कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: अरशद नदीम के मेंटर्स का बड़ा आरोप — ट्रेनिंग छोड़ व्यापार में लगे थे ओलंपिक चैंपियन
सारांश
मुख्य बातें
पाकिस्तान के ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता भालाफेंक खिलाड़ी अरशद नदीम के दो पूर्व मेंटर्स ने ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उनके निराशाजनक प्रदर्शन के लिए ट्रेनिंग में कमी और व्यक्तिगत व्यावसायिक गतिविधियों को जिम्मेदार ठहराया है। नदीम 12 खिलाड़ियों के फाइनल में मात्र नौवें स्थान पर रहे, जो पेरिस ओलंपिक 2024 में उनके 92.97 मीटर के रिकॉर्ड थ्रो से बेहद दूर था।
मुख्य घटनाक्रम
ग्लासगो में अरशद नदीम का अभियान शुरू से ही लड़खड़ाता दिखा। क्वालिफिकेशन राउंड में उनका थ्रो 78.63 मीटर रहा, जिससे वह किसी तरह फाइनल में पहुँचे। फाइनल में उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 77.41 मीटर रहा, जो पदक के लिए नाकाफी साबित हुआ। स्वर्ण पदक श्रीलंका के उभरते सितारे रुमेश थरंगा पथिरगे ने 89.75 मीटर के थ्रो से जीता। भारत के नीरज चोपड़ा ने रजत और यश वीर सिंह ने कांस्य पदक हासिल किया।
मेंटर्स के गंभीर आरोप
पाकिस्तान एथलेटिक्स फेडरेशन के पूर्व अध्यक्ष और दक्षिण एशिया एथलेटिक्स फेडरेशन के चेयरमैन अकरम साही — जिन्होंने 2018 में नदीम को आगे बढ़ने में अहम भूमिका निभाई थी — ने आरोप लगाया कि पेरिस ओलंपिक के बाद एक गुट ने नदीम को 'हाईजैक' कर लिया। उन्होंने कहा, 'नदीम के ओलंपिक स्वर्ण पदक के बाद से एक ग्रुप ने उन्हें हाईजैक कर लिया और कभी मेरे पास नहीं आने दिया।' साही ने यह भी कहा कि 'ग्लासगो में यह नतीजा किसी ऐसे व्यक्ति के लिए बहुत निराशाजनक है जो नई ऊँचाइयों पर पहुँचा है, लेकिन पिछले कई महीनों से इसके संकेत मिलने लगे थे क्योंकि लापरवाही और ट्रेनिंग की कमी थी।'
अपना नाम न बताने की शर्त पर एक अन्य मेंटर ने भी इन आरोपों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि नदीम ने इस साल हज में व्यस्त रहने के बाद ठीक से ट्रेनिंग नहीं की। उनके अनुसार, नदीम ने अपने दक्षिण अफ्रीकी कोच टेरसियस लिबेनबर्ग और नॉर्थवेस्ट यूनिवर्सिटी पोटचेफस्ट्रूम में मिली विशेष ट्रेनिंग की बदौलत ओलंपिक गोल्ड जीता था, लेकिन इस बार वे सरकार और फेडरेशन का इंतजार करते रहे कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका भेजा जाए।
व्यापारिक गतिविधियों पर उठे सवाल
उसी मेंटर ने बताया कि पेरिस ओलंपिक के बाद मिले पुरस्कार राशि के बाद नदीम का ध्यान व्यापार की ओर खिंच गया। कथित तौर पर वे अपने गृहनगर मियां चन्नू में एक विवाह भवन और रेस्टोरेंट का निर्माण करा रहे हैं। मेंटर ने कहा, 'एक एथलीट को ऐसे डायवर्जन की जरूरत नहीं होती।' उन्होंने यह भी कहा कि पेरिस में मिले पुरस्कार के बाद नदीम को किसी और का इंतजार करने के बजाय खुद पर निवेश करना चाहिए था।
मौजूदा कोच पर भी सवाल
मेंटर ने नदीम के मौजूदा कोच सलमान बट पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, सलमान बट मूलतः एक डिस्कस थ्रो एथलीट थे और भालाफेंक में उनकी कोई विशेषज्ञता नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब नदीम जैसे विश्वस्तरीय खिलाड़ी के लिए विशेषज्ञ कोचिंग की जरूरत और भी अधिक मानी जाती है।
आगे क्या होगा
साही ने स्वर्ण विजेता पथिरगे और यश वीर सिंह के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि पदक दक्षिण एशिया में ही रहे। दोनों मेंटर्स ने नदीम से कड़ी मेहनत और पेशेवर ट्रेनिंग पर वापस लौटने की अपील की है। गौरतलब है कि आने वाले वर्षों में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 जैसी बड़ी प्रतियोगिताएँ नदीम की परीक्षा लेंगी।