नीरज चोपड़ा शुक्रवार देर रात ग्लासगो पहुँचेंगे, नदीम-पीटर्स-पथिरगे से होगा कड़ा मुकाबला
सारांश
मुख्य बातें
नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के सबसे बड़े पदक दावेदार के रूप में शुक्रवार देर रात ग्लासगो पहुँचने वाले हैं। आठ साल के अंतराल के बाद कॉमनवेल्थ मंच पर वापसी कर रहे चोपड़ा का सामना मौजूदा ओलंपिक और कॉमनवेल्थ चैंपियन अरशद नदीम, पूर्व विश्व चैंपियन एंडरसन पीटर्स और हालिया दोहा डायमंड लीग स्वर्ण विजेता रुमेश पथिरगे से होना है।
आठ साल बाद कॉमनवेल्थ मंच पर वापसी
नीरज ने 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई थी। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में वे चोट के कारण हिस्सा नहीं ले सके थे। अब ग्लासगो 2026 में वे एक बार फिर जैवलिन का खिताब अपने नाम करने के इरादे से उतरेंगे। गौरतलब है कि इस समय यह खिताब पाकिस्तान के अरशद नदीम के पास है, जो मौजूदा ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन हैं।
नीरज का हालिया प्रदर्शन
वर्ष 2025 नीरज के लिए मिला-जुला रहा। सकारात्मक पक्ष यह रहा कि वे अपने करियर में पहली बार 90 मीटर के प्रतिष्ठित आँकड़े को पार करने में सफल रहे। हालाँकि वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्हें निराशा हाथ लगी और वे आठवें स्थान पर रहे। इसके बाद दोहा डायमंड लीग में 85.69 मीटर के थ्रो के साथ वे चौथे स्थान पर रहे।
कड़े प्रतिद्वंद्वी और स्वर्ण की चुनौती
ग्लासगो में नीरज के सामने तीन दुर्जेय प्रतिद्वंद्वी होंगे। अरशद नदीम (पाकिस्तान) मौजूदा ओलंपिक और कॉमनवेल्थ चैंपियन हैं। एंडरसन पीटर्स (ग्रेनाडा) पूर्व विश्व चैंपियन हैं। रुमेश पथिरगे (श्रीलंका) ने हाल ही में संपन्न दोहा डायमंड लीग में स्वर्ण पदक जीता था। इन चारों के बीच जैवलिन स्पर्धा करियर की सबसे रोमांचक भिड़ंतों में से एक बन सकती है।
भारत की पदक उम्मीदें
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन के साथ भारत के शीर्ष पदक दावेदारों में शामिल हैं। 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत आठ सक्षम-एथलीट स्पर्धाओं — एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, ट्रैक साइकिलिंग, तैराकी, जूडो, बाउल्स, वेटलिफ्टिंग और आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक — में हिस्सा लेगा। इसके अलावा पाँच पैरा स्पोर्ट्स स्पर्धाओं में भी भारतीय एथलीट मैदान में उतरेंगे।
आगे क्या
नीरज के ग्लासगो पहुँचने के बाद उनकी प्रैक्टिस सत्र और आधिकारिक प्रतिक्रिया पर सबकी नज़रें होंगी। जैवलिन स्पर्धा इस बार के कॉमनवेल्थ गेम्स की सबसे प्रतीक्षित प्रतियोगिताओं में से एक मानी जा रही है।