सीएएफ ने मोरक्को को अफ्रीकन कप ऑफ नेशंस का नया चैंपियन घोषित किया, सेनेगल का विरोध जारी

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सीएएफ ने मोरक्को को अफ्रीकन कप ऑफ नेशंस का नया चैंपियन घोषित किया, सेनेगल का विरोध जारी

सारांश

अफ्रीकी फुटबॉल में एक नया मोड़ आया है, जब सीएएफ ने मोरक्को को अफ्रीकन कप ऑफ नेशंस 2026 का चैंपियन घोषित किया। सेनेगल की टीम इस फैसले का विरोध कर रही है। जानिए इस विवाद की पूरी कहानी!

Key Takeaways

  • सीएएफ ने मोरक्को को चैंपियन घोषित किया।
  • सेनेगल ने इस फैसले का विरोध किया।
  • फाइनल मैच में विवादित निर्णय हुए थे।
  • मोरक्को ने 50 साल बाद खिताब जीता।
  • सेनेगल मामले को कोर्ट में ले जाने की योजना बना रहा है।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अफ्रीकी फुटबॉल में एक बड़ा विवाद उभरकर सामने आया है। कन्फेडरेशन ऑफ अफ्रीकन फुटबॉल (सीएएफ) ने अफ्रीकन कप ऑफ नेशंस 2026 के फाइनल का परिणाम बदलते हुए मोरक्को को चैंपियन घोषित कर दिया है। यह महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार को लिया गया।

सीएएफ ने जनवरी में हुए विवादित फाइनल में सेनेगल की 1-0 से जीत को पलटकर 3-0 से मोरक्को के पक्ष में कर दिया। सीएएफ की अपील समिति ने कहा कि सेनेगल का मैदान छोड़ना टूर्नामेंट नियमों के आर्टिकल 82 और 84 का उल्लंघन है। इन नियमों के अनुसार बिना अनुमति मैच छोड़ने वाली टीम को हार मान लिया जाता है। इसी आधार पर मैच का परिणाम बदलते हुए मोरक्को को 3-0 से विजेता घोषित किया गया।

18 जनवरी को रबात में खेले गए फाइनल के दौरान स्टॉपेज टाइम में भारी विवाद हुआ। सेनेगल ने एक गोल किया, लेकिन रेफरी जीन-जैक्स नडाला ने मोरक्को के बॉक्स में फाउल बताते हुए गोल को रद्द कर दिया।

इसके तुरंत बाद मोरक्को को पेनल्टी मिली, जब ब्राहिम डियाज को फाउल किया गया। इस फैसले से नाराज होकर सेनेगल के कोच पेप बौना थियाव ने अपनी टीम को मैदान से बाहर बुला लिया।

करीब 20 मिनट बाद कप्तान सादियो माने के समझाने पर टीम वापस लौटी। हालांकि, तनाव बना रहा। पेनल्टी पर डियाज गोल नहीं कर सके, जिसे एडौर्ड मेंडी ने बचा लिया। इसके बाद पापा गुये ने 94वें मिनट में गोल कर सेनेगल को जीत दिलाई थी।

इस फैसले पर सेनेगल फुटबॉल फेडरेशन ने कड़ा विरोध जताया है। फेडरेशन के सचिव जनरल अब्दुलाये सेदौ सो ने इसे मजाक बताते हुए कहा कि फैसले का कोई कानूनी आधार नहीं है। सेनेगल इस मामले को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (सीएएस) में ले जाएगा और अंतिम फैसले तक लड़ाई जारी रखेगा।

इस फैसले के साथ मोरक्को ने 50 साल बाद अपना दूसरा अफ्रीकन कप ऑफ नेशंस खिताब जीत लिया। रॉयल मोरक्कन फुटबॉल फेडरेशन ने सीएएफ के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे प्रतियोगिता के नियमों और स्थिरता को मजबूती मिलेगी।

सीएएफ ने मोरक्को के इस्माइल सैबारी पर लगाया गया 100,000 डॉलर का जुर्माना हटा दिया और उनका निलंबन तीन मैच से घटाकर एक मैच कर दिया। हालांकि वीएआर प्रक्रिया में हस्तक्षेप के लिए कुछ खिलाड़ियों और अधिकारियों पर जुर्माना बरकरार रखा गया है।

यह विवाद अब सिर्फ एक मैच के नतीजे से आगे बढ़कर अफ्रीकी फुटबॉल की साख और नियमों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर रहा है। सीएएस इस मामले पर अब अंतिम निर्णय लेगी।

Point of View

बल्कि अफ्रीकी फुटबॉल की प्रतिष्ठा पर भी सवाल खड़ा करता है। सीएएफ का निर्णय और सेनेगल का विरोध इस बात का संकेत है कि खेल में निष्पक्षता और नियमों की स्थिति के प्रति गंभीरता आवश्यक है।
NationPress
18/03/2026

Frequently Asked Questions

सीएएफ ने मोरक्को को चैंपियन क्यों घोषित किया?
सीएएफ ने सेनेगल का मैदान छोड़ने के कारण नियमों का उल्लंघन मानते हुए मोरक्को को 3-0 से विजेता घोषित किया।
सेनेगल का इस फैसले पर क्या प्रतिक्रिया है?
सेनेगल फुटबॉल फेडरेशन ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है और इसे कानूनी रूप से चुनौती देने का निर्णय लिया है।
क्या सेनेगल मामले को कोर्ट में ले जाएगा?
जी हां, सेनेगल इस मामले को कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (सीएएस) में ले जाने की योजना बना रहा है।
मोरक्को का यह खिताब जीतने का क्या महत्व है?
यह खिताब मोरक्को के लिए 50 साल बाद आया है, जो उनकी फुटबॉल की उपलब्धियों को दर्शाता है।
क्या सीएएफ ने किसी खिलाड़ी पर जुर्माना लगाया है?
हां, सीएएफ ने मोरक्को के इस्माइल सैबारी पर 100,000 डॉलर का जुर्माना लगाया था, जिसे बाद में हटा दिया गया।
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