भारतीय कबड्डी खिलाड़ी बृजेंद्र चौधरी डोपिंग में दोषी, एशियन बीच गेम्स का सिल्वर मेडल छिना
सारांश
मुख्य बातें
इंटरनेशनल टेस्टिंग एजेंसी (ITA) ने भारतीय कबड्डी खिलाड़ी बृजेंद्र सिंह चौधरी पर एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन के लिए औपचारिक कार्रवाई की है। सान्या में आयोजित छठे एशियन बीच गेम्स के दौरान लिए गए उनके मूत्र नमूने में प्रतिबंधित पदार्थ ब्रिंजोलैमाइड की मौजूदगी पाई गई, जिसके बाद उनके व्यक्तिगत परिणाम अयोग्य घोषित कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई की जानकारी मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को सार्वजनिक की गई।
डोपिंग परीक्षण और पदार्थ की प्रकृति
चौधरी का मूत्र नमूना 27 अप्रैल 2026 को एशियन बीच गेम्स के दौरान प्रतियोगिता-काल डोपिंग नियंत्रण के अंतर्गत संग्रहित किया गया था। इस नमूने में ब्रिंजोलैमाइड के लिए 'एडवर्स एनालिटिकल फाइंडिंग' दर्ज की गई।
विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) की प्रतिबंधित सूची में ब्रिंजोलैमाइड को S5 श्रेणी — डाइयूरेटिक्स और मास्किंग एजेंट — के अंतर्गत एक 'स्पेसिफाइड सब्सटेंस' के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह पदार्थ प्रतियोगिता के दौरान और उसके बाहर, दोनों अवसरों पर प्रतिबंधित है।
खिलाड़ी की स्वीकृति और परिणाम
बृजेंद्र सिंह चौधरी ने एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन और ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के एंटी-डोपिंग नियमों के तहत लगाए गए परिणामों को स्वीकार कर लिया है। इसके फलस्वरूप एशियन बीच गेम्स में उनके समस्त व्यक्तिगत परिणाम रद्द कर दिए गए हैं, जिनमें पुरुष बीच कबड्डी स्पर्धा में उनका दूसरा स्थान (सिल्वर मेडल) भी शामिल है।
ITA ने स्पष्ट किया कि OCA के दृष्टिकोण से यह मामला निपटा लिया गया है। अब इसे इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन को भेजा जाएगा, जो अपने नियमों के तहत आगे की कार्रवाई तय करेगा। जिन पक्षों को अपील का अधिकार है, वे कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में इस निर्णय को चुनौती दे सकते हैं।
सान्या में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम का प्रदर्शन
चौधरी सान्या गेम्स में भारत की 6 सदस्यीय पुरुष कबड्डी टीम का हिस्सा थे। टीम में जितेंद्र यादव, यथार्थ देशवाल, नीरज, जय भगवान और भानु प्रताप तोमर भी शामिल थे।
भारत ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 50-27 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। गोल्ड मेडल मुकाबले में टीम ईरान से 44-31 से पराजित हुई — हाफ-टाइम तक भारत 11-23 से पीछे था और दूसरे हाफ में वापसी संभव नहीं हो सकी। गौरतलब है कि यह एशियन बीच गेम्स में पुरुष बीच कबड्डी में भारत का लगातार दूसरा सिल्वर मेडल था।
महिला टीम की ऐतिहासिक जीत
इस विवाद के बीच, भारत की महिला कबड्डी टीम ने सान्या में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में श्रीलंका को 47-31 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस जीत के साथ महिला कबड्डी में एशियन बीच गेम्स का खिताब जीतने का भारत का लगातार छठा सिलसिला बरकरार रहा — एक उल्लेखनीय कीर्तिमान।
आगे क्या होगा
मामला अब इंटरनेशनल कबड्डी फेडरेशन के पास है, जो चौधरी पर खेल-प्रतिबंध सहित अतिरिक्त दंड की घोषणा कर सकता है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेलों में डोपिंग उल्लंघन की घटनाओं पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ हो रही है। CAS में अपील की संभावना को देखते हुए इस मामले का अंतिम निपटारा अभी बाकी है।