ब्राजील ने साल्ट लेक में भारत को 4-0 से रौंदा, एस्टेवाओ और लिनो चमके
सारांश
मुख्य बातें
पाँच बार की फीफा विश्व चैंपियन ब्राजील ने 3 अक्टूबर 2026 को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए ऐतिहासिक मुकाबले में भारत को 4-0 से पराजित किया। सीनियर अंतरराष्ट्रीय पुरुष फुटबॉल में दोनों देशों के बीच यह पहली कभी हुई भिड़ंत थी, और साथ ही ब्राजील की राष्ट्रीय टीम का भारतीय धरती पर पहला दौरा भी।
मैच की शुरुआत और पहला गोल
भारत ने मैच में अपेक्षाकृत मज़बूत आगाज़ किया और शुरुआती मिनटों में ब्राजील को आसान मौके नहीं दिए। हालाँकि, 28वें मिनट में एस्टेवाओ ने पेनल्टी एरिया में घुसकर नज़दीकी पोस्ट की ओर तेज़ शॉट लगाया। भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने गेंद को छुआ, लेकिन उसे गोल में जाने से नहीं रोक सके — ब्राजील ने 1-0 की बढ़त बना ली।
हाफटाइम से महज़ तीन मिनट पहले ब्राजील ने बढ़त 2-0 कर ली। इस बार भी एस्टेवाओ की भूमिका अहम रही — उन्होंने भारतीय डिफेंस की पीठ पर दौड़ रहे पेड्रो को गेंद दी। पेड्रो ने मुश्किल कोण से शॉट लगाया और गेंद गुरप्रीत के हाथों से निकलकर गोल लाइन पार कर गई।
हाफटाइम के बाद ब्राजील का दबदबा
ब्राजील के मुख्य कोच कार्लो एंसेलोटी ने दूसरे हाफ की शुरुआत में पाँच बदलाव किए और ब्रूनो गुइमारेस, गैब्रियल मैगलहेस, वैंडरसन, सैमुअल लिनो तथा डगलस लुइज़ को मैदान पर उतारा। इन बदलावों के बाद भी ब्राजील का वर्चस्व बरकरार रहा।
58वें मिनट में भारत ने खतरनाक जगह पर गेंद का कब्ज़ा गँवाया। बाईं ओर खुली जगह का फायदा उठाते हुए लिनो को पेनल्टी एरिया के भीतर गेंद मिली और उन्होंने दूर वाले कोने में शानदार गोल दागकर स्कोर 3-0 कर दिया। गुरप्रीत के पास इस शॉट को रोकने का मौका लगभग नहीं था।
इंजरी टाइम में लिनो ने अपना दूसरा गोल पूरा किया और ब्राजील की जीत का अंतर 4-0 पर जा पहुँचा।
ऐतिहासिक संदर्भ और रैंकिंग का फ़र्क
फीफा पुरुष विश्व रैंकिंग में पाँचवें स्थान पर काबिज़ ब्राजील, रैंकिंग प्रणाली शुरू होने के बाद से भारत के खिलाफ उतरने वाली सबसे ऊँची रैंकिंग की टीम बन गई। भारत इस समय 138वें स्थान पर है — दोनों के बीच 133 रैंकों का अंतर इस मैच को और भी असमान बनाता था।
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय फुटबॉल टीम ने हाल ही में दुनिया की 44वें नंबर की टीम पनामा के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर उत्साह जगाया था — किसी टॉप-50 टीम के विरुद्ध भारत का पहला ऐसा नतीजा जिसमें हार नहीं हुई।
आम जनता और फुटबॉल प्रेमियों पर असर
गौरतलब है कि साल्ट लेक स्टेडियम में उमड़ी भीड़ ने इस मैच को भारतीय फुटबॉल के लिए एक दुर्लभ अवसर बना दिया। ब्राजील जैसी दिग्गज टीम के खिलाफ मिली हार निराशाजनक ज़रूर है, लेकिन इस अनुभव को भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक अमूल्य सीख के रूप में देखा जा रहा है। भारतीय फुटबॉल संघ (AIFF) के लिए यह आयोजन देश में खेल की बढ़ती साख का प्रमाण भी है।
आगे की राह
इस हार के बावजूद, पनामा के खिलाफ ड्रॉ और ब्राजील जैसी टीम के सामने टिकने के शुरुआती प्रयास भारतीय फुटबॉल की क्रमिक प्रगति को रेखांकित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शीर्ष रैंकिंग वाली टीमों से ऐसे मुकाबले भारत के युवा खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर की चुनौती से परिचित कराने का सबसे कारगर तरीका है।