क्या कंबोडियाई कोच पोमेरॉय 'मिनी ब्राजील' पहुंचे?
सारांश
Key Takeaways
- चार्ली पोमेरॉय ने खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय तकनीकें सिखाईं।
- भारत में फुटबॉल का समुदाय तेजी से बढ़ रहा है।
- संसाधनों की कमी के बावजूद मेहनत करने की आवश्यकता है।
- भारत में फुटबॉल और क्रिकेट दोनों खेलों में संभावनाएँ हैं।
- 'मिनी ब्राजील' की पहचान को बढ़ावा मिल रहा है।
शहडोल, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। 'मिनी ब्राजील' अर्थात् मध्य प्रदेश के विचारपुर गांव में आए कंबोडिया के अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल कोच चार्ली पोमेरॉय ने गुरुवार को यहां के युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल तकनीकों से अवगत कराया। इस दौरान उन्होंने बताया कि कैसे बड़े टूर्नामेंट्स में सफल खिलाड़ी विशेष स्किल्स और स्ट्रैटेजी का उपयोग करते हैं।
कोच पोमेरॉय ने कहा कि उन्होंने पहले भी शहडोल जिले के 'मिनी ब्राजील' विचारपुर के बारे में सुना था और यहाँ आकर देखा कि यह क्षेत्र फुटबॉल में लगातार प्रगति कर रहा है। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि संसाधनों और समर्थन की कमी के बावजूद, कड़ी मेहनत करते रहें क्योंकि सफलता अवश्य मिलेगी।
यह उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' कार्यक्रम और अमेरिका दौरे पर हुए एक पॉडकास्ट में विचारपुर गांव और यहां के खिलाड़ियों के फुटबॉल के प्रति जुनून का उल्लेख किया गया था। इसी के चलते पोमेरॉय विचारपुर पहुंचे और उन्होंने खिलाड़ियों को नई स्किल्स, बेहतर तकनीक, फिटनेस और खेल पर मजबूत पकड़ जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के माध्यम से उन्हें पता चला है कि भारत में फुटबॉल का समुदाय बहुत बड़ा है। यहाँ फुटबॉल प्रेमियों की संख्या भी बहुत है, और भारत केवल क्रिकेट का देश नहीं है।
कोच पोमेरॉय ने कहा कि किसी भी देश में क्रिकेट और फुटबॉल दोनों खेलों को एक साथ खेला जा सकता है। भारत, जिस तरह अच्छे क्रिकेट खिलाड़ी बनाता है, उसी तरह अच्छे फुटबॉल खिलाड़ी भी तैयार कर सकता है।
इससे पहले, नवंबर 2025 में जर्मनी के प्रसिद्ध फुटबॉल कोच डाइटमार बेयर्सडॉर्फ भी विचारपुर गांव आए थे, जहाँ उन्होंने स्थानीय खिलाड़ियों से मुलाकात की थी।