क्या इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करना किसी जीत से कम है? - ज्वाला सिंह

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क्या इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करना किसी जीत से कम है? - ज्वाला सिंह

सारांश

क्या इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करना वाकई जीत के बराबर है? ज्वाला सिंह की राय में, यह एक बड़ी उपलब्धि है। जानिए इस ऐतिहासिक मुकाबले के बारे में और ज्वाला सिंह के विचारों को।

मुख्य बातें

भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज 2-2 से बराबरी की।
ज्वाला सिंह ने टीम की सराहना की।
पांचवें टेस्ट में भारत की जीत महत्वपूर्ण थी।
टीम के प्रदर्शन में सुधार हुआ है।
इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करना एक बड़ी उपलब्धि है।

लंदन, 4 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ केनिंग्टन ओवल में खेले गए रोमांचक मुकाबले को छह रन से अपने नाम करते हुए सीरीज 2-2 से बराबरी पर खत्म की। इस जीत से यशस्वी जायसवाल के बचपन के कोच ज्वाला सिंह बेहद खुश हैं। उनका मानना है कि इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करना किसी जीत से कम नहीं।

ज्वाला सिंह ने 'राष्ट्र प्रेस' से कहा, "जिस तरह से इंग्लैंड ने बल्लेबाजी की, संशय था कि कहीं इंग्लैंड इस स्कोर को चेज न कर ले, लेकिन पांचवें दिन भारत ने जीत दर्ज कर ली। जब टीम का सेलेक्शन हुआ, तब शुभमन गिल को कप्तानी सौंपने को लेकर सवाल उठाए गए थे। उनकी फॉर्म को लेकर सवाल उठाए गए। खिलाड़ियों पर भी सवाल खड़े हुए थे।"

ज्वाला सिंह ने 'गिल एंड कंपनी' की सराहना करते हुए कहा, "मुझे लगता है कि यह टीम साल 2007 के बाद इंग्लैंड में सीरीज खेलने वाली सबसे शानदार टीम है। यह शानदार सीरीज रही। हमने सभी पांच मुकाबलों में डॉमिनेट किया। पहला टेस्ट हम जीत सकते थे। दूसरा मैच हम जीते। तीसरा मैच बेहद नजदीकी रहा। चौथे टेस्ट की दूसरी पारी में हमने जिस तरह बल्लेबाजी की, उसने दिखाया कि टीम इंडिया की स्ट्रेंथ कैसी है। मुकाबले के पांचवें दिन बेहद नजदीक मामला था। वहां हमने जीत दर्ज की। भारतीय टीम और पूरे देश को बधाई। इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करना किसी जीत से कम नहीं।

लंदन में खेले गए मुकाबले की बात करें, तो पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 224 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड ने 247 रन बनाते हुए 23 रन की मामूली बढ़त हासिल की।

टीम इंडिया ने दूसरी पारी में 396 रन बनाते हुए इंग्लैंड को जीत के लिए 374 रन का टारगेट दिया, लेकिन इसके जवाब में मेजबान टीम 367 रन पर सिमट गई।

इंग्लैंड ने सीरीज का पहला मैच पांच विकेट से अपने नाम किया था, जिसके बाद टीम इंडिया ने 336 रन से दूसरा टेस्ट जीता।

इंग्लैंड ने इस बराबरी को खत्म करते हुए तीसरा टेस्ट 22 रन से जीता, जबकि चौथा मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। ऐसे में पांचवां मैच निर्णायक बन चुका था, जिसे भारत ने अपने नाम करते हुए सीरीज में बराबरी कर ली।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करने का क्या महत्व है?
इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करना भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो टीम के विकास और संघर्ष को दर्शाता है।
ज्वाला सिंह का इस पर क्या कहना है?
ज्वाला सिंह मानते हैं कि इंग्लैंड में सीरीज ड्रॉ करना जीत के बराबर है और यह भारतीय टीम की ताकत को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस