियनशिप 2028 (भुवनेश्वर)। यह भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक अभूतपूर्व अवसर है जो देश की युवा प्रतिभाओं को घरेलू मंच पर विश्व स्तरीय प्रतिस्पर्धा का अनुभव देगा।