विथ्या रामराज का एशियन गेम्स में तिहरा तमगा, धनुष ने मिलकर दी बधाई; PT उषा का 42 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु की धाविका विथ्या रामराज ने एशियन गेम्स में एक साथ तीन पदक जीतकर भारतीय एथलेटिक्स में नया इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिला 4×400 मीटर रिले में स्वर्ण, मिश्रित 4×400 मीटर रिले में रजत और महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया। इसी कांस्य पदक की दौड़ में उन्होंने 54.75 सेकंड का समय निकालकर दिग्गज भारतीय एथलीट पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया, जो उषा ने 1984 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में 55.42 सेकंड के साथ स्थापित किया था।
धनुष की मुलाकात और हौसलाअफजाई
विथ्या की इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने खेल जगत के साथ साथ फिल्म उद्योग का भी ध्यान खींचा। दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार धनुष ने विथ्या से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। यह मुलाकात विथ्या के लिए प्रेरणा का विशेष क्षण बनी और इसने उनकी उपलब्धि को और व्यापक पहचान दिलाई।
कमल हासन और सरकार का सम्मान
अभिनेता एवं राज्यसभा सांसद कमल हासन ने भी विथ्या रामराज को बधाई देते हुए कहा, "एक पीढ़ी की सबसे बड़ी उपलब्धि अगली पीढ़ी को और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।" उन्होंने विशेष रूप से 400 मीटर बाधा दौड़ में 54.75 सेकंड के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए पीटी उषा के रिकॉर्ड के टूटने को ऐतिहासिक बताया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भी इस जीत पर गर्व व्यक्त करते हुए विथ्या रामराज के लिए ₹75 लाख की इनामी राशि की घोषणा की। यह कदम दर्शाता है कि राज्य सरकार खिलाड़ियों की उपलब्धियों को किस हद तक महत्व देती है।
विथ्या की अपनी ज़ुबानी
विथ्या रामराज ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, "मैं बहुत खुश हूं। पिछली बार भी मैंने तीन पदक जीते थे लेकिन इस बार कुछ खास था। इस बार हमने स्वर्ण पदक जीता है। हमें इस पर बहुत गर्व है। मेरी वजह से राष्ट्रगान बजा। यह मेरे लिए गर्व का विषय था।" उन्होंने आगे कहा, "मैं राज्य सरकार, राज्य एसोसिएशन और अपने कोच को इसके लिए धन्यवाद देना चाहती हूं। इन सभी के सहयोग से ही हम सफलता हासिल कर सके हैं।"
क्यों है यह उपलब्धि ऐतिहासिक
गौरतलब है कि पीटी उषा का यह रिकॉर्ड चार दशकों से अधिक समय तक अटूट रहा था — यह किसी भी भारतीय एथलीट द्वारा इस श्रेणी में सबसे लंबे समय तक कायम रहे राष्ट्रीय रिकॉर्डों में से एक है। विथ्या का यह प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब भारत एशियन गेम्स में एथलेटिक्स में नई ऊँचाइयाँ छूने का प्रयास कर रहा है। एक ही प्रतियोगिता में तीन पदक और एक राष्ट्रीय रिकॉर्ड — यह संयोग भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में विरले ही देखने को मिला है।
देशभर से शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है और विथ्या रामराज आने वाली पीढ़ी की धाविकाओं के लिए एक नई प्रेरणा बन उभरी हैं।