24 जुलाई 2026
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तूलिका मान कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बाहर, नाडा ने लोकेशन उल्लंघन पर किया निलंबित

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तूलिका मान कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बाहर, नाडा ने लोकेशन उल्लंघन पर किया निलंबित

सारांश

बर्मिंघम की रजत पदक विजेता तूलिका मान ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बाहर हो गई हैं — नाडा ने 12 महीनों में तीन लोकेशन फेलियर पर उन्हें निलंबित किया। एक दिन पहले ही अरुण कुमार का डोपिंग टेस्ट पॉजिटिव आया था। भारतीय जूडो दल को 31 जुलाई से पहले दोहरे झटके से उबरना होगा।

मुख्य बातें

तूलिका मान को नाडा ने 12 महीनों में तीन बार लोकेशन फेलियर के आधार पर अस्थायी रूप से निलंबित किया।
मान ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बाहर हुईं; वाडा नियमों के तहत 2 वर्ष का प्रतिबंध संभव।
मान ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के +78 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था।
एक दिन से कम समय में भारतीय जूडोका अरुण कुमार भी आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद निलंबित हुए।
भारत के जूडो मुकाबले 31 जुलाई 2026 से शुरू होने हैं; टीम की 27 जुलाई को रवानगी प्रस्तावित थी।

भारतीय जूडो स्टार तूलिका मान को राष्ट्रीय डोपिंग-रोधी एजेंसी (नाडा) ने 12 महीनों के भीतर तीन बार लोकेशन फेलियर के आधार पर अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है, जिसके चलते वे ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बाहर हो गई हैं। 24 जुलाई 2026 को सामने आई यह खबर भारतीय जूडो दल के लिए दूसरा बड़ा झटका है। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के +78 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतने वाली मान ग्लासगो में पदक की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं।

मुख्य घटनाक्रम

27 वर्षीया तूलिका मान का यह मामला पॉजिटिव डोपिंग टेस्ट से भिन्न है। यह वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (वाडा) के वेयरअबाउट्स नियमों से जुड़ा है, जिसके तहत रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में शामिल एथलीटों को अपनी ट्रेनिंग और निवास स्थान की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करनी होती है और प्रतिदिन 60 मिनट का टाइम स्लॉट उपलब्ध रखना होता है। वाडा के नियमों के अनुसार, किसी भी 12 महीने की अवधि में तीन फाइलिंग फेलियर, टेस्ट मिस, या दोनों का संयोजन एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन माना जाता है।

वाडा के नियमों के तहत मान पर अब दो वर्ष का प्रतिबंध लग सकता है, हालाँकि अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकरण द्वारा लिया जाएगा।

भारतीय जूडो टीम पर दोहरी मार

तूलिका मान का निलंबन एक और भारतीय जूडोका अरुण कुमार के निलंबन के एक दिन से भी कम समय बाद सामने आया। अरुण कुमार नाडा के आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन ड्रग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे, जिसके बाद उन्हें भी टीम से बाहर कर दिया गया। इस प्रकार, महज कुछ घंटों में भारतीय जूडो दल को दो प्रमुख खिलाड़ियों से हाथ धोना पड़ा।

गौरतलब है कि भारतीय जूडो टीम अभी तक ग्लासगो के लिए रवाना नहीं हुई थी। टीम के 27 जुलाई 2026 को रवाना होने की योजना थी, क्योंकि भारत के मुकाबले 31 जुलाई से शुरू होने वाले हैं। इन लगातार दो निलंबनों ने टीम की तैयारियों और चयन प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।

तूलिका मान का करियर

तूलिका मान हाल के वर्षों में भारत की सबसे सफल जूडोका रही हैं। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक के अलावा उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 2022 तथा 2024 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया। यह निलंबन उनके करियर के लिए एक गंभीर धक्का है।

वेयरअबाउट्स नियम क्या हैं

वाडा के वेयरअबाउट्स नियमों के तहत रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल के एथलीटों को अपनी दैनिक उपस्थिति की जानकारी एंटी-डोपिंग अधिकारियों को देनी होती है, ताकि वे किसी भी समय आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन परीक्षण कर सकें। यह प्रणाली डोपिंग से बचने के लिए बनाई गई है। इस नियम का पालन न करना भी एंटी-डोपिंग उल्लंघन की श्रेणी में आता है, भले ही एथलीट किसी प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन न करे।

आगे क्या होगा

मान के मामले में अंतिम अनुशासनात्मक निर्णय सक्षम एंटी-डोपिंग पैनल द्वारा लिया जाएगा। भारतीय जूडो महासंघ को अब ग्लासगो के लिए अपनी टीम का पुनर्गठन करना होगा। यह घटनाक्रम भारतीय खेल प्रशासन के लिए एथलीटों को वेयरअबाउट्स अनुपालन के प्रति जागरूक करने की जरूरत को रेखांकित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि प्रशासनिक लापरवाही से उपजा है, जो तर्कतः और भी चिंताजनक है। 48 घंटों के भीतर दो जूडोकाओं का निलंबन यह सवाल खड़ा करता है कि भारतीय जूडो महासंघ और खेल मंत्रालय एथलीटों को एंटी-डोपिंग दायित्वों के प्रति शिक्षित करने में कहाँ चूके। ग्लासगो में पदक की उम्मीदें कम होने से परे, यह घटना भारतीय खेल तंत्र में संस्थागत जवाबदेही की माँग करती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तूलिका मान को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से क्यों हटाया गया?
तूलिका मान को नाडा ने 12 महीनों के भीतर तीन बार वेयरअबाउट्स लोकेशन फेलियर के आधार पर अस्थायी रूप से निलंबित किया, जिसके चलते उन्हें ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 से बाहर होना पड़ा। यह मामला पॉजिटिव डोपिंग टेस्ट से अलग है।
वेयरअबाउट्स फेलियर क्या होता है?
वाडा के नियमों के तहत रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल के एथलीटों को अपनी ट्रेनिंग और निवास स्थान की जानकारी नियमित रूप से अपडेट करनी होती है और प्रतिदिन 60 मिनट का टाइम स्लॉट आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन टेस्टिंग के लिए देना होता है। किसी भी 12 महीने में तीन बार ऐसा न करना एंटी-डोपिंग नियम उल्लंघन माना जाता है।
तूलिका मान पर कितने साल का बैन लग सकता है?
वाडा के नियमों के अनुसार, वेयरअबाउट्स उल्लंघन के तीन मामलों पर अधिकतम दो वर्ष का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। अंतिम निर्णय सक्षम एंटी-डोपिंग पैनल द्वारा लिया जाएगा।
तूलिका मान की उपलब्धियाँ क्या हैं?
तूलिका मान ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के +78 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया और 2022 तथा 2024 वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया।
भारतीय जूडो टीम ग्लासगो कब रवाना होगी और मुकाबले कब हैं?
भारतीय जूडो टीम के 27 जुलाई 2026 को ग्लासगो के लिए रवाना होने की योजना थी और मुकाबले 31 जुलाई से शुरू होने हैं। हालाँकि, लगातार दो निलंबनों के बाद टीम के पुनर्गठन की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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