यूईएफए चैंपियंस लीग: कोमो ने लेंस को 9-1 से रौंदा, किसी इटैलियन क्लब की सबसे बड़ी जीत
सारांश
मुख्य बातें
कोमो ने 5 नवंबर 2026 को यूईएफए चैंपियंस लीग में लेंस को 9-1 के ऐतिहासिक अंतर से पराजित किया — यह किसी इटैलियन क्लब की इस प्रतिष्ठित यूरोपीय प्रतियोगिता में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इस नतीजे ने कोमो के पहले चैंपियंस लीग अभियान में चार मैचों में तीसरी जीत दर्ज कराई और लीग स्टैंडिंग में उनकी स्थिति और मज़बूत कर दी।
मुख्य घटनाक्रम
मेहमान टीम कोमो ने मैच की शुरुआत से ही लेंस पर दबाव बनाए रखा। डौविकास ने 7वें मिनट में पहला गोल दागकर स्कोरिंग का आगाज़ किया और फिर 32वें मिनट में अपना दूसरा गोल जड़कर बढ़त को दोगुना कर दिया। निको पाज ने हाफटाइम से महज आठ मिनट पहले स्कोर 3-0 कर दिया।
दूसरे हाफ में भी कोमो की आक्रामकता में कोई कमी नहीं आई। लुकास दा कुन्हा ने 47वें मिनट में 4-0 का स्कोर बनाया। इसके छह मिनट बाद मार्क-ओलिवर केम्पफ ने पाँचवाँ गोल किया। सब्स्टीट्यूट माटिया लिबेराली ने 62वें मिनट में छठा गोल दागा।
रूबेन एगुइलर ने 65वें मिनट में लेंस के लिए एकमात्र सांत्वना गोल किया, जिससे घरेलू दर्शकों को क्षणभर जश्न का मौका मिला। लेकिन मार्टिन बटुरिना ने चार मिनट के भीतर कोमो की 6 गोल की बढ़त वापस दिला दी। डेब्यू कर रहे माटेओ पापासिओली ने स्टॉपेज टाइम में नौवाँ गोल जड़कर शानदार स्कोरलाइन को पूरा किया।
व्यक्तिगत प्रदर्शन
निको पाज की भूमिका इस मैच में सबसे अहम रही — उन्होंने एक गोल के साथ दो असिस्ट भी किए। माटिया लिबेराली ने भी एक गोल और दो असिस्ट के साथ उनका पूरा साथ दिया। डेब्यूटेंट माटेओ पापासिओली का स्टॉपेज टाइम गोल इस शानदार जीत का यादगार समापन बना।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड
9 गोल करने के साथ कोमो 1971 में फेयेनूर्ड के ओलंपियाकोस के विरुद्ध 9 गोल दागने के बाद यूरोप की इस शीर्ष क्लब प्रतियोगिता में एक ही मैच में अवेे (घर से बाहर) 9 गोल करने वाली पहली टीम बन गई। यह उपलब्धि पाँच दशकों से भी अधिक समय बाद हासिल की गई।
1992 में टूर्नामेंट के आधुनिक स्वरूप को अपनाने के बाद से एक ही चैंपियंस लीग मैच में 9 गोल करने वाली कोमो दूसरी टीम बनी। यह उपलब्धि इससे पहले केवल बायर्न म्यूनिख ने हासिल की थी, जिन्होंने 2024 में लीग फेज के दौरान डिनामो जाग्रेब को 9-2 से हराया था। गौरतलब है कि कोमो की 8 गोल की जीत के अंतर ने उन्हें लिवरपूल (2007 में बेसिकटास के खिलाफ 8-0) और रियल मैड्रिड (2015 में माल्मो के खिलाफ 8-0) के बराबर भी ला खड़ा किया।
क्या होगा आगे
इस जीत के साथ कोमो चैंपियंस लीग स्टैंडिंग में और ऊपर चढ़ गई है और अपने पहले ही यूरोपीय अभियान में नॉकआउट दौर की प्रबल दावेदार बन गई है। यह ऐसे समय में आया है जब इटैलियन फुटबॉल यूरोप में अपनी पुरानी धमक वापस पाने की कोशिश कर रहा है।