इंग्लैंड का पाकिस्तान पर 3-0 क्लीन स्वीप, रूट ने मैकुलम-स्टोक्स को दिया श्रेय
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड ने एजबेस्टन, बर्मिंघम में खेले गए तीसरे टेस्ट में पाकिस्तान को 8 विकेट से हराकर सीरीज़ में 3-0 से क्लीन स्वीप पूरा कर लिया। कप्तान जो रूट ने इस ऐतिहासिक जीत का श्रेय पूर्व कोच ब्रेंडन मैकुलम और पूर्व कप्तान बेन स्टोक्स द्वारा रची गई खेल संस्कृति को दिया। इस सीरीज़ के लिए कप्तानी की कमान दोबारा संभालने वाले रूट ने स्पष्ट किया कि टीम का मौजूदा शानदार प्रदर्शन उसी नींव का विस्तार है जो मैकुलम-स्टोक्स जोड़ी ने अपने कार्यकाल में रखी थी।
मैच का पूरा लेखा-जोखा
पाकिस्तान पहली पारी में महज़ 133 रन पर सिमट गया, जबकि इंग्लैंड ने जवाब में 453 रन खड़े कर 320 रन की भारी बढ़त बना ली। दूसरी पारी में मेहमान टीम ने 449 रन बनाए, लेकिन इंग्लैंड के सामने जीत के लिए सिर्फ़ 130 रन का लक्ष्य आया। मेज़बान टीम ने यह लक्ष्य मात्र 24.2 ओवरों में हासिल कर लिया।
रूट-कॉक्स की अटूट साझेदारी ने पलटा पासा
इंग्लैंड की दूसरी पारी की शुरुआत बेहद खराब रही — पहले ही ओवर में 2 रन पर 2 विकेट गिर गए। इसके बाद रूट ने नाबाद 62 रन और जॉर्डन कॉक्स ने नाबाद 59 रन की पारी खेली। दोनों के बीच 128 रनों की अटूट साझेदारी ने टीम को आसान जीत दिला दी। दो जल्दी विकेट गिरने के बावजूद इन दोनों बल्लेबाज़ों ने किसी भी तरह के दबाव को बेअसर कर दिया।
रूट ने मैकुलम-स्टोक्स की विरासत को सराहा
जीत के बाद रूट ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि हम उस तरह से खेल पाते जैसा हमने खेला है, अगर ब्रेंडन (मैकुलम) ने कोच के तौर पर और बेन (स्टोक्स) ने कप्तान के तौर पर काम न किया होता। यह उससे पहले हुई सभी चीजों का ही सिलसिला और थोड़ा-सा विकास है।” रूट ने आगे जोड़ा कि टीम इस बेहतरीन ग्रीष्मकालीन सीज़न की सफलता को और आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
रजाउल्लाह की तूफ़ानी पारी ने मुश्किलें खड़ी कीं
पाकिस्तान की दूसरी पारी में युवा ऑलराउंडर रजाउल्लाह ने 63 गेंदों पर 9 छक्कों की मदद से 81 रन ठोककर इंग्लैंड की गेंदबाज़ी को चुनौती दी। इसके अलावा शान मसूद (95 रन), बाबर आज़म (76 रन) और आज़म ओवैस (59 रन) ने भी अहम योगदान दिया। रूट ने स्वीकार किया कि मैच से पहले रजाउल्लाह के बारे में टीम के पास ज़्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाज़ी ने फील्ड प्लेसमेंट को बेहद कठिन बना दिया। रूट ने कहा, “उन्होंने कुछ शानदार शॉट खेले... मुझे समझ नहीं आ रहा कि उन्हें कोई चोट कैसे नहीं लगी; वह इतनी ज़ोर से स्विंग कर रहे थे।”
अंतरिम कोच ट्रेस्कोथिक की भूमिका
रूट ने सीरीज़ के दौरान अंतरिम कोच मार्कस ट्रेस्कोथिक के योगदान को भी ख़ास तौर पर रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “जब आपको पता हो कि यह कोई लंबी अवधि की भूमिका नहीं है, तो यह आसान काम नहीं होता। भविष्य की ओर देखने और इस ग्रुप पर अपना प्रभाव डालने का उनका तालमेल जबरदस्त रहा है।” गौरतलब है कि ट्रेस्कोथिक ने मैकुलम की जगह अंतरिम भूमिका में आकर टीम की लय को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह क्लीन स्वीप इंग्लैंड के घरेलू सीज़न को शानदार समापन देता है। अब नज़रें आगामी विंटर टूर पर होंगी, जहाँ इस सफल फ़ॉर्मूले की असली परीक्षा उपमहाद्वीपीय और ऑस्ट्रेलियाई परिस्थितियों में होगी।