फीफा विश्व कप 2026: बेल्जियम से हार के बाद पापे गुये ने सेनेगल टीम से लिया ब्रेक, कोच थियाव पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
मिडफील्डर पापे गुये ने 2 जुलाई 2026 को घोषणा की कि जब तक पापे थियाव सेनेगल के हेड कोच बने रहेंगे, वे राष्ट्रीय टीम के लिए नहीं खेलेंगे। 27 वर्षीय गुये का यह फैसला फीफा विश्व कप 2026 के राउंड ऑफ 32 में बेल्जियम के खिलाफ 3-2 की दिल तोड़ने वाली हार के तुरंत बाद आया, जिसने सेनेगल का टूर्नामेंट समाप्त कर दिया। न्यूयॉर्क में खेले गए इस मुकाबले में सेनेगल ने 2-0 की बढ़त बना ली थी, लेकिन अंतिम मिनटों में बेल्जियम ने जबरदस्त वापसी की।
मैच का घटनाक्रम
हबीब डियारा ने 24वें मिनट में और इस्माइला सार ने 51वें मिनट में गोल दागकर सेनेगल को 2-0 की मजबूत बढ़त दिलाई। मैच पर सेनेगल की पकड़ तब टूटी जब रोमेलु लुकाकू ने 86वें मिनट में बेल्जियम के लिए गोल किया। इसके केवल तीन मिनट बाद यूरी टिलेमैन्स ने स्कोर 2-2 कर दिया और अंततः बेल्जियम ने एक्स्ट्रा टाइम के आखिरी मिनटों में पेनाल्टी पर विजयी गोल दागकर 3-2 से जीत दर्ज की।
गुये की सब्स्टिट्यूशन और विवाद
ला लीगा क्लब विल्लारीयाल सीएफ के लिए खेलने वाले गुये सेनेगल के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक हैं। इस टूर्नामेंट में उन्होंने इराक के खिलाफ मैच में दो गोल भी किए थे। बेल्जियम के खिलाफ मुकाबले में 66वें मिनट में उन्हें मैदान से बाहर बुलाया गया, जो कई लोगों के लिए चौंकाने वाला फैसला था। इसके बाद उन्हें डगआउट से यह देखना पड़ा कि उनकी टीम की बढ़त धीरे-धीरे बिखरती गई और अंत में टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई। हार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए गुये ने कहा, 'मैं बिल्कुल ठीक महसूस कर रहा था, मैं शारीरिक रूप से ठीक था, कोच ही फैसला लेते हैं।'
इंस्टाग्राम पर गुये का बयान
हार के बाद गुये ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा, 'मैं बाद में हमारी हार के बारे में कुछ कहूंगा, लेकिन आज घोषणा कर रहा हूं कि जब तक यह टेक्निकल स्टाफ इंचार्ज रहेगा, मैं नेशनल टीम से आराम लूंगा।' यह बयान सेनेगल फुटबॉल जगत में हलचल मचाने के लिए पर्याप्त था, क्योंकि गुये जैसे अनुभवी खिलाड़ी का इस तरह सार्वजनिक रूप से असंतोष जाहिर करना असाधारण माना जाता है।
कोच थियाव का विवादित कार्यकाल
पापे थियाव दिसंबर 2024 से सेनेगल के हेड कोच हैं। उनके कार्यकाल में पहले भी एक बड़ा विवाद सामने आ चुका है — 2025 अफ्रीका कप ऑफ नेशंस के फाइनल में एक विवादित पेनाल्टी के फैसले के विरोध में सेनेगल की टीम मैच वॉकआउट कर गई थी, जिसके चलते सेनेगल से यह खिताब छीन लिया गया था। अब विश्व कप के राउंड ऑफ 32 से टीम की निराशाजनक विदाई के बाद थियाव का भविष्य गंभीर सवालों के घेरे में है।
आगे क्या होगा
गुये के इस कदम के बाद सेनेगल फुटबॉल फेडरेशन पर तकनीकी स्टाफ में बदलाव का दबाव और बढ़ने की संभावना है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि फेडरेशन थियाव के भविष्य पर क्या फैसला लेती है और क्या अन्य खिलाड़ी भी गुये के सुर में सुर मिलाते हैं।