एशियन गेम्स 2026: विथ्या रामराज समेत तमिलनाडु के पदक विजेताओं को मंत्री आधव अर्जुन ने चेन्नई में किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने 2 अक्टूबर 2026 को चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता एथलीटों का भव्य स्वागत किया। इस समारोह में स्टार धाविका विथ्या रामराज और महिला क्रिकेट टीम की सदस्य जी. कमालिनी सहित कई एथलीट शामिल रहे, जिन्होंने देश के लिए पदक जीतकर तमिलनाडु का नाम रोशन किया।
समारोह का माहौल
स्टेडियम में ढोल-नगाड़ों की गूँज के बीच एथलीटों का उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। मंत्री आधव अर्जुन स्वयं मौके पर उपस्थित थे और उन्होंने प्रत्येक एथलीट को शॉल ओढ़ाकर, मुकुट और माला पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर खेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
विथ्या रामराज: तीन पदकों से पीटी उषा का रिकॉर्ड तोड़ा
इस समारोह की सबसे चमकती सितारा विथ्या रामराज रहीं, जिन्होंने एशियन गेम्स में तीन पदक अपने नाम किए। उन्होंने महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक, मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले में रजत पदक और महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक जीता। गौरतलब है कि उन्होंने इस दौरान पीटी उषा का दशकों पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा। स्वर्ण जीतने वाली 4×400 मीटर रिले टीम में विथ्या के साथ किरण पहल, एम. आर. पूवम्मा और प्राची चौधरी शामिल थीं। भारतीय टीम ने 29 सितंबर 2026 को 3 मिनट 29.69 सेकंड का समय निकालकर यह ऐतिहासिक स्वर्ण हासिल किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रामराज के स्वर्ण पदक जीतने पर उनके लिए ₹75 लाख की इनामी राशि की घोषणा की थी।
अन्य पदक विजेताओं का प्रदर्शन
जी. कमालिनी एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम का हिस्सा रहीं। बरनिका इलांगोवन ने महिला पोल वॉल्ट में कांस्य पदक अपने नाम किया। स्क्वैश में अभय सिंह ने एकल स्पर्धा में रजत पदक जीता, जबकि जोशना चिनप्पा और वेलवन सेंथिलकुमार ने मिक्स्ड डबल्स में कांस्य पदक हासिल किया।
तमिलनाडु के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि
एशियन गेम्स 2026 में तमिलनाडु के खिलाड़ियों ने ट्रैक एंड फील्ड, क्रिकेट और स्क्वैश जैसी विविध विधाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार खेल अवसंरचना और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है। सम्मान समारोह राज्य सरकार की ओर से एथलीटों को प्रोत्साहन देने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत है, और आने वाले खेल आयोजनों में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जगाता है।