19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मुक्केबाजी में भारत सुपरपावर बन चुका है?: अजय सिंह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मुक्केबाजी में भारत सुपरपावर बन चुका है?: अजय सिंह

सारांश

ग्रेटर नोएडा में आयोजित विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में भारतीय मुक्केबाजों ने अद्वितीय सफलता हासिल की है। अजय सिंह ने भारत को मुक्केबाजी की दुनिया में एक बड़ी ताकत बताया है। क्या यह भारत के लिए एक नई शुरुआत है?

मुख्य बातें

भारत ने विश्व मुक्केबाजी कप में 20 पदक जीते।
अजय सिंह ने इसे यादगार दिन बताया।
निकहत जरीन और प्रीति ने स्वर्ण पदक जीते।
भारतीय मुक्केबाजों का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स है।
भारत अब मुक्केबाजी में तीसरे स्थान पर है।

नई दिल्ली, 21 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा में आयोजित विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में भारतीय मुक्केबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। भारतीय दल की सफलता से उत्साहित बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि भारत अब मुक्केबाजी के क्षेत्र में विश्व स्तर पर एक प्रमुख शक्ति बन चुका है।

अजय सिंह ने कहा, "मैं इसे भारतीय मुक्केबाजी के लिए एक यादगार दिन मानता हूं। मुझे नहीं लगता कि हमारे इतिहास में कभी भी किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत ने 9 मेडल सहित कुल 20 मेडल जीते हैं। यह एक लंबी यात्रा का प्रारंभ है। हमारा ध्यान एशियन गेम्स और ओलंपिक पर है।"

उन्होंने बताया कि विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में विजेताओं को पिछले दो विश्व मुक्केबाजी कप में मिले अंक के दो गुने अंक मिले। इससे मुक्केबाजों की रैंकिंग में सुधार होगा और उन्हें बड़े टूर्नामेंट में बेहतर ड्रॉ प्राप्त होगा।

विश्व चैंपियन निकहत जरीन ने कहा, "इस सफलता का श्रेय बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और कोचिंग स्टाफ को जाता है। कुछ साल पहले तक, भारत दुनिया की रैंकिंग में नीचे था, लेकिन अब हम तीसरे स्थान पर हैं।"

निकहत जरीन ने 51 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीता।

वहीं 54 किग्रा में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्रीति ने कहा कि मैं लंबे समय बाद किसी बड़े इवेंट में हिस्सा ले रही थी। घरेलू दर्शकों के सामने खेलना महत्वपूर्ण था। मुझे खुशी है कि मैं देश के लिए स्वर्ण पदक जीत सकी।

विश्व मुक्केबाजी कप फाइनल में भारतीय मुक्केबाजों ने 9 स्वर्ण, 6 रजत और 5 कांस्य पदक सहित कुल 20 पदक जीते।

भारतीय मुक्केबाजों के लिए 2026 का साल काफी व्यस्त रहेगा। मुक्केबाज एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेंगे। वहीं जूनियर्स भी यूथ ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि देश के लिए भी गर्व का विषय है। हमें इस सफलता को आगे बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारतीय मुक्केबाजों ने विश्व मुक्केबाजी कप में कितने पदक जीते?
भारतीय मुक्केबाजों ने कुल 20 पदक जीते, जिसमें 9 स्वर्ण, 6 रजत और 5 कांस्य पदक शामिल हैं।
अजय सिंह ने भारतीय मुक्केबाजी के बारे में क्या कहा?
अजय सिंह ने कहा कि भारत अब मुक्केबाजी के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बन चुका है और यह एक लंबी यात्रा की शुरुआत है।
निकहत जरीन ने कौन सा पदक जीता?
निकहत जरीन ने 51 किग्रा भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीता।
भारतीय मुक्केबाजों का अगला लक्ष्य क्या है?
भारतीय मुक्केबाजों का अगला लक्ष्य एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेना है।
प्रीति ने किस श्रेणी में पदक जीता?
प्रीति ने 54 किग्रा में स्वर्ण पदक जीता।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 6 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले