एशियन गेम्स 2026: एलावेनिल वलारिवन ने जीते 2 सिल्वर मेडल, गुजरात सरकार ने ₹1.33 करोड़ से नवाजा
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात की स्टार राइफल शूटर एलावेनिल वलारिवन ने एशियन गेम्स 2026 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल की व्यक्तिगत और टीम स्पर्धा में दो सिल्वर मेडल जीतकर भारत और गुजरात का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊँचा किया है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को राज्य सरकार ने 'स्पोर्ट्स टैलेंट अवॉर्ड स्कीम' के तहत ₹1.33 करोड़ के सम्मान से पुरस्कृत किया है।
पुरस्कार और सरकारी प्रोत्साहन
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने एलावेनिल को 'स्पोर्ट्स टैलेंट अवॉर्ड स्कीम' के तहत ₹1.33 करोड़ का चेक प्रदान कर सम्मानित किया। इससे पहले भी राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें ₹74 लाख की आर्थिक सहायता मिल चुकी है। इस प्रकार राज्य सरकार ने एलावेनिल के करियर में कुल ₹2.07 करोड़ से अधिक का योगदान दिया है।
एलावेनिल ने कहा, 'मैं खिलाड़ियों को न केवल शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से सशक्त करने वाली योजनाओं के लिए सरकार और विशेष रूप से राज्य सरकार की बहुत आभारी हूं। जो भी योजनाएं आ रही हैं उन्हें देखते हुए मैं निश्चित तौर पर यह कह सकती हूं कि भारत एक स्पोर्टिंग नेशन के रूप में पहचान बनाने की तरफ बढ़ रहा है।'
करियर का सफर: 2012 से एशियन गेम्स तक
एलावेनिल का राइफल शूटिंग से परिचय 2012 में 8वीं कक्षा के दौरान हुआ था। स्कूल स्तर पर पहले ब्रॉन्ज मेडल ने उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी और धीरे-धीरे उन्होंने इसे अपना पेशेवर करियर बना लिया। अब तक वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 40 से अधिक मेडल जीत चुकी हैं।
उनके पिता आर. वलारिवन ने बताया, '2012 में 8वीं कक्षा में ही उसने शूटिंग में अपना करियर शुरू किया था। सबसे पहले स्कूल स्तर पर उसने ब्रॉन्ज मेडल जीता, जिसने उन्हें आगे खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। इंटरनेशनल लेवल पर उसने लगभग 46 मेडल हासिल किए हैं।'
परिवार और सरकारी योजनाओं की भूमिका
एलावेनिल की माँ सरोजा वलारिवन ने गुजरात सरकार की खेल-प्रोत्साहन नीतियों की सराहना करते हुए कहा, 'गुजरात सरकार DLSS, खेल महाकुंभ और शक्तिदूत जैसी स्पोर्ट्स प्रमोशन स्कीम्स के माध्यम से राज्य में खिलाड़ियों को ट्रेनिंग और अत्याधुनिक खेल सुविधाएं देने पर विशेष ध्यान दे रही है। इसी वजह से एलावेनिल जैसे खिलाड़ी उभरकर सामने आ रहे हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब देश में खेल बुनियादी ढाँचे को लेकर जमीनी स्तर पर निवेश बढ़ाने की माँग तेज हो रही है। गुजरात का मॉडल इस दिशा में एक संभावित उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
गुजरात खेल प्राधिकरण की योजनाएँ
गुजरात खेल प्राधिकरण (गांधीनगर) के सहायक निदेशक अमित गामित ने बताया कि 'डिस्ट्रिक्ट लेवल स्पोर्ट्स स्कूल' (DLSS) योजना के तहत राज्य सरकार हर खिलाड़ी पर कुल ₹1.5 लाख खर्च करती है। एकेडमी स्कीम के अंतर्गत चुने जाने वाले खिलाड़ियों पर लगभग ₹3 लाख व्यय किए जाते हैं। इसके अलावा 'स्पोर्ट्स टैलेंट अवॉर्ड' योजना में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ₹5,000 से ₹5 करोड़ तक की राशि प्रदान की जाती है।
आगे की राह
एशियन गेम्स में दो सिल्वर मेडल के बाद एलावेनिल की निगाहें अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर टिकी हैं। राज्य और केंद्र सरकार के बढ़ते समर्थन के साथ, वे युवा निशानेबाजों के लिए एक प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं और भारतीय शूटिंग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखती हैं।